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क्यार कोटी ट्रैक पर पुणे के एक ट्रैकर की मौत
Updated Thu, 14 Sep 2017 10:31 PM IST
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उत्तरकाशी। झाला से क्यार कोटी ट्रैक पर पुणे महाराष्ट्र के छह सदस्यों के दल में से एक ट्रैकर की मौत हो गई है, जिसके रेस्क्यू के लिए सेना, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम रवाना हो गई है। ट्रैक इनर लाइन के अंतर्गत बताया जा रहा है, जिसके लिए दल ने वन विभाग से अनुमति नहीं ली थी। जिस पर वन विभाग के अधिकारी भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
दरअसल चार सितंबर को पुणे के छह लोगों का ट्रैकर दल उत्तरकाशी पहुंचा। गंगोत्री धाम के दर्शन करने के बाद दल चार सितंबर शाम को झाला में रुका। इसके बाद पांच सितंबर को दल ने स्थानीय स्तर पर चार पोर्टर और एक गाइड को अपने साथ लेकर झाला से धूमधार-कंडी-क्यार कोटी ट्रैक पर ट्रैकिंग करने निकल पड़ा। इस बीच पुणे के एक ट्रैकर की रास्ते में मौत हो गई। इनमें से दो लोग जब बुधवार देर शाम को हर्षिल स्थित सेना की कंपनी के पास पहुंचे, तो मामले का पता चल पाया।
बृहस्पतिवार को सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और सेना की टीम शव को रेस्क्यू करने के लिए रवाना हो गए। मृतक के साथी भी वहीं गंगोत्री हाईवे स्थित झाला से करीब 28 किमी दूर 15500 फीट की ऊंचाई पर हैं, जहां हेलीकॉप्टर भी नहीं उतर पा रहा है। जिस ट्रैक पर ट्रैकर गए हैं, वह इनर लाइन के अंदर बताया जा रहा है। दल ने जिला प्रशासन व वन विभाग से अनुमति नहीं ली थी, जिससे उनका नाम-पता प्रशासन के पास नहीं है। लदाड़ी क्षेत्र में ट्रैकिंग का काम करने वाले बृजमोहन ने बताया कि यह ग्रुप टाटा का है, जिसमें छह लोग पुणे महाराष्ट्र के हैं। दल को झाला से ट्रैकिंग करते हुए मोरी ब्लॉक के सांकरी निकलना था, यह ट्रैक करीब 10 दिनों का है। वहीं डीएफओ संदीप कुमार का कहना है कि जिस एरिया में ट्रैकर गए हैं, वह इनर लाइन में आता है। बगैर अनुमति के इनर लाइन में प्रवेश करने पर दल पर कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल चार सितंबर को पुणे के छह लोगों का ट्रैकर दल उत्तरकाशी पहुंचा। गंगोत्री धाम के दर्शन करने के बाद दल चार सितंबर शाम को झाला में रुका। इसके बाद पांच सितंबर को दल ने स्थानीय स्तर पर चार पोर्टर और एक गाइड को अपने साथ लेकर झाला से धूमधार-कंडी-क्यार कोटी ट्रैक पर ट्रैकिंग करने निकल पड़ा। इस बीच पुणे के एक ट्रैकर की रास्ते में मौत हो गई। इनमें से दो लोग जब बुधवार देर शाम को हर्षिल स्थित सेना की कंपनी के पास पहुंचे, तो मामले का पता चल पाया।
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बृहस्पतिवार को सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और सेना की टीम शव को रेस्क्यू करने के लिए रवाना हो गए। मृतक के साथी भी वहीं गंगोत्री हाईवे स्थित झाला से करीब 28 किमी दूर 15500 फीट की ऊंचाई पर हैं, जहां हेलीकॉप्टर भी नहीं उतर पा रहा है। जिस ट्रैक पर ट्रैकर गए हैं, वह इनर लाइन के अंदर बताया जा रहा है। दल ने जिला प्रशासन व वन विभाग से अनुमति नहीं ली थी, जिससे उनका नाम-पता प्रशासन के पास नहीं है। लदाड़ी क्षेत्र में ट्रैकिंग का काम करने वाले बृजमोहन ने बताया कि यह ग्रुप टाटा का है, जिसमें छह लोग पुणे महाराष्ट्र के हैं। दल को झाला से ट्रैकिंग करते हुए मोरी ब्लॉक के सांकरी निकलना था, यह ट्रैक करीब 10 दिनों का है। वहीं डीएफओ संदीप कुमार का कहना है कि जिस एरिया में ट्रैकर गए हैं, वह इनर लाइन में आता है। बगैर अनुमति के इनर लाइन में प्रवेश करने पर दल पर कार्रवाई की जाएगी।
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