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जयंती की पूर्व संध्या पर वीरान पड़ा रहा भगवान दतात्रेय का प्राचीन मंदिर
Updated Sat, 02 Dec 2017 09:33 PM IST
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उत्तरकाशी। बाड़ाहाट नगर के भैरव चौक के समीप स्थित जीर्णशीर्ण प्राचीन मंदिर में भगवान दत्तात्रेय जयंती की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर वीरान पड़ा रहा।
मान्यता के अनुसार उत्तरकाशी में भी सदियों पूर्व प्राचीन पहाड़ी शैली में भगवान दत्तात्रेय का मंदिर बनाया गया था, जिसमें पुरी समाज के महंतों द्वारा पूजा अर्चना की जाती थी। वर्ष 1950 में मंदिर में मूर्ति चोरी हो गई थी, जिसके बाद से यहां पर पूजा कार्य बंद होने के साथ ही मंदिर को भुला दिया गया, जिसके बाद से ही मंदिर जर्जर होता चला गया। 88 वर्षीय गणपति पुरी के अनुसार महंत समुदाय, स्थानीय जनता व प्रशासन को मिलकर मंदिर को एक बार फिर से जीवित करना चाहिए। वहीं, उत्तरकाशी मंदिर जीर्णोधार समिति के अध्यक्ष अजय प्रकाश बडोला ने कहा कि यह दुख की बात है कि धार्मिक नगरी में ही एक प्राचीन महत्व के मंदिर को दुर्दशा से गुजरना पड़ रहा है।
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मान्यता के अनुसार उत्तरकाशी में भी सदियों पूर्व प्राचीन पहाड़ी शैली में भगवान दत्तात्रेय का मंदिर बनाया गया था, जिसमें पुरी समाज के महंतों द्वारा पूजा अर्चना की जाती थी। वर्ष 1950 में मंदिर में मूर्ति चोरी हो गई थी, जिसके बाद से यहां पर पूजा कार्य बंद होने के साथ ही मंदिर को भुला दिया गया, जिसके बाद से ही मंदिर जर्जर होता चला गया। 88 वर्षीय गणपति पुरी के अनुसार महंत समुदाय, स्थानीय जनता व प्रशासन को मिलकर मंदिर को एक बार फिर से जीवित करना चाहिए। वहीं, उत्तरकाशी मंदिर जीर्णोधार समिति के अध्यक्ष अजय प्रकाश बडोला ने कहा कि यह दुख की बात है कि धार्मिक नगरी में ही एक प्राचीन महत्व के मंदिर को दुर्दशा से गुजरना पड़ रहा है।