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धरातल पर काम किए बगैर ठिकाने लगाया जा रहा है सरकारी बजट
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नौगांव (उत्तरकाशी)। जिले में मनरेगा समेत विभिन्न योजनाओं में धरातल पर काम किए बगैर सरकारी बजट ठिकाने लगाने का मामला सामने आया है। नौगांव विकासखंड के अंतर्गत कोटी ठकराल गांव में करीब 12 लाख रुपये के कार्य धरातल पर नहीं होने की पुष्टि एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में की है। एसडीएम ने मनरेगा एवं राज्य वित्त से हुए कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठित की है। साथ ही उक्त गांव में हुए कार्यों का भुगतान फिलहाल रोकने की संस्तुति भी की है।
नौगांव प्रखंड के कोटी ठकराल गांव में बीते दिनों गजेंद्र सिंह, अतोल सिंह, इंद्र सिंह, टीकम सिंह आदि ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर गांव में मनरेगा और राज्य वित्त से हुए कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत करके जांच की मांग की थी। 11 फरवरी को एसडीएम बड़कोट अनुराग आर्य ने कोटी गांव पहुंचकर मनरेगा में कराए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। सीडीओ को प्रेषित जांच रिपोर्ट में एसडीएम ने स्पष्ट किया कि गांव में मनरेगा के तहत करीब बारह लाख रुपये लागत से स्वीकृत कार्य धरातल पर नहीं पाए गए। एसडीएम ने इसके लिए ग्राम प्रधान, मनरेगा के कनिष्ठ अभियंता एवं क्षेत्रीय ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत की ओर इशारा करते हुए इसे गंभीर अपराध बताया । उन्होंने इस मामले में जांच के लिए तहसीलदार बड़कोट, खंड विकास अधिकारी नौगांव एवं पीएमजीएसवाई के एई की कमेटी गठित की और जांच के आदेश दिए। जांच होने तक उक्त गांव में मनरेगा एवं राज्य वित्त के तहत हुए कार्यों का भुगतान रोकने की संस्तुति भी की है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की अनियमितताएं अधिकांश गांवों में हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के इस गोरखधंधे में शामिल होने के कारण इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
कोट...........
एसडीएम द्वारा की गई प्राथमिक जांच में गड़बड़ी सामने आयी है। इस मामले की तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं। इसमें पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो दोषियों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज होंगे। जांच होने तक भुगतान पर रोक के लिए डीडीओ को निर्देशित किया गया है।
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प्रशांत आर्य, सीडीओ उत्तरकाशी।
नौगांव प्रखंड के कोटी ठकराल गांव में बीते दिनों गजेंद्र सिंह, अतोल सिंह, इंद्र सिंह, टीकम सिंह आदि ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर गांव में मनरेगा और राज्य वित्त से हुए कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत करके जांच की मांग की थी। 11 फरवरी को एसडीएम बड़कोट अनुराग आर्य ने कोटी गांव पहुंचकर मनरेगा में कराए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। सीडीओ को प्रेषित जांच रिपोर्ट में एसडीएम ने स्पष्ट किया कि गांव में मनरेगा के तहत करीब बारह लाख रुपये लागत से स्वीकृत कार्य धरातल पर नहीं पाए गए। एसडीएम ने इसके लिए ग्राम प्रधान, मनरेगा के कनिष्ठ अभियंता एवं क्षेत्रीय ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत की ओर इशारा करते हुए इसे गंभीर अपराध बताया । उन्होंने इस मामले में जांच के लिए तहसीलदार बड़कोट, खंड विकास अधिकारी नौगांव एवं पीएमजीएसवाई के एई की कमेटी गठित की और जांच के आदेश दिए। जांच होने तक उक्त गांव में मनरेगा एवं राज्य वित्त के तहत हुए कार्यों का भुगतान रोकने की संस्तुति भी की है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की अनियमितताएं अधिकांश गांवों में हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के इस गोरखधंधे में शामिल होने के कारण इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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कोट...........
एसडीएम द्वारा की गई प्राथमिक जांच में गड़बड़ी सामने आयी है। इस मामले की तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं। इसमें पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो दोषियों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज होंगे। जांच होने तक भुगतान पर रोक के लिए डीडीओ को निर्देशित किया गया है।
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प्रशांत आर्य, सीडीओ उत्तरकाशी।