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गंगोरी बेली ब्रिज के नट बोल्ट ढीले होने से प्रभावित हो रहा है यात्रा ट्रैफिक
Updated Tue, 15 May 2018 10:48 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगोरी बेली ब्रिज के ढीले हो रहे नट बोल्टों को कसने के लिए रोजाना ट्रैफिक रोके जाने से स्थानीय लोगों के साथ ही चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां असी गंगा नदी पर बना वैकल्पिक रास्ता डीएम के आदेश के बावजूद दुरुस्त नहीं किया गया है।
करीब साढ़े तीन माह के अंतराल में गंगोरी बेली ब्रिज दो बार धराशायी होने के बाद बीआरओ द्वारा तैयार नए बेली ब्रिज के प्रति भी लोगों में अविश्वास बना हुआ है। रोजाना दो से तीन घंटे पुल पर ट्रैफिक रोक कर ढीले हुए नट बोल्ट कसे जाने से यह अविश्वास और गहरा रहा है। हालांकि इस दौरान ट्रैफिक असी गंगा में ह्यूम पाइप डालकर तैयार किए गए अस्थायी रास्ते से गुजारा जा रहा है, लेकिन यह रास्ता बदहाल होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में डीएम डा. आशीष चौहान ने नदी में बढ़ते पानी को देख यहां ह्यूम पाइप की संख्या बढ़ाकर रास्ते को कुछ और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने और दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। गंगोरी निवासी दिग्विजय नेगी, केशर सिंह आदि ने बताया कि गंगोरी बेली ब्रिज के ढीले हो रहे नट बोल्ट को कसने के लिए रोजाना ट्रैफिक को रोका जा रहा है। नदी में पानी बढ़ने पर जब नदी से गुजर रहा वैकल्पिक रास्ता बंद हो जाएगा, तब पुल पर ट्रैफिक रोकने का सीधा असर यात्रा पर पड़ेगा।
कोट...
नए बेली ब्रिज पर यातायात चलने पर शुरूआती कुछ महीनों तक नट बोल्ट ढीले होते हैं, जिन्हें रुटीन में कसा जाता है। इसके लिए ही कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोका जा रहा है। पुल में कोई तकनीकी खामी नहीं है। वैकल्पिक रास्ता भी शीघ्र दुरुस्त कराया जा रहा है।
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-मेजर सत्यजीत मोहंती, कमान अधिकारी बीआरओ।
करीब साढ़े तीन माह के अंतराल में गंगोरी बेली ब्रिज दो बार धराशायी होने के बाद बीआरओ द्वारा तैयार नए बेली ब्रिज के प्रति भी लोगों में अविश्वास बना हुआ है। रोजाना दो से तीन घंटे पुल पर ट्रैफिक रोक कर ढीले हुए नट बोल्ट कसे जाने से यह अविश्वास और गहरा रहा है। हालांकि इस दौरान ट्रैफिक असी गंगा में ह्यूम पाइप डालकर तैयार किए गए अस्थायी रास्ते से गुजारा जा रहा है, लेकिन यह रास्ता बदहाल होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में डीएम डा. आशीष चौहान ने नदी में बढ़ते पानी को देख यहां ह्यूम पाइप की संख्या बढ़ाकर रास्ते को कुछ और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने और दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। गंगोरी निवासी दिग्विजय नेगी, केशर सिंह आदि ने बताया कि गंगोरी बेली ब्रिज के ढीले हो रहे नट बोल्ट को कसने के लिए रोजाना ट्रैफिक को रोका जा रहा है। नदी में पानी बढ़ने पर जब नदी से गुजर रहा वैकल्पिक रास्ता बंद हो जाएगा, तब पुल पर ट्रैफिक रोकने का सीधा असर यात्रा पर पड़ेगा।
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कोट...
नए बेली ब्रिज पर यातायात चलने पर शुरूआती कुछ महीनों तक नट बोल्ट ढीले होते हैं, जिन्हें रुटीन में कसा जाता है। इसके लिए ही कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोका जा रहा है। पुल में कोई तकनीकी खामी नहीं है। वैकल्पिक रास्ता भी शीघ्र दुरुस्त कराया जा रहा है।
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-मेजर सत्यजीत मोहंती, कमान अधिकारी बीआरओ।