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जैविक खेती के लिए जल की शुद्धता जरूरी : राजबीर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2020 11:33 PM IST
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Pure Water is Essential For Organic  Farming
पंतनगर के हल्दी में हुई कार्यशाला को संबोधित करते राजबीर सिंह और मंचासीन अतिथि। - फोटो : RUDRAPUR
पंतनगर। उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यूकोस्ट), उत्तराखंड जल संस्थान देहरादून और उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद् (बायोटेक) के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय प्रसार अभिविन्यास प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य बीज एवं जैविक उत्पाद संस्था राजबीर सिंह ने कहा कि जैविक खेती के उद्देश्य की पूर्ति के लिए जल की शुद्धता अति आवश्यक है।
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शनिवार को बायोटेक सभागार में हुए कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष इकबाल सिंह लाडी ने कहा कि पानी के दुरुपयोग को रोकने की आवश्यकता है। बायोटेक निदेशक प्रो. डीके सिंह ने 30 एकड़ भूमि पर टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला की एक व्यवसायिक यूनिट और जीन बैंक खोलने की बात कही। टेरी स्कूल ऑफ एडवांस स्टडीज नई दिल्ली के प्रमुख वक्ता डॉ विनय सिन्हा ने कहा कि उत्तराखंड की प्रमुख नदियों में गंदलेपन और जीवाणुओं की उपस्थिति के लिए अधिक कार्य करने की आवश्यकता है।
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जीबी पंत कृषि विवि के पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. आरके श्रीवास्तव ने अनुपयोगी जल के शोधन से उपयोगी पदार्थों को निकालने के तरीके बताए। जल संस्थान के सहायक इंजीनियर आरके श्रीवास्तव ने जिले में सभी पेयजल स्रोतों की चल रही जल गुणवत्ता जांच के परिणामों के बारे में बताया। कार्यशाला समन्वयक डीएवी महाविद्यालय देहरादून के डॉ. प्रशांत सिंह ने कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं में स्थापित जलगुणवत्ता प्रयोगशालाओं में चल रही जांच के तहत 70 हजार से भी अधिक पेयजल स्रोतों की जांच पूूरी होने जा रही है। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की सभी 26 प्रयोगशालाओं की मान्यता की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।
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जल गुणवत्ता जांच एवं अनुश्रवण प्रयोगशाला के तकनीकी प्रबंधक डॉ. विकास कंडारी ने फील्ड टेस्टिंग किट तथा यूवी विजिबल स्पेक्ट्रो फोटोमीटर की सहायता से सभी प्रतिभागियों को जल गुणवत्ता जांच का 10 मानकों पर प्रशिक्षण दिया। वहां बायोटेक के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. मणिंद्र मोहन, डॉ. कुमुद उपाध्याय, डॉ. धीरज बिष्ट, डॉ. प्रेम प्रकाश, भास्कर पंत, अर्चित पांडे, धर्मेंद्र बसेड़ा, डॉ. कंचन कार्की, अमित पुरोहित आदि थे।
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