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सरकार ने निवेशकों के लिए बनाया बिजनेस हितैषी माहौल : उनियाल

Sun, 12 Aug 2018 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो   रुद्रपुर।
अमर उजाला ब्यूरो   रुद्रपुर। Updated Sun, 12 Aug 2018 12:04 AM IST
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Government created business friendly Atmospher for investors
रुद्रपुर में हुई कार्यशाला में मौजूद उद्यमी। - फोटो : amar ujala
उद्योग विभाग की ओर से फूड प्रोसेसिंग एवं ऑटोमोबाइल सेक्टर के क्षेत्र में निवेशकों की भागीदारी और निवेश के अवसरों को केंद्र में रखते हुए मिनी कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य अपने दो मेगा फूड पार्क, चार औद्योगिक क्लस्टर्स, स्थायी राजनैतिक माहौल एवं उपयुक्त श्रम संसाधनों के साथ खाद्य प्रसंस्करण के लिए सशक्त बुनियादी ढांचा प्रस्तुत करता है। सरकार ने निवेशकों के लिए बिजनेस हितैशी माहौल बनाया है। मिनी कॉन्क्लेव निवेशकों को आमंत्रित करने का एक तरीका हैं। 
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एक होटल में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए 15-16 कोल्ड चेन सिस्टम जोड़ने में सक्षम हुए हैं। हमारा मकसद इस क्षेत्र में अधिक योगदान करना और रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा करना है। ‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड समिट 2018‘ के जरिये हमने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य साधा है, जो प्रधानमंत्री के विजन को सहयोग करता है।
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प्रदेश में निवेश करने को इच्छुक निवेशकों को सभी संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि उत्तराखंड कृषि के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराता है। प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार ने एमएसएमई के लिए अपनाये गए विभिन्न कदम, आसानी से बिजनेस करने के लिए अपनाई गई पारदर्शिता और सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के बारे में बात की। उन्होंने हितधारकों को आगे आने और ‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड समिट 2018’ में हिस्सा लेने और विभिन्न घरेलू एवं विदेशी कंपनियों के साथ संवाद कर लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। 
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महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग सौजन्या ने निवेश माहौल को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा अपनाई गईं विभिन्न पहलों पर जोर दिया। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण सचिव डी. सेंथिल पांडियन ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, मशरूम की खेती, एपीकल्चर और बागवानी में निवेश अवसरों पर जोर दिया।

वहीं उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने समस्याएं रखी। इधर, उद्यमियों को बताया गया कि यह कार्यक्रम देहरादून में अक्तूबर के पहले हफ्ते में होने वाले डेस्टिनेशन उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट 2018 से पहले आयोजित किया गया है। दून में होने वाले समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। कार्यक्रम में एसके वर्मा डिप्टी सचिव खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, एससी नौटियाल निदेशक उद्योग, डीएम डॉ. नीरज खैरवाल, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, केजीसीसीआई कि अध्यक्ष अशोक बंसल, डॉ. संजय सिनहा, विजय धस्माना, अजय तिवारी, संदीप गर्ग, अशोक अग्रवाल, अनल विजय सिंह, सुमित दोसेजा, संजय गोयल आदि मौजूद रहे।  

बिजली कटौती और धान खरीद नीति की कमियां गिनाईं 
रुद्रपुर। केजीसीसीआई के अध्यक्ष अशोक बंसल ने मिनी कॉन्क्लेव में उद्योगों के समक्ष आई दिक्कतों को गिनाया। कहा कि औद्योगिक विकास का वातावरण बनाने और पूंजी निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य में स्थापित उद्योगों के समक्ष आ रही दिक्कतों का जल्द निवारण करना होगा। कहा कि उद्योगों में अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है।

इसके अलावा लो-वोल्टेज के दौरान उद्योगों को जेनरेटर से उत्पादन करना पड़ रहा है। यूपीसीएल की ओर से हर साल विद्युत दरों में वृद्धि किए जाने के बावजूद गुणवत्ता पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पंजाब की तुलना में महज सात फीसदी धान खरीदा जाता है। बीते साल धान खरीद केवल सहकारी समितियों और एजेसियों के माध्यम से की गई थी। इनमेें आढ़तियों को हटा दिया गया था। इसके  चलते 11 लाख मीट्रिक टन खरीद के सापेक्ष महज 53 हजार क्विंटल धान खरीद हो सकी। समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण किसानों को अपना धान औने पौने दामों में अन्य राज्यों को बेचना पड़ा।

उन्होंने मांग की कि धान खरीद समितियों, एजेेंसियों के साथ ही आढ़तियों के माध्यम से कराई जानी चाहिए। सरकार की अदूरदर्शी नीतियों के चलते राज्य में वर्ष 2017-18 में 180 राइस मिलें बंद हो चुकी है। ईएसआई के मानकों के अनुरूप चिकित्सा सुविधा, स्टाफ, विशेषज्ञ चिकित्सकों से युक्त औषधालय, अस्पतालों का निर्माण किया जाना जरूरी है। उन्होंने चावल को मंडी अधिनियम की अनुसूची तीन से हटाने, फैक्ट्री लाइसेंस नवीनीकरण के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट रिपोर्ट पेश करने की अनिवार्यता समाप्त करने सहित अन्य मांगें भी उठाईं।


सिडकुल एमडी के समक्ष उठाया पार्किंग और सड़कों का मुद्दा
रुद्रपुर। मिनी कॉन्क्लेव में पहुंची सिडकुल एमडी सौजन्या से सिडकुल इंटरप्रिन्योर सोसायटी का शिष्टमंडल मिला। उन्होंने कहा कि गलत ढंग से पार्किंग का ठेका दिया गया है। रोजाना प्रति वाहन तीन सौ रुपये वहन करना उद्योगों के लिए कठिन है। इसके अलावा सिडकुल की सड़कों की स्थिति खराब है। इस पर एमडी ने कहा कि 200 करोड़ के घाटे में उन्हें विभाग मिला। सिडकुल के रुपयों से बाहर की सड़कें, पार्क आदि बनवाए गए थे। बैंक को प्रतिवर्ष 35 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाना पड़ रहा है। सिडकुल का रुपया सिडकुल में ही खर्च करने का सरकार का आदेश जल्द ही मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि आपसी सामंजस्य से पार्किंग व्यवस्था को लेकर हुई दिक्कतों को दूर किया जाएगा। वहां सोसायटी के संरक्षक अजय तिवारी, संजय सिंघल, श्रीकर सिन्हा, अनित कुमार सिंह, जीतेन पटेल, आरके माहेश्वरी, कुलदीप मिश्रा, राजेश मिश्रा मौजूद रहे। 
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