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जिले में बारिश से धान की आठ फीसदी फसल बर्बाद
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डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर विवि।
- फोटो : RUDRAPUR
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जिलेभर में सोमवार को मूसलाधार बारिश से खेतों में धान की खड़ी फसल डूबने और गिरने से बर्बाद हो गई। कृषि विभाग और राजस्व विभाग की टीमों ने बारिश से धान की फसल को हुए नुकसान का आकलन किया। अभी जिले में धान की फसल को करीब आठ प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है।
जिले में रविवार से शुरू हुई बारिश सोमवार को दिन भर जारी रही। रुद्रपुर के साथ ही खटीमा, नानकमत्ता, सितारगंज, किच्छा, गदरपुर, बाजपुर, काशीपुर, जसपुर में खेतों में धान की फसल बारिश से गिरी हुई नजर आई। रुद्रपुर में बिगवाड़ा, दानपुर, भगवानपुर, मसली समेत कई गावों में धान की फसल खेतों में डूबी नजर आई। कई खेतों में काटकर रखा गया धान बारिश में भीग गया।
फसल को हुए नुकसान से किसानों के चेहरे मुरझा गए। इधर, धान की फसल को हुए नुकसान का कृषि विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने आकलन किया। कृषि रक्षा अधिकारी विधि उपाध्याय ने कहा कि कृषि विभाग की टीमों ने सोमवार को जिलेभर में बारिश से धान के हुए नुकसान का जायजा लिया। कुछ क्षेत्रों में धान की फसल को आठ प्रतिशत तो कुछ क्षेत्रों में सात प्रतिशत नुकसान हुआ है। धान की फसल को हुए नुकसान का लगातार आकलन किया जाएगा।
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मिलों में सुखाया गया धान भी भीगा
रुद्रपुर। मूसलाधार बारिश के चलते कुछ धान मिलों में सुखाया गया धान भीग गया। इससे धान की गुणवत्ता खराब होने की आशंका है। राइस मिलर्स देवीशंकर अग्रवाल ने कहा कि खरीदे गए कुछ धान में नमी अधिक होने के कारण मिल के भीतर खुले में सुखाया गया था, लेकिन अचानक बारिश होने से धान भीग गया। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर की धान मिलों में 10 हजार क्विंटल से अधिक धान के भीगने की आशंका है। संवाद
धान की खड़ी फसल के लिए बारिश नुकसानदायक है। काटकर खेत में रखे गए धान के भीगने से कालेपन की शिकायत आ सकती है। लेकिन रबी फसल की बुवाई के लिए यह बारिश लाभदायक है। - डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर कृषि विवि।
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जिले में रविवार से शुरू हुई बारिश सोमवार को दिन भर जारी रही। रुद्रपुर के साथ ही खटीमा, नानकमत्ता, सितारगंज, किच्छा, गदरपुर, बाजपुर, काशीपुर, जसपुर में खेतों में धान की फसल बारिश से गिरी हुई नजर आई। रुद्रपुर में बिगवाड़ा, दानपुर, भगवानपुर, मसली समेत कई गावों में धान की फसल खेतों में डूबी नजर आई। कई खेतों में काटकर रखा गया धान बारिश में भीग गया।
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फसल को हुए नुकसान से किसानों के चेहरे मुरझा गए। इधर, धान की फसल को हुए नुकसान का कृषि विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने आकलन किया। कृषि रक्षा अधिकारी विधि उपाध्याय ने कहा कि कृषि विभाग की टीमों ने सोमवार को जिलेभर में बारिश से धान के हुए नुकसान का जायजा लिया। कुछ क्षेत्रों में धान की फसल को आठ प्रतिशत तो कुछ क्षेत्रों में सात प्रतिशत नुकसान हुआ है। धान की फसल को हुए नुकसान का लगातार आकलन किया जाएगा।
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मिलों में सुखाया गया धान भी भीगा
रुद्रपुर। मूसलाधार बारिश के चलते कुछ धान मिलों में सुखाया गया धान भीग गया। इससे धान की गुणवत्ता खराब होने की आशंका है। राइस मिलर्स देवीशंकर अग्रवाल ने कहा कि खरीदे गए कुछ धान में नमी अधिक होने के कारण मिल के भीतर खुले में सुखाया गया था, लेकिन अचानक बारिश होने से धान भीग गया। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर की धान मिलों में 10 हजार क्विंटल से अधिक धान के भीगने की आशंका है। संवाद
धान की खड़ी फसल के लिए बारिश नुकसानदायक है। काटकर खेत में रखे गए धान के भीगने से कालेपन की शिकायत आ सकती है। लेकिन रबी फसल की बुवाई के लिए यह बारिश लाभदायक है। - डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर कृषि विवि।

रुद्रपुर में बारिश के पानी में डूबी धान की फसल।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर में बारिश से भीगकर डूबी धान की फसल।- फोटो : RUDRAPUR