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ऊधम सिंह नगर: वैश्विक खाद्य सुरक्षा केंद्र के लिए विजन और मिशन पर मंथन
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पंतनगर में हुई कार्यशाला में मौजूद कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान व अन्य वैज्ञानिक।
- फोटो : RUDRAPUR
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पंतनगर। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय वैश्विक खाद्य सुरक्षा सम्मेलन के आयोजन के बाद यूनिवर्सिटी सेंटर में शोध निदेशालय की ओर से विश्व खाद्य सुरक्षा केंद्र : संरचना तथा कार्यप्रणाली पर कार्यशाला आयोजित की गई। अध्यक्षता करते हुए विवि के पूर्व कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने विश्व खाद्य सुरक्षा केंद्र के लिए विजनए मिशन व मैंडेट के निर्धारण के लिए मौजूद वैज्ञानिकों के साथ मंथन किया।
कुलपति ने मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक रखने की अनुशंसा की। इसमें केंद्र को स्थापित करनेए बंधित विषयोंए संरचनाओं के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भागीदारी के साथ एक प्लेटफार्म का निर्धारण करने का सुझाव दिया गया है। कार्यशाला में विजन के रूप में संस्था की जिम्मेदारियों को खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों के संदर्भ में सशक्त करने के साथ ही वातावरण जनित समस्याएंए सामाजिक मुद्दोंए तकनीकी नवाचार व मानव संसाधन को तय किया गया।
फ्रांस के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. सर्जे सावरी ने पंतनगर विवि में विश्व खाद्य सुरक्षा केंद्र की स्थापना के लिए पैनल को प्रस्तावित लक्ष्यों के बारे में बताया। उन्होंने पंतनगर विवि में इस केंद्र को स्थापित करने की सिफारिश की। कुलपति डॉने कहा कि देश में कश्मीर से कन्याकुमारी तक खाद्य गुणवत्ता में विविधताएं है। भारत के विकसित होने में कृषि और इसरो ने प्रमुख योगदान किया है। मानव संसाधन की क्षमता और वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता केंद्र की सफलता में मुख्य भूमिका निभाएगी।
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निदेशक शोध डॉण् अजीत सिंह नैन ने विश्व खाद्य सुरक्षा केंद्र की प्रासंगिकता और आवश्यकता की जानकारी दी। कार्यशाला में निदेशक व कुलपति एनडीआरआई करनाल डॉ. धीर सिंह, पेनसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी : यूएसए के डॉ. पॉल डी. इस्कर, इनरा फ्रांस की डॉ. लितिशिया विलोकेट, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान फिलीपींस के उप महानिदेशक शोध डॉ. अजय कोहली व भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून के निदेशक डॉ. एम. मधु आदि वैज्ञानिक मौजूद रहे।
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कुलपति ने मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक रखने की अनुशंसा की। इसमें केंद्र को स्थापित करनेए बंधित विषयोंए संरचनाओं के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भागीदारी के साथ एक प्लेटफार्म का निर्धारण करने का सुझाव दिया गया है। कार्यशाला में विजन के रूप में संस्था की जिम्मेदारियों को खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों के संदर्भ में सशक्त करने के साथ ही वातावरण जनित समस्याएंए सामाजिक मुद्दोंए तकनीकी नवाचार व मानव संसाधन को तय किया गया।
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फ्रांस के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. सर्जे सावरी ने पंतनगर विवि में विश्व खाद्य सुरक्षा केंद्र की स्थापना के लिए पैनल को प्रस्तावित लक्ष्यों के बारे में बताया। उन्होंने पंतनगर विवि में इस केंद्र को स्थापित करने की सिफारिश की। कुलपति डॉने कहा कि देश में कश्मीर से कन्याकुमारी तक खाद्य गुणवत्ता में विविधताएं है। भारत के विकसित होने में कृषि और इसरो ने प्रमुख योगदान किया है। मानव संसाधन की क्षमता और वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता केंद्र की सफलता में मुख्य भूमिका निभाएगी।
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निदेशक शोध डॉण् अजीत सिंह नैन ने विश्व खाद्य सुरक्षा केंद्र की प्रासंगिकता और आवश्यकता की जानकारी दी। कार्यशाला में निदेशक व कुलपति एनडीआरआई करनाल डॉ. धीर सिंह, पेनसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी : यूएसए के डॉ. पॉल डी. इस्कर, इनरा फ्रांस की डॉ. लितिशिया विलोकेट, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान फिलीपींस के उप महानिदेशक शोध डॉ. अजय कोहली व भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून के निदेशक डॉ. एम. मधु आदि वैज्ञानिक मौजूद रहे।