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आपदा से निपटने के लिए नहीं हैं खुद के संसाधन

Tue, 02 Jul 2013 08:50 AM IST
पौड़ी/ब्यूरो
पौड़ी/ब्यूरो Updated Tue, 02 Jul 2013 08:50 AM IST
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uttarakhand disaster

गढ़वाल मंडल में लोक निर्माण विभाग दैवी आपदा से निपटने के लिए खुद के संसाधन तक नहीं जुटा पाया है। मंडल में बंद सड़कों को खोलने के लिए विभाग को प्राइवेट मशीनों का मुंह ताकना पड़ रहा है।

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आपदाएं बढ़ने पर नहीं हो रहा सतर्क
मंडल में दैवी आपदाएं साल-दर-साल बढ़ती जा रही हैं फिर भी लोनिवि इसे देखते हुए सतर्क नहीं हो रहा है। आपदा को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के पास मशीनें पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए थे लेकिन यहां तो मशीनों की उपलब्धता घटती जा रही है। मंडल में लोनिवि के पास वर्तमान में मात्र 51 ही मशीनें हैं, उनमें से भी दो खराब पड़ी हैं।
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बरसाती सीजन में बारिश से सर्वाधिक नुकसान लोनिवि की सड़कों को हो रहा है। जून माह में दैवी आपदा से गढ़वाल मंडल में 1036 सड़कें बंद हो गई थी। आपदा आए अब चौदह दिन हो गए हैं लेकिन मंडल में 204 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं।

प्राइवेट मशीनों पर निर्भर
आपदा प्रभावित क्षेत्र में बंद सड़कें खोलना शासन-प्रशासन की पहली प्राथमिकता है लेकिन गढ़वाल मंडल में लोनिवि को सड़कें खोलने के लिए प्राइवेट मशीनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सड़कों को खोलने में विभाग ने मंडल में करीब 153 प्राइवेट मशीनें लगाई हुई हैं।

गढ़वाल में लोनिवि के पास उपलब्ध डोजर, एक्सकेवेटर, स्किड लोडर मशीनों की सर्किलवार ब्यौरा
सर्किल - उपलब्ध मशीनें

छटवां वृत्त उत्तरकाशी - 12
सातवां वृत्त गोपेश्वर - 12
आठवां वृत्त टिहरी - 7
नवां वृत्त देहरादून - 6
10वां राष्ट्रीय मार्ग वृत्त देहरादून - 3
12वां वृत्त पौड़ी - 11

इस साल सात मशीनें हुई कम
मंडल में पिछले साल की अपेक्षा सात मशीनें कम हो गई है। मंडल में पिछले साल तक 58 मशीनें थी। जिनमें 13 डोजर, 13 स्किड लोडर, 32 एक्सकेवेटर लोडर थे। इस साल मशीनों की संख्या घटकर 51 रह गई है, जिनमें 13 डोजर, 26 एक्सकेवेटर लोडर और 12 स्किड लोडर हैं। जबकि 13 डोेजरों में से दो खराब पड़े हुए हैं।


मशीनों का ज्यादातर काम बरसात में होता है। बाकी समय इन्हें खाली रखना पड़ता है। इनकी कीमत काफी रहती है। इसको देखते हुए कम मशीनें रखी गई है।
- आरपी भट्ट, मुख्य अभियंता गढ़वाल मंडल पौड़ी

मंडल में लोनिवि के पास सड़कों की लंबाई की अपेक्षा डोजर, एक्सकेवेटर और स्किड लोडर मशीनों की संख्या कम है। कुछ डिविजनों में अभी एक ही मशीन हैं। कुछ मशीनें खराब होने के कारण इस साल कम हो गई हैं।
- पीके खेवरिया, अधीक्षण अभियंता यांत्रिक वृत्त लोनिवि देहरादून

विभाग में मशीनों की संख्या बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। प्राइवेट मशीनें लगाने से हमें मशीनों की मरम्मत इत्यादि के काम में नहीं पड़ना पड़ता है। फिक्स रेट में काम हो जाता है।
- ललित मोहन, प्रमुख अभियंता लोनिवि पौड़ी

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