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नववर्ष के जश्न के लिए पहुंचे पर्यटकों के स्वागत के लिए प्रशासन ने नहीं की कोई तैयारी
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उत्तरकाशी। ताजा बर्फबारी के बाद खिली धूप से निखरे हिमाच्छादित पर्यटन स्थलों के बीच नववर्ष का स्वागत करने के लिए देश विदेश के पर्यटकों ने जिले का रुख करना शुरू कर दिया है, जिससे यात्रा के बाद से विरान पड़े गंगा व यमुना घाटी के होटल व गेस्ट हाउस एक बार फिर से गुलजार होने लगे हैं।
नए साल के जश्न के लिए गंगा व यमुनाघाटी के होटलों सहित जीएमवीएन के करीब 60 प्रतिशत गेस्ट हाउस की भी एडवांस बुकिंग हो चुकी है। होटल कारोबारी संजय पंवार ने बताया कि हर्षिल आदि स्थानों में पहुंचने वाले पर्यटकों के मनोरंजन के लिए होटल कारोबारियों ने अपने स्तर पर ही थोड़े बहुत इंतजाम किए हैं, जबकि इस समय प्रशासन को बोटिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइकिलिंग आदि गतिविधियों का आयोजन करना चाहिए था, जिससे पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होती। उन्होंने कहा कि जोखिमभरी सड़कों सहित इंटरनेट, बाधित विद्युत आपूर्ति आदि दिक्कतें होने से कई पर्यटक यहां आने के बजाय मसूरी, शिमला आदि स्थानों पर जश्न मनाना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में अगर प्रशासन बुनियादी सुविधाएं तैयार कर नियमित रूप से पर्यटन आधारित गतिविधियों को संचालित करे, तो शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। जिला पर्यटन अधिकारी प्रकाश खत्री का कहना है कि विभाग द्वारा पर्यटकों को लुभाने के लिए 31 दिसंबर की रात को जोशियाड़ा बैराज झील किनारे सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। हर्षिल आदि पर्यटन स्थलों पर माघ मेले के दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएगी।
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नए साल के जश्न के लिए गंगा व यमुनाघाटी के होटलों सहित जीएमवीएन के करीब 60 प्रतिशत गेस्ट हाउस की भी एडवांस बुकिंग हो चुकी है। होटल कारोबारी संजय पंवार ने बताया कि हर्षिल आदि स्थानों में पहुंचने वाले पर्यटकों के मनोरंजन के लिए होटल कारोबारियों ने अपने स्तर पर ही थोड़े बहुत इंतजाम किए हैं, जबकि इस समय प्रशासन को बोटिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइकिलिंग आदि गतिविधियों का आयोजन करना चाहिए था, जिससे पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होती। उन्होंने कहा कि जोखिमभरी सड़कों सहित इंटरनेट, बाधित विद्युत आपूर्ति आदि दिक्कतें होने से कई पर्यटक यहां आने के बजाय मसूरी, शिमला आदि स्थानों पर जश्न मनाना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में अगर प्रशासन बुनियादी सुविधाएं तैयार कर नियमित रूप से पर्यटन आधारित गतिविधियों को संचालित करे, तो शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। जिला पर्यटन अधिकारी प्रकाश खत्री का कहना है कि विभाग द्वारा पर्यटकों को लुभाने के लिए 31 दिसंबर की रात को जोशियाड़ा बैराज झील किनारे सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। हर्षिल आदि पर्यटन स्थलों पर माघ मेले के दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएगी।
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