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आईटीबीपी मातली में हुआ कलश यात्रा का भव्य स्वागत
Updated Sat, 15 Jul 2017 10:31 PM IST
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उत्तरकाशी। श्री रामायण प्रचार सेवा समिति व गंगा सेवा एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति की ओर से प्रतिवर्ष आयोजित गोमुख कलश यात्रा शनिवार को गोमुख से तीर्थनगरी ऋषिकेश के लिए रवाना हो गई।
11 जुलाई से तीर्थनगरी के त्रिवेणीघाट से शुरू हुई कलश यात्रा 12 जुलाई को उत्तरकाशी में काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची थी। मंदिर में कार्यक्रम संयोजक पं. रविशास्त्री ने विधिविधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। उसके बाद कलश यात्रा गंगोत्रीधाम के लिए रवाना हो गई थी। 14 जुलाई को समिति के सदस्य गंगोत्रीधाम से 18 किमी दूर गोमुख पहुंचे। जहां उन्होंने कलश में जल भरकर यात्रा की। यात्रा 15 जुलाई सुबह उत्तरकाशी से तीर्थनगरी ऋषिकेश की ओर रवाना हो गई। इस दौरान शनिवार सुबह आईटीबीपी मातली में कमांडर केदार सिंह रावत ने कलश यात्रा का स्वागत किया। पं. रवि शास्त्री ने कहा कि यह उनकी 10वीं कलश यात्रा है। यात्रा का उद्देश्य पतित पावनी मां गंगा को निर्मल एवं स्वच्छ बनाए रखना है। यात्रा के विभिन्न पड़ावों में उन्होंने लोगों को गंगा एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि इस बार गोमुख से लाया हुआ गंगाजल वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट करेंगे। कहा प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए समिति की ओर से पत्राचार चल रहा है। जैसे ही समय मिलेगा वह जल को प्रधानमंत्री को भेंट करेंगे। इस मौके पर पृथ्वी सिंह, रामचंद्र, आनंद बहुगुणा, अनिरुद्ध आदि मौजूद थे।
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11 जुलाई से तीर्थनगरी के त्रिवेणीघाट से शुरू हुई कलश यात्रा 12 जुलाई को उत्तरकाशी में काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची थी। मंदिर में कार्यक्रम संयोजक पं. रविशास्त्री ने विधिविधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। उसके बाद कलश यात्रा गंगोत्रीधाम के लिए रवाना हो गई थी। 14 जुलाई को समिति के सदस्य गंगोत्रीधाम से 18 किमी दूर गोमुख पहुंचे। जहां उन्होंने कलश में जल भरकर यात्रा की। यात्रा 15 जुलाई सुबह उत्तरकाशी से तीर्थनगरी ऋषिकेश की ओर रवाना हो गई। इस दौरान शनिवार सुबह आईटीबीपी मातली में कमांडर केदार सिंह रावत ने कलश यात्रा का स्वागत किया। पं. रवि शास्त्री ने कहा कि यह उनकी 10वीं कलश यात्रा है। यात्रा का उद्देश्य पतित पावनी मां गंगा को निर्मल एवं स्वच्छ बनाए रखना है। यात्रा के विभिन्न पड़ावों में उन्होंने लोगों को गंगा एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि इस बार गोमुख से लाया हुआ गंगाजल वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट करेंगे। कहा प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए समिति की ओर से पत्राचार चल रहा है। जैसे ही समय मिलेगा वह जल को प्रधानमंत्री को भेंट करेंगे। इस मौके पर पृथ्वी सिंह, रामचंद्र, आनंद बहुगुणा, अनिरुद्ध आदि मौजूद थे।
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