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हक-हकूक के 30 दावे पेश करने वाले दो सप्ताह में दें साक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज।
Updated Wed, 11 Oct 2017 11:49 PM IST
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सितारगंज में वनाधिकार समिति की बैठक लेते एसडीएम विनोद कुमार।
- फोटो : amar ujala
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वनों पर निर्भर जनजाति व अन्य समाज के लोगों को वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत मिलने वाले हक-हकूकों को लेकर एसडीएम ने ब्लॉक स्तरीय समिति की बैठक ली। जिसमें एसडीएम ने कहा कि वनों पर निर्भर लोगों की आर्थिक स्थिति व उनके रहन-सहन आदि का सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने 30 गांवों के लोगों द्वारा पेश किए गए दावों पर दो सप्ताह के भीतर साक्ष्य प्रस्तुत करने को भी कहा।
तहसील में एसडीएम विनोद कुमार की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक हुई। इसमें वन अधिकार अधिनियम 2006 को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। एसडीएम ने बताया कि पूर्व में सितारगंज क्षेत्र के 30 गांव के लोगों ने हक-हकूक के लिए दावे पेश किए थे। जिन पर जिला स्तरीय समिति में डीएम ने सुनवाई कर सत्यापन के निर्देश दिए हैं। कहा कि ग्रामीणों द्वारा जो दावे पेश किए गए थे, उनमें किसी भी तरह के साक्ष्य संलग्न नहीं हैं।
उन्होंने दावेदारों से दो सप्ताह के भीतर दावों के साक्ष्य पेश करने की अपील की। साथ ही समिति के अधिकारियों व सदस्यों को दिए जाने वाले हक-हकूकों का सत्यापन करने को कहा। कहा कि सत्यापन के बाद रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। वहां पर पूर्वी तराई वन प्रभाग के एसडीओ प्रकाश चंद्र आर्य, बाराकोली के रेंजर प्रदीप धौलखंडी, समाज कल्याण विभाग के एडीओ सुरजीत सिंह आदि थे।
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तहसील में एसडीएम विनोद कुमार की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक हुई। इसमें वन अधिकार अधिनियम 2006 को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। एसडीएम ने बताया कि पूर्व में सितारगंज क्षेत्र के 30 गांव के लोगों ने हक-हकूक के लिए दावे पेश किए थे। जिन पर जिला स्तरीय समिति में डीएम ने सुनवाई कर सत्यापन के निर्देश दिए हैं। कहा कि ग्रामीणों द्वारा जो दावे पेश किए गए थे, उनमें किसी भी तरह के साक्ष्य संलग्न नहीं हैं।
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उन्होंने दावेदारों से दो सप्ताह के भीतर दावों के साक्ष्य पेश करने की अपील की। साथ ही समिति के अधिकारियों व सदस्यों को दिए जाने वाले हक-हकूकों का सत्यापन करने को कहा। कहा कि सत्यापन के बाद रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। वहां पर पूर्वी तराई वन प्रभाग के एसडीओ प्रकाश चंद्र आर्य, बाराकोली के रेंजर प्रदीप धौलखंडी, समाज कल्याण विभाग के एडीओ सुरजीत सिंह आदि थे।
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