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अग्निकांड में कबाड़ के तीन गोदाम राख
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Fri, 26 May 2017 10:45 PM IST
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आग से कबाड़ के तीन गोदाम राख
- फोटो : amar ujala
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तीनपानी में बने कबाड़ के तीन गोदामों में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। दमकल की आठ गाड़ियों से तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। गोदाम घनी आबादी में बने हैं। आसपास के घर आग की चपेट में आने से बच गए। बताया जा रहा है कि पास के निर्माणाधीन अस्पताल में चल रही वैल्डिंग मशीन की चिंगारी से आग लगी है।
किच्छा रोड तीनपानी स्थित मेडिसिटी अस्पताल के पीछे तीनपानी निवासी फईम, शरीफ और शाहिद के करीब तीन साल पुराने कबाड़ के गोदाम हैं। शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे जब वे गोदाम बंद कर जुमे की नमाज पढ़ने के जाने लगे तो अस्पताल की दीवाल से सटे शाहिद के गोदाम से आग की लपटें उठती दिखी। देखते ही देेखते आग ने पास ही में बने फईम और शरीफ के गोदामों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
इसी दौरान शरीफ के गोदाम में रखा एक गैस सिलेंडर फटा तो आग ने और विकराल रुप ले लिया। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही एक और सिलेंडर में धमाका हुआ, जिससे अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर रुद्रपुर से तीन दमकल वाहनों के साथ एएफएसओ नरेंद्र कुंवर और सीएफओ हरीश गिरी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग काफी हद तक फैल चुकी थी जिसके चलते सिडकुल फायर स्टेशन के साथ ही सिडकुल की बजाज आटो और किच्छा के दमकल वाहनों को भी मौके पर बुलाया गया।
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सभी जगहों से आये दमकल के कुल आठ वाहनों ने करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जिससे गोदामों के आसपास घनी आबादी में बसे घर आग की चपेट में आने से बच गये। अग्निकांड पीड़ित फईम, शरीफ और शाहिद के अनुसार आग लगने से गोदाम में रखे करीब 35 लाख के कबाड़ के साथ ही एक छोटा हाथी और कई मशीनें जल गईं। उन्होंने बताया कुछ समय से अस्पताल के पिछले हिस्से में वैल्डिंग का काम चल रहा था। वैल्डिंग से निकली चिंगारी से ही आग लगने की आशंका लग रही थी।
तीन दिन पूर्व उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को इस बात की जानकारी देते हुए सावधानी से वैल्डिंग करने और पानी की व्यवस्था करने को कहा था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इस पर गौर नहीं किया। नतीजतन एक चिंगारी ने उनके कारोबार को तबाह कर दिया। मामले को लेकर सीएफओ नरेंद्र सिंह कुंवर का कहना है वैल्डिंग की चिंगारी से आग नहीं लग सकती है। आग लगने का कुछ और कारण हो सकता है। सूचना पर एसडीएम पंकज उपाध्याय ने भी मौके का जायजा लिया।
सिलेंडर फटने के डर से सहमे रहे लोग
रुद्रपुर। तीनपानी स्थित कबाड़ के गोदामों में लगी आग के दौरान जहां लोगों को इस बात का डर था कि आग के फैलने से आसपास के घर भी आग की चपेट में आ सकते हैं। वहीं जब शरीफ के गोदाम में रखा गैस सिलेंडर फटा तो लोगों में दहशत फैल गई। इस बात की भी जानकारी किसी को नहीं थी कि गोदाम में कितने और सिलेंडर रखे हैं, जिससे लोग सिलेंडर फटने के डर से भी सहमे रहे।
पछुवा होती हवा तो जलते सैकड़ों घर
रुद्रपुर। आग के दौरान हवा तेज थी, लेकिन गनीमत रही कि हवा का रुख पुरवा था। लोगों का कहना है कि अगर हवा का रुख पछुवा होता तो आसपास की आबादी में बने कई घर आग की चपेट में आ सकते थे। गोदामों के पीछे की तरफ घनी आबादी में कई परिवार बसे हैं और कुछ ही दूरी पर कबाड़ की कई दुकानें हैं।
एक घंटा रहा हाइवे जाम
रुद्रपुर। तीनपानी स्थित कबाड़ के गोदामों में आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल होने के बाद हाइवे पर जाम का माहौल बन गया। जिसके चलते यातायात पुलिस के साथ ही सीपीयू को हाइवे पर यातायात की व्यवस्था बनाने के लिए तैनात करना पड़ा। दोनों के द्वारा ही रुट डायवर्ट कर यातायात को सुचारु किया गया।
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किच्छा रोड तीनपानी स्थित मेडिसिटी अस्पताल के पीछे तीनपानी निवासी फईम, शरीफ और शाहिद के करीब तीन साल पुराने कबाड़ के गोदाम हैं। शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे जब वे गोदाम बंद कर जुमे की नमाज पढ़ने के जाने लगे तो अस्पताल की दीवाल से सटे शाहिद के गोदाम से आग की लपटें उठती दिखी। देखते ही देेखते आग ने पास ही में बने फईम और शरीफ के गोदामों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
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इसी दौरान शरीफ के गोदाम में रखा एक गैस सिलेंडर फटा तो आग ने और विकराल रुप ले लिया। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही एक और सिलेंडर में धमाका हुआ, जिससे अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर रुद्रपुर से तीन दमकल वाहनों के साथ एएफएसओ नरेंद्र कुंवर और सीएफओ हरीश गिरी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग काफी हद तक फैल चुकी थी जिसके चलते सिडकुल फायर स्टेशन के साथ ही सिडकुल की बजाज आटो और किच्छा के दमकल वाहनों को भी मौके पर बुलाया गया।
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सभी जगहों से आये दमकल के कुल आठ वाहनों ने करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जिससे गोदामों के आसपास घनी आबादी में बसे घर आग की चपेट में आने से बच गये। अग्निकांड पीड़ित फईम, शरीफ और शाहिद के अनुसार आग लगने से गोदाम में रखे करीब 35 लाख के कबाड़ के साथ ही एक छोटा हाथी और कई मशीनें जल गईं। उन्होंने बताया कुछ समय से अस्पताल के पिछले हिस्से में वैल्डिंग का काम चल रहा था। वैल्डिंग से निकली चिंगारी से ही आग लगने की आशंका लग रही थी।
तीन दिन पूर्व उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को इस बात की जानकारी देते हुए सावधानी से वैल्डिंग करने और पानी की व्यवस्था करने को कहा था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इस पर गौर नहीं किया। नतीजतन एक चिंगारी ने उनके कारोबार को तबाह कर दिया। मामले को लेकर सीएफओ नरेंद्र सिंह कुंवर का कहना है वैल्डिंग की चिंगारी से आग नहीं लग सकती है। आग लगने का कुछ और कारण हो सकता है। सूचना पर एसडीएम पंकज उपाध्याय ने भी मौके का जायजा लिया।
सिलेंडर फटने के डर से सहमे रहे लोग
रुद्रपुर। तीनपानी स्थित कबाड़ के गोदामों में लगी आग के दौरान जहां लोगों को इस बात का डर था कि आग के फैलने से आसपास के घर भी आग की चपेट में आ सकते हैं। वहीं जब शरीफ के गोदाम में रखा गैस सिलेंडर फटा तो लोगों में दहशत फैल गई। इस बात की भी जानकारी किसी को नहीं थी कि गोदाम में कितने और सिलेंडर रखे हैं, जिससे लोग सिलेंडर फटने के डर से भी सहमे रहे।
पछुवा होती हवा तो जलते सैकड़ों घर
रुद्रपुर। आग के दौरान हवा तेज थी, लेकिन गनीमत रही कि हवा का रुख पुरवा था। लोगों का कहना है कि अगर हवा का रुख पछुवा होता तो आसपास की आबादी में बने कई घर आग की चपेट में आ सकते थे। गोदामों के पीछे की तरफ घनी आबादी में कई परिवार बसे हैं और कुछ ही दूरी पर कबाड़ की कई दुकानें हैं।
एक घंटा रहा हाइवे जाम
रुद्रपुर। तीनपानी स्थित कबाड़ के गोदामों में आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल होने के बाद हाइवे पर जाम का माहौल बन गया। जिसके चलते यातायात पुलिस के साथ ही सीपीयू को हाइवे पर यातायात की व्यवस्था बनाने के लिए तैनात करना पड़ा। दोनों के द्वारा ही रुट डायवर्ट कर यातायात को सुचारु किया गया।