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Uttarkashi News: एक वर्ष पूर्व मोबाइल टावर लगाकर भूला बीएसएनएल
Wed, 12 Nov 2025 07:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 12 Nov 2025 07:08 PM IST
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वरुणाघाटी में गत वर्ष लगाए गए थे तीन टावर
उत्तरकाशी। वरुणाघाटी में भारतीय संचार निगम लिमिटेड की ओर से गत वर्ष क्षेत्र में तीन मोबाइल टावर लगाए गए थे लेकिन उनका अभी तक संचालन नहीं हो पाया है। दूसरी ओर क्षेत्र में करीब 15 वर्ष पूर्व टावर का एक भी दिन संचालन नहीं हो पाया है। जनपद मुख्यालय से महज छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्रामीण आज के तकनीकी युग में मोबाइल नेटवर्क जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन-प्रशासन को लिखित शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
स्थानीय निवासी अंकित नेगी, आनंद पंवार ने कहा कि वरुणाघाटी जनपद मुख्यालय से महज छह किमी की दूरी पर स्थित है। उसके बावजूद इस क्षेत्र के करीब दस गांव के लोग मोबाइल नेटवर्क से वंचित है। बीएसएनएल की ओर से करीब एक वर्ष पूर्व ऊपरीकोट, कंवा, लटुड़गांव में तीन मोबाइल टावर लगाए गए थे लेकिन उनका संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
दूसरी ओर बीएसएनएल की ओर से ज्ञाणजा गांव में करीब 15 वर्ष पूर्व एक टावर लगाया गया था लेकिन उसका संचालन आज तक शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि घाटी के निचले गांव में किसी प्रकार से निजी कंपनियों के मोबाइल नेटवर्क बहुत कम कार्य करते हैं लेकिन कवां एट हाली से ऊपर के करीब छह गांव में नेटवर्क सेवा पूरी तरह बाधित है। जिला महामंत्री भाजपा महावीर नेगी ने कहा कि इस संबंध में बीएसएनएल के उच्च अधिकारियों से मुलाकात की गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश के सभी नए टावर एक साथ शुरू किया जाएंगे।
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उत्तरकाशी। वरुणाघाटी में भारतीय संचार निगम लिमिटेड की ओर से गत वर्ष क्षेत्र में तीन मोबाइल टावर लगाए गए थे लेकिन उनका अभी तक संचालन नहीं हो पाया है। दूसरी ओर क्षेत्र में करीब 15 वर्ष पूर्व टावर का एक भी दिन संचालन नहीं हो पाया है। जनपद मुख्यालय से महज छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्रामीण आज के तकनीकी युग में मोबाइल नेटवर्क जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन-प्रशासन को लिखित शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
स्थानीय निवासी अंकित नेगी, आनंद पंवार ने कहा कि वरुणाघाटी जनपद मुख्यालय से महज छह किमी की दूरी पर स्थित है। उसके बावजूद इस क्षेत्र के करीब दस गांव के लोग मोबाइल नेटवर्क से वंचित है। बीएसएनएल की ओर से करीब एक वर्ष पूर्व ऊपरीकोट, कंवा, लटुड़गांव में तीन मोबाइल टावर लगाए गए थे लेकिन उनका संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
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दूसरी ओर बीएसएनएल की ओर से ज्ञाणजा गांव में करीब 15 वर्ष पूर्व एक टावर लगाया गया था लेकिन उसका संचालन आज तक शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि घाटी के निचले गांव में किसी प्रकार से निजी कंपनियों के मोबाइल नेटवर्क बहुत कम कार्य करते हैं लेकिन कवां एट हाली से ऊपर के करीब छह गांव में नेटवर्क सेवा पूरी तरह बाधित है। जिला महामंत्री भाजपा महावीर नेगी ने कहा कि इस संबंध में बीएसएनएल के उच्च अधिकारियों से मुलाकात की गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश के सभी नए टावर एक साथ शुरू किया जाएंगे।
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