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मूल्याकंन में लापरवाही पर शिक्षक का वेतन रोकने की संस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:30 AM IST
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मासिक परीक्षा मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में बीईओ ने शिक्षक का वेतन रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही प्रधानाचार्य से भी इस संबध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
23 व 24 जुलाई को मासिक परीक्षा का आयोजन किया गया था। मूल्यांकन के लिए जीजीआईसी की मासिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं राइंका बांसखेड़ा भेजी गई थी। 28 जुलाई को विद्यालय प्रधानाचार्य ने संबंधित विषय के अध्यापकों को मूल्याकंन के लिए उत्तर पुस्तिकाएं सौंप दी।
मूल्यांकन के बाद उत्तर पुस्तिकाएं नियत समय अवधि में नहीं लौटाई। विद्यालय के एक शिक्षक की ओर से उत्तर पुस्तिकाओं का आधा अधूरा मूल्यांकन किया गया। प्रधानाचार्य की ओर से छह अगस्त को फिर से आदेश भेजकर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए कहा गया। लेकिन आदेश के बावजूद शिक्षक ने मूल्यांकन कार्य पूर्ण नहीं किया। जिसकी रिपोर्ट बीईओ कार्यालय में भेज दी गई।
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बीईओ ने इस कार्य में शिथिलता के लिए प्रधानाचार्य से भी स्पष्टीकरण देने को कहा है। प्रधानाचार्य नेतराम सिंह ने बताया कि मासिक परीक्षा में मूल्यांकन कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। छुट्टी की स्वीकृति मिले बिना ही उक्त शिक्षक अक्सर विद्यालय से गायब रहते हैं। इससे विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
सहायक अध्यापक द्वारा मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने व विद्यालय में नियमित उपस्थित नहीं होने के चलते अग्रिम आदेशों तक उनका वेतन रोकने की संस्तुति की जा रही है। इस संबंध में प्रधानाचार्य से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आरएस नेगी, बीईओ, काशीपुर।
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23 व 24 जुलाई को मासिक परीक्षा का आयोजन किया गया था। मूल्यांकन के लिए जीजीआईसी की मासिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं राइंका बांसखेड़ा भेजी गई थी। 28 जुलाई को विद्यालय प्रधानाचार्य ने संबंधित विषय के अध्यापकों को मूल्याकंन के लिए उत्तर पुस्तिकाएं सौंप दी।
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मूल्यांकन के बाद उत्तर पुस्तिकाएं नियत समय अवधि में नहीं लौटाई। विद्यालय के एक शिक्षक की ओर से उत्तर पुस्तिकाओं का आधा अधूरा मूल्यांकन किया गया। प्रधानाचार्य की ओर से छह अगस्त को फिर से आदेश भेजकर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए कहा गया। लेकिन आदेश के बावजूद शिक्षक ने मूल्यांकन कार्य पूर्ण नहीं किया। जिसकी रिपोर्ट बीईओ कार्यालय में भेज दी गई।
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बीईओ ने इस कार्य में शिथिलता के लिए प्रधानाचार्य से भी स्पष्टीकरण देने को कहा है। प्रधानाचार्य नेतराम सिंह ने बताया कि मासिक परीक्षा में मूल्यांकन कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। छुट्टी की स्वीकृति मिले बिना ही उक्त शिक्षक अक्सर विद्यालय से गायब रहते हैं। इससे विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
सहायक अध्यापक द्वारा मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने व विद्यालय में नियमित उपस्थित नहीं होने के चलते अग्रिम आदेशों तक उनका वेतन रोकने की संस्तुति की जा रही है। इस संबंध में प्रधानाचार्य से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आरएस नेगी, बीईओ, काशीपुर।