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Udham Singh Nagar News: विधायक पांडेय ने सदन में उठाया मुद्दा, बेहड़ ने दी थी आंदोलन की चेतावनी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2025 01:04 AM IST
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MLA Pandey raised the issue in the House, Behad had warned of agitation
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर में ग्रीष्मकालीन धान पर पाबंदी के मुद्दे पर मुखर हो रही आवाज को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थाम लिया है। उन्होंने इस साल धान लगाने में छूट देने की घोषणा की तो किसानों ने स्वागत किया। यह मुद्दा सड़क से लेकर विधानसभा तक गूंजा था। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस और किसान संगठनाें की ओर से बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही थी।
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दरअसल तराई में घटते भूजल को देखते हुए डीएम ने ग्रीष्मकालीन धान की खेती पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रशासन और कृषि विभाग लगातार किसानों को धान के विकल्प के रूप में मक्का और दूसरी फसलें लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे। जिले के किसान संगठन इस साल खेती पर छूट की मांग को लेकर विरोध कर रहे थे। उन्होंने इसे लेकर अधिकारियों को ज्ञापन भी दिए।
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किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने इस निर्णय को किसान विरुद्ध करार दिया था। उन्होंने डीएम कार्यालय पर बेमियादी धरने की घोषणा की थी। गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए प्रतिबंध के समय पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सुझाव दिया कि इस समय पर धान लगाने से रोकने पर किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
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इन सबके बीच सक्रिय प्रशासन ने गदरपुर और बाजपुर में धान की पौध को नष्ट कराया था। धान लगाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। अब मुख्यमंत्री ने छूट का एलान किया है तो इसे किसान हित में संघर्ष की जीत के रूप में देखा जा रहा है।
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नष्ट की गई पौध की भरपाई करे सरकार : बेहड़
धान लगाने में इस साल छूट देने के लिए मुख्यमंत्री को बधाई है। यह तुगलकी फरमान था और किसान हित में मुद्दे को जोर शोर से उठाया गया था। मैंने खुद मुख्यमंत्री से बात की थी। डीएम कार्यालय पर बेमियादी धरना देने की घोषणा की थी। एक बड़े आंदोलन की तैयारी थी। यह फैसला जल्दबाजी में लिया गया था और आम किसानों में नाराजगी थी। प्रशासन को धान की पौध नष्ट करने से हुए किसानों के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। उनके अलावा किसी राजनेता ने इस पाबंदी के खिलाफ मुखर विरोध नहीं किया। - तिलकराज बेहड़, विधायक

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ग्रीष्मकालीन धान पर रोक लगाना आवश्यक है क्योंकि हमें जल का संरक्षण करना जरूरी है। धान पर रोक लगाने का फैसला अचानक था, जिससे किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई थी। उनकी समस्या को लेकर विधानसभा में इस वर्ष लगाई गई रोक हटाने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया था। भविष्य में धन पर रोक लगे इसके लिए समय से प्रचार प्रसार की जरूरत है। - अरविंद पांडेय, विधायक, गदरपुर
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