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Uttarkashi News: मोबाइल में खुला किसानों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र
Thu, 27 Aug 2026 05:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 27 Aug 2026 05:42 PM IST
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चिन्यालीसौड़। पहाड़ की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच खेती करने वाले किसानों के लिए मोबाइल अब सिर्फ संचार का साधन नहीं बल्कि कृषि विशेषज्ञ की भूमिका भी निभा रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के किसान सारथी एप ने उत्तरकाशी के 20,568 किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से सीधे जोड़ दिया है।
वर्ष 2005 में चिन्यालीसौड़ में स्थापित जनपद के एकमात्र कृषि विज्ञान केंद्र ने अब तक किसानों को प्रशिक्षण और फील्ड परीक्षण के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ा है। केंद्र परिसर में किसानों, छात्रों और कर्मचारियों समेत करीब 1,500 लोगों को इन गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब डिजिटल तकनीक ने अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचा दिया है।
किसान सारथी एप के माध्यम से किसानों को पॉलीहाउस, कीवी उत्पादन, बागवानी, पशुपालन और फसल प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी मिल रही है। कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के वैज्ञानिक डा. कमल कुमार पांडेय ने बताया कि एप के जरिए किसानों को 24 घंटे खेती-किसानी, मौसम और फसल बीमा योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
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चिन्यालीसौड़। पहाड़ की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच खेती करने वाले किसानों के लिए मोबाइल अब सिर्फ संचार का साधन नहीं बल्कि कृषि विशेषज्ञ की भूमिका भी निभा रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के किसान सारथी एप ने उत्तरकाशी के 20,568 किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से सीधे जोड़ दिया है।
वर्ष 2005 में चिन्यालीसौड़ में स्थापित जनपद के एकमात्र कृषि विज्ञान केंद्र ने अब तक किसानों को प्रशिक्षण और फील्ड परीक्षण के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ा है। केंद्र परिसर में किसानों, छात्रों और कर्मचारियों समेत करीब 1,500 लोगों को इन गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब डिजिटल तकनीक ने अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचा दिया है।
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किसान सारथी एप के माध्यम से किसानों को पॉलीहाउस, कीवी उत्पादन, बागवानी, पशुपालन और फसल प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी मिल रही है। कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के वैज्ञानिक डा. कमल कुमार पांडेय ने बताया कि एप के जरिए किसानों को 24 घंटे खेती-किसानी, मौसम और फसल बीमा योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
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