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आंगन में खेल रहे बच्चे को उठा ले गया तेंदुआ
अमर उजाला ब्यूरो खटीमा (ऊधमसिंह नगर)।
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:22 AM IST
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खटीमा के वन महोलिया गांव में मादा गुलदार के हमले में घायल बालक रोहित।
- फोटो : Amar ujala
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वन रेंज खटीमा के नारायणनगर बीट से सटे वन महोलिया गांव में मादा तेंदुआ आंगन में खेल रहे ढाई साल के बच्चे को उठा ले गई। हो-हल्ला होने पर वह बच्चे को घर से थोड़ी ही दूरी पर गन्ने के खेत में छोड़कर भाग गई। बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्चे के चेहरे, सीने और पीठ पर खरोंच के निशान आए हैं। उसकी हालत खतरे से बाहर है। इधर, तेंदुए के हमले के बाद गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। इधर, वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।
वन महोलिया निवासी लालती देवी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब 4:15 बजे उनके घर से थोड़ी दूरी पर कुछ महिलाएं गन्ने के खेत में अगोला काट रहीं थीं। तभी एक महिला ने दो शावकों के साथ एक मादा तेंदुआ को देखा। महिला ने भयभीत होकर शोर मचाया और शोर मचाते-मचाते बेहोश हो गई।
शोर सुनकर आसपास अगोला काट रहे अन्य लोग मौके पर पहुंचे। लालती के अनुसार, उस समय घर पर उनकी भतीजी दुर्गावती देवी और बेटे राम प्रसाद का ढाई वर्ष का पुत्र रोहित मौजूद था। अभी लोग बेहोश हुई महिला को संभाल ही रहे थे कि दुर्गावती ने शोर मचाया कि तेंदुआ रोहित को उठा ले गया।
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दुर्गावती का शोर सुनकर ग्रामीण पास के गन्ने के खेत की ओर हो-हल्ला करते हुए दौड़े। इस पर तेंदुआ रोहित को छोड़कर शावकों के साथ भाग गया। मौके पर पहुंचे लोग और बच्चे की दादी लालती देवी आनन-फानन में घायल रोहित को अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे के चेहरे, सीने और पीठ पर पंजे के हल्के निशान हैं और उसकी हालत खतरे से बाहर है।
जंगल से सटे क्षेत्र में वन कर्मी तैनात, मादा गुलदार पर नजर
खटीमा। वन महोलिया से सटे जंगल में शावकों के साथ घूम रही तेंदुआ पर नजर रखने के लिए वन कर्मियों को तैनात कर दिया गया है। इधर, खटीमा रेंज के रेंजर बीएस बिष्ट ने अस्पताल में घायल बच्चे का हाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा। साथ ही अंधेरे में घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह भी दी।
सड़क पर मृत मिला लैपर्ड कैट
काशीपुर। वन विभाग की टीम बृहस्पतिवार सुबह गुलजारपुर वन क्षेत्र में गश्त पर थी। टीम को ग्राम पच्चावाला में सड़क पर खून से लथपथ एक लैपर्ड कैट का शव दिखाई दिया। वन विभाग की टीम ने पंचनामा भर शव को काशीपुर रेंज कार्यालय पहुंचाया। वन क्षेत्राधिकारी केएस खाती ने बताया कि लैपर्ड कैट की मौत अज्ञात वाहन की चपेट में आने से होने की आशंका है। लैपर्ड कैट नर था और उसकी आयु तीन से चार वर्ष के बीच आंकी गई है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव दफना दिया गया है।
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वन महोलिया निवासी लालती देवी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब 4:15 बजे उनके घर से थोड़ी दूरी पर कुछ महिलाएं गन्ने के खेत में अगोला काट रहीं थीं। तभी एक महिला ने दो शावकों के साथ एक मादा तेंदुआ को देखा। महिला ने भयभीत होकर शोर मचाया और शोर मचाते-मचाते बेहोश हो गई।
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शोर सुनकर आसपास अगोला काट रहे अन्य लोग मौके पर पहुंचे। लालती के अनुसार, उस समय घर पर उनकी भतीजी दुर्गावती देवी और बेटे राम प्रसाद का ढाई वर्ष का पुत्र रोहित मौजूद था। अभी लोग बेहोश हुई महिला को संभाल ही रहे थे कि दुर्गावती ने शोर मचाया कि तेंदुआ रोहित को उठा ले गया।
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दुर्गावती का शोर सुनकर ग्रामीण पास के गन्ने के खेत की ओर हो-हल्ला करते हुए दौड़े। इस पर तेंदुआ रोहित को छोड़कर शावकों के साथ भाग गया। मौके पर पहुंचे लोग और बच्चे की दादी लालती देवी आनन-फानन में घायल रोहित को अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे के चेहरे, सीने और पीठ पर पंजे के हल्के निशान हैं और उसकी हालत खतरे से बाहर है।
जंगल से सटे क्षेत्र में वन कर्मी तैनात, मादा गुलदार पर नजर
खटीमा। वन महोलिया से सटे जंगल में शावकों के साथ घूम रही तेंदुआ पर नजर रखने के लिए वन कर्मियों को तैनात कर दिया गया है। इधर, खटीमा रेंज के रेंजर बीएस बिष्ट ने अस्पताल में घायल बच्चे का हाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा। साथ ही अंधेरे में घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह भी दी।
सड़क पर मृत मिला लैपर्ड कैट
काशीपुर। वन विभाग की टीम बृहस्पतिवार सुबह गुलजारपुर वन क्षेत्र में गश्त पर थी। टीम को ग्राम पच्चावाला में सड़क पर खून से लथपथ एक लैपर्ड कैट का शव दिखाई दिया। वन विभाग की टीम ने पंचनामा भर शव को काशीपुर रेंज कार्यालय पहुंचाया। वन क्षेत्राधिकारी केएस खाती ने बताया कि लैपर्ड कैट की मौत अज्ञात वाहन की चपेट में आने से होने की आशंका है। लैपर्ड कैट नर था और उसकी आयु तीन से चार वर्ष के बीच आंकी गई है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव दफना दिया गया है।