{"_id":"5afc67ef4f1c1b195e8b5003","slug":"15264911141916-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बनाल संघर्ष समिति ने दी 16 जून से आमरण अनशन करने की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनाल संघर्ष समिति ने दी 16 जून से आमरण अनशन करने की चेतावनी
Updated Wed, 16 May 2018 10:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़कोट। बनाल संघर्ष समिति ने स्वीकृति के बाद भी अधर में लटकी आधा दर्जन से अधिक योजनाओं का जल्द निर्माण नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने शीघ्र कार्रवाई नहीं होने से 16 से अनशन की चेतावनी दी है।
बुधवार को तहसील मुख्यालय में सांकेतिक धरना देते हुए संघर्ष समिति के सदस्यों ने शासन-प्रशासन पर बनाल क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया। संगठन के अध्यक्ष एवं कांडा गांव के प्रधान पवन पंवार ने कहा कि क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक योजनाएं वित्तीय स्वीकृति आदि कारणों से लंबित पड़ी हुई है। वहीं बड़कोट-पौंटी, गडोली-राजगढ़ी तथा कुड़-कोटला मोटर मार्गों का डामरीकरण एवं कटान कराने सहित बिगराड़ी-सिसाला मोटर मार्ग, ब्याली-अरुण मोटर मार्ग व गडोली-सुनाल्डी मोटर मार्ग की स्वीकृति एवं निविदा जारी करने की मांग की। संगठन ने 15 जून तक समस्याएं हल नहीं होने पर 16 से अनशन की चेतावनी दी है। इस मौके पर संगठन के सुरेंद्र रावत, लायवर सिंह, रकम सिंह, गुरुदेव सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बुधवार को तहसील मुख्यालय में सांकेतिक धरना देते हुए संघर्ष समिति के सदस्यों ने शासन-प्रशासन पर बनाल क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया। संगठन के अध्यक्ष एवं कांडा गांव के प्रधान पवन पंवार ने कहा कि क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक योजनाएं वित्तीय स्वीकृति आदि कारणों से लंबित पड़ी हुई है। वहीं बड़कोट-पौंटी, गडोली-राजगढ़ी तथा कुड़-कोटला मोटर मार्गों का डामरीकरण एवं कटान कराने सहित बिगराड़ी-सिसाला मोटर मार्ग, ब्याली-अरुण मोटर मार्ग व गडोली-सुनाल्डी मोटर मार्ग की स्वीकृति एवं निविदा जारी करने की मांग की। संगठन ने 15 जून तक समस्याएं हल नहीं होने पर 16 से अनशन की चेतावनी दी है। इस मौके पर संगठन के सुरेंद्र रावत, लायवर सिंह, रकम सिंह, गुरुदेव सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन