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अपनी हत्या के डर से पूर्व प्रधान को ही लगा दिया ठिकाने
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Sun, 12 Jun 2016 11:53 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व प्रधान छोटे लाल की हत्या प्रेम प्रसंग में रोड़ा बनने पर हुई। यह खुलासा पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी बिट्टू चौधरी की गिरफ्तारी के बाद किया है। हत्या में शामिल दूसरा अभियुक्त अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उधर, हत्यारोपी पुलिस कस्टडी में साफ तौर पर यह कहता रहा कि पूर्व प्रधान उसकी हत्या कराना चाहता था, इसलिए उसने मेरठ के शूटरों की मदद से पूर्व प्रधान को ही ठिकाने लगा दिया।
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बता दें कि सात जून को फौजी मटकोटा के पूर्व प्रधान छोटे लाल की शूटरों की मदद से दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में मृतक के भाई धीरेंद्र सिंह ने फौजी मटकोटा निवासी अतेंद्र पाल सिंह उर्फ बिट्टू चौधरी, मुकेश चतुर्वेदी और मोनू चतुर्वेदी पर हत्या का संदेह व्यक्त करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्याकांड के खुलासे के लिए एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने कई टीमों को लगाया था। पुलिस ने बीते शनिवार को मुख्य आरोपी बिट्टू चौधरी को रोडवेज स्टेशन के पास से दबोच लिया था। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त 9 एमएम की पिस्टल भी बरामद की गई थी।
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पुलिस पूछताछ में बिट्टू चौधरी ने बताया कि उसने छोटे लाल की हत्या अपने साथी और शूटर मेरठ निवासी गोपी के साथ मिलकर की। बिट्टू चौधरी ने पुलिस को बताया कि उसका एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिस पर लड़की के परिवारजनों और उसके रिश्तेदारों को एतराज था। प्रेमी युगल को अलग करने के लिए इस मामले में पूर्व प्रधान छोटे लाल ने पंचायत कराई थी।
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बिट्टू के मुताबिक पूर्व प्रधान उसकी हत्या कराना चाहता था, इसके लिए कुछ लोगों को पूर्व प्रधान ने उसके पीछे लगा दिया था। जब उसे इस बात का पता चला तो उसने अपने साथी गोपी के साथ मिलकर छोटे लाल को ही ठिकाने लगाने की योजन बना डाली। सात जून को दोनों उसे ढूंढते हुए कीरतपुर कार्यालय में पहुंचे, जहां दोनों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने बताया कि पुलिस दूसरे हत्यारोपी गोपी की तलाश कर रही है।
15 दिन पहले से पीछा कर रहे थे शूटर
पूर्व प्रधान छोटे लाल की हत्या के लिए शूटर करीब एक पखवाड़े से उसका पीछा कर रहे थे, लेकिन हमेशा साथियों के साथ घिरा होने के कारण उन्हें मौका नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद से हत्यारों ने उसकी पल-पल की रैकी करनी शुरू कर दी। सात जुलाई को जैसे ही हत्यारों को भनक लगी की भरी दोपहरी में पूर्व प्रधान अकेला है और उसके साथी किसी पंचायत में बैठे हैं, बस फिर क्या था हत्यारों ने उसका पीछा किया और वारदात को अंजाम दे दिया।
छोटे लाल ने किया था हत्यारों से संघर्ष
सात जुलाई को जब हत्यारे पूर्व प्रधान छोटे लाल की हत्या के लिए प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय में घुसे तो इस बीच उनके इरादे भांपने के बाद छोटे लाल की गोपी नामक शूटर से गुत्थमगुत्था हुई थी। करीब तीन मिनट तक छोटे लाल शूटर के साथ संघर्ष करता रहा, लेकिन मौत छोटे लाल के संघर्ष के आगे हावी हो गई और हत्यारों ने अपना काम कर दिया।
शूटर की गोली फुस्स, बिट्टू ने मारी गोली
शूटरों से संघर्ष के दौरान पूर्व प्रधान छोटे लाल ने गोपी नामक शूटर को पूरी तरह से दबोच लिया था, यही कारण रहा कि शूटर गोपी की गोली छोटे लाल पर मिस हो गई। तभी बाहर खड़ा मुख्य आरोपी बिट्टू चौधरी भागकर प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में पहुंचा और उसने पेट से सटाकर एक गोली छोटे लाल पर चला दी। इसके बाद उसने एक और गोली छोटे लाल के सिर से सटाकर मारी, जिससे छोटे लाल की मौके पर ही मौत हो गई।