{"_id":"17-78449","slug":"Uttar-Kashi-78449-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी बीमा कंपनी खोलने पर तीन साल की सजा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी बीमा कंपनी खोलने पर तीन साल की सजा
Uttar Kashi
Updated Sun, 19 Oct 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
उत्तरकाशी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने फर्जी जीवन बीमा कंपनी खोलने के मामले में एक व्यक्ति को तीन साल के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
9 अगस्त 2009 को अबीवा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक पंकज बधानी ने थाना कोतवाली में राहुल शर्मा पुत्र ललिता प्रसाद शर्मा निवासी कुमारखेड़ा थाना नरेंद्रनगर (टिहरी गढ़वाल) के खिलाफ उत्तरकाशी में अबीवा इंश्योरेंस के नाम से फर्जी कंपनी खोलकर कुछ लोगों को नियुक्ति देने की शिकायत की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भादंसं की धारा 420, 466, 467, 468, 471 और कॉपी राइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
मामले में शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण बोहरा की अदालत में सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद जगूड़ी ने 16 गवाह पेश किए। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
9 अगस्त 2009 को अबीवा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक पंकज बधानी ने थाना कोतवाली में राहुल शर्मा पुत्र ललिता प्रसाद शर्मा निवासी कुमारखेड़ा थाना नरेंद्रनगर (टिहरी गढ़वाल) के खिलाफ उत्तरकाशी में अबीवा इंश्योरेंस के नाम से फर्जी कंपनी खोलकर कुछ लोगों को नियुक्ति देने की शिकायत की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भादंसं की धारा 420, 466, 467, 468, 471 और कॉपी राइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
विज्ञापन
मामले में शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण बोहरा की अदालत में सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद जगूड़ी ने 16 गवाह पेश किए। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ब्यूरो
विज्ञापन