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जनपद के वन विभाग को पहली बार मिलेगी ट्रैंक्विलाइजर गन
Updated Wed, 01 Nov 2017 10:54 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगोत्री नेशनल पार्क और उत्तरकाशी वन प्रभागों को जल्द ही हाई टेक उपकरणों से लेस किया जाएगा। हाईटेक बनने की इस कड़ी में सबसे महत्वपूर्ण ट्रैंक्यूलाइजर गन (बेहोश करने वाली बंदूक) होगी। अभी तक यह गन कार्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व के अलावा चुनिंदा प्रभागों के पास ही थी। अब इसे सभी प्रभागों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा 30 कैमरा ट्रैप और गश्त में प्रयोग आने वाले वस्त्र व उपकरण भी शामिल किए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों को वन्य जीवों की सुरक्षा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में गश्त करने में सुविधा मिलेगी। विभागीय अधिकारियों द्वारा सिक्योर हिमालय प्रोजेक्ट के तहत इन सभी उपकरणों के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है।
यूनाईटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से चलाए जा रही सिक्योर हिमालय योजना के तहत यह सभी उपकरण मंगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य दुर्लभ हिम तेंदुए और उसके वास स्थल की सुरक्षा करना भी है। गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक श्रवण कुमार के अनुसार इस योजना में शोध और सुरक्षा दो अहम मुद्दे हैं, जिसके लिए वन कर्मियों को बेहतर और आधुनिक उपकरणों की जरूरत होती है। ट्रैंक्विलाइजर गन के इस्तेमाल के लिए कर्मचारियों को भारतीय वन्यजीव संस्थान से ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जीवों की निगरानी के लिए 30 कैमरा ट्रैप भी मांगे गए हैं, जिनमें से 10 कैमरे उत्तरकाशी और 20 कैमरे गंगोत्री वन प्रभाग को दिए जाएंगे।
यूनाईटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से चलाए जा रही सिक्योर हिमालय योजना के तहत यह सभी उपकरण मंगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य दुर्लभ हिम तेंदुए और उसके वास स्थल की सुरक्षा करना भी है। गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक श्रवण कुमार के अनुसार इस योजना में शोध और सुरक्षा दो अहम मुद्दे हैं, जिसके लिए वन कर्मियों को बेहतर और आधुनिक उपकरणों की जरूरत होती है। ट्रैंक्विलाइजर गन के इस्तेमाल के लिए कर्मचारियों को भारतीय वन्यजीव संस्थान से ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जीवों की निगरानी के लिए 30 कैमरा ट्रैप भी मांगे गए हैं, जिनमें से 10 कैमरे उत्तरकाशी और 20 कैमरे गंगोत्री वन प्रभाग को दिए जाएंगे।
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