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Uttarkashi News: गंगोत्री हाईवे से उत्तरौं गांव को जोड़ने वाली सड़क बदहाल
Thu, 03 Sep 2026 06:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 03 Sep 2026 06:40 PM IST
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सड़क का 150 मीटर हिस्सा बदहाल होने से लोग परेशान
उत्तरकाशी। गंगोत्री हाईवे से उत्तरौं गांव को जोड़ने वाली करीब 150 मीटर सड़क बदहाल होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लिए बनी सड़क काफी पुरानी है लेकिन इसका एक हिस्सा लंबे समय से खराब पड़ा है। पीएमजीएसवाई सड़क के सुधारीकरण को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
उत्तरौं गांव के ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह चौहान, रविंद्र सिंह राणा, जगमोहन सिंह, कमल सिंह, नत्थी राणा ने बताया कि यह सड़क वर्तमान पीएमजीएसवाई मार्ग से जुड़ी हुई है और क्षेत्र के लोग लंबे समय से इसका इस्तेमाल करते आ रहे हैं। बावजूद इसके 150 मीटर हिस्से के निर्माण, भूमि स्वामित्व और विभागीय स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से राजस्व और पीएमजीएसवाई विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही राजस्व एवं विभागीय अभिलेखों की जांच कर सड़क की भूमि और विभागीय दर्जा स्पष्ट करने की मांग की है। इस संबंध में पीएमजीएसवाई के ईई से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया।
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उत्तरकाशी। गंगोत्री हाईवे से उत्तरौं गांव को जोड़ने वाली करीब 150 मीटर सड़क बदहाल होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लिए बनी सड़क काफी पुरानी है लेकिन इसका एक हिस्सा लंबे समय से खराब पड़ा है। पीएमजीएसवाई सड़क के सुधारीकरण को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
उत्तरौं गांव के ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह चौहान, रविंद्र सिंह राणा, जगमोहन सिंह, कमल सिंह, नत्थी राणा ने बताया कि यह सड़क वर्तमान पीएमजीएसवाई मार्ग से जुड़ी हुई है और क्षेत्र के लोग लंबे समय से इसका इस्तेमाल करते आ रहे हैं। बावजूद इसके 150 मीटर हिस्से के निर्माण, भूमि स्वामित्व और विभागीय स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से राजस्व और पीएमजीएसवाई विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही राजस्व एवं विभागीय अभिलेखों की जांच कर सड़क की भूमि और विभागीय दर्जा स्पष्ट करने की मांग की है। इस संबंध में पीएमजीएसवाई के ईई से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया।
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