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प्रेम प्रसंग में नाकाम गिरीश ने खुद को गोली मारकर की थी आत्महत्या

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 26 Oct 2022 12:10 AM IST
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Sucide in kashipur
रोता बिलखता मृतक का भाई व अन्य परिजन। - फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। टांडा उज्जैन निवासी नर्सिंग स्टाफ गिरीश ठाकुर ने अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या की थी। मृतक के मोबाइल की सीडीआर और उसे तमंचा उपलब्ध कराने वाले युवकों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार प्रेम प्रसंग में विफल रहने पर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया था।
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24 अक्तूबर को सुबह 10:53 बजे गणेश नामक व्यक्ति ने 112 नंबर डायल कर सूचना दी कि शुगर मिल रोड पर गन्ना समिति परिसर में एक युवक का शव पड़ा है। सूचना पर एसपी चंद्रमोहन सिंह, कोतवाल मनोज रतूड़ी, जसपुर कोतवाल प्रकाश सिंह दानू एसएसआई प्रदीप मिश्रा, चौकी प्रभारी मनोज जोशी आदि पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। शव की शिनाख्त टांडा उज्जैन निवासी गिरीश ठाकुर (22) पुत्र विजय सिंह के रूप में हुई। गिरीश जसपुर रोड स्थित अनमोल हॉस्पिटल में नर्सिंग स्टाफ के पद पर कार्यरत था। मृतक की कनपटी पर दाईं ओर गोली का निशान पाया गया। मौके से पुलिस ने एक तमंचा भी बरामद किया। तलाशी में मृतक की जेब से एक कारतूस भी मिला।
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मृतक के परिजनों ने कुछ लोगों पर गिरीश की हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। उनका कहना था कि चार दिन पूर्व छह युवकों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गिरीश के साथ मारपीट की थी। मृतक के पिता विजय सिंह ने इस मामले में छह लोगों को नामजद करते हुए 30 अन्य के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मृतक की सीडीआर निकालकर घटना की जांच शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ कि वारदात से पूर्व गिरीश ने अपने मित्र पवन को भेजकर क्रॉसिंग पर पकौड़ी की दुकान करने वाले चचेरे भाई नितिन के पास से तमंचा मंगवाया था।
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यह तमंचा नितिन को दो युवक दे गए थे। तमंचा खराब होने के कारण गिरीश ने अवैध असलहे की सप्लाई करने वाले युवकों को बुलाकर उनसे तमंचा बदला। पूछताछ में नितिन और पवन ने इस बात का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक इसी तमंचे से गिरीश ने अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तमंचे से निकली गोली कनपटी को चीरते हुए दूसरी तरफ से निकल गई। गिरीश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता विजय घर में ही परचूनी की दुकान करते है। दो बड़े भाई प्रकाश व ओमकार और एक बहन अंजलि है। हादसे के बाद मृतक की मां विमला व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
तमंचा सप्लाई करने वालों की तलाश में जुटी पुलिस
काशीपुर। गिरीश की मौत जिस तमंचे से हुई उस तमंचे की सप्लाई करने वाले आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। एसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि तमंचा सप्लाई करने वाले बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि अवैध असलाह सप्लाई करने के आरोपी यूपी के रामपुर या मुरादाबाद के हो सकते हैं। पुलिस ने नामजद किए गए लोगों के बारे में भी छानबीन की लेकिन उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं होना पाया गया।
परिजनों ने गले नहीं उतर रही आत्महत्या की कहानी
काशीपुर। प्रेम प्रसंग में असफल रहने पर गिरीश के आत्महत्या कर लेने की कहानी मृतक के परिजनों के गले नहीं उतर रही है। मृतक के पिता विजय का कहना है कि उसके बेटे पर लगाए जा रहे चरित्र संबंधी आरोप निराधार हैं। उसके बेटे की हत्या की गई है। केस खोलने में नाकाम पुलिस जान बूझकर उसके बेटे पर लांछन लगा रही है। मृतक के पिता का कहना है कि चार दिन पहले खड़कपुर देवीपुरा के चार और टांडा उज्जैन के दो युवकों ने उसके पुत्र के साथ मारपीट की थी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया था। उसके बेटे ने सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराते हुए छह लोगों के खिलाफ टांडा चौकी पुलिस को तहरीर सौंपी थी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने खड़कपुर देवीपुरा निवासी छह लोगों समेत 30 अन्य के खिलाफ शक के आधार पर हत्या का केस दर्ज किया था लेकिन केस दर्ज करने के कुछ घंटे में ही पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दिया।

प्रेमिका को व्हाट्सएप पर लिखा, कल तुम्हें कुछ बड़ा सुनने को मिलेगा
काशीपुर। जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे कई कारण खोज निकाले जिससे गिरीश के आत्महत्या करने के कारण को बल मिलता है। एसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि मृतक के एक मित्र शुभम यादव ने बताया कि 23 अक्तूबर को गिरीश फोन कर उसे सल्फास उपलब्ध कराने के लिए कह रहा था। जांच के दौरान पता लगा कि एक माह पूर्व तक गिरीश मुरादाबाद रोड स्थित ढेला पुल के पास एक हॉस्पिटल में नौकरी करता था जहां एक नर्स से उसकी नजदीकियां थीं। नर्स का रिश्ता कहीं और तय हो गया। इसे लेकर गिरीश डिप्रेशन में था। वह देर शाम तक टांडा उज्जैन में एक टेंपो में बैठा देखा गया। इसके बाद वह आसपास टहलता दिखा। उसने युवती को व्हाट्सएप मैसेज में लिखा था कि ‘कल तुम्हें कुछ बड़ा सुनने को मिलेगा।’ इससे अलावा उसने अपने इंस्ट्राग्राम एकाउंट पर एक सांग ‘मां मुझे माफ करना, मैं तेरा नहीं हो पाया’ भी अपलोड किया है। एसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से स्पष्ट है कि गिरीश ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है।
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