{"_id":"608c54088ebc3e908b372cc5","slug":"funeral-of-freedom-fighter-sitarganj-news-hld423078162","type":"story","status":"publish","title_hn":"अश्रुपूरित आंखों के साथ दी अंतिम विदाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अश्रुपूरित आंखों के साथ दी अंतिम विदाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितारगंज। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गुरदयाल सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ उनके गांव के ही मुक्तिधाम पर किया गया। एसडीएम मुक्ता मिश्र और सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया। इस दौरान सतनाम वाहे गुरु के जाप के साथ ही अरदास की गई। इस मौके पर पुलिस लाइन रुद्रपुर के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।
सिसैया गांव निवासी 98 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गुरदयाल सिंह पुत्र रूढ़ सिंह का बृहस्पतिवार की शाम को घर पर ही निधन हो गया था। उनके निधन से समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सेनानी को मुखाग्नि उनके बेटे सरजीत सिंह ने दी। वहां पर तहसीलदार परमेश्वरी लाल गंगवार, कोतवाल सलाहउद्दीन, भाजपा नेता खतीब अहमद, उपकार सिंह बल, रंजीत सिंह, मंजीत सिंह, गन्ना चेयरमैन वीरेंद्र सिंह आदि थे।
याददाश्त खोने पर दस दिन रहे थे अस्पताल में भर्ती
सितारगंज। बढ़ती उम्र के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गुरदयाल सिंह की याददाश्त भी कम होती जा रही थी। दो अप्रैल को उन्हें रुद्रपुर के गौतम अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां दस दिन तक भर्ती रहने के बाद 12 अप्रैल को उन्हें छुट्टी दे दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिसैया गांव निवासी 98 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गुरदयाल सिंह पुत्र रूढ़ सिंह का बृहस्पतिवार की शाम को घर पर ही निधन हो गया था। उनके निधन से समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सेनानी को मुखाग्नि उनके बेटे सरजीत सिंह ने दी। वहां पर तहसीलदार परमेश्वरी लाल गंगवार, कोतवाल सलाहउद्दीन, भाजपा नेता खतीब अहमद, उपकार सिंह बल, रंजीत सिंह, मंजीत सिंह, गन्ना चेयरमैन वीरेंद्र सिंह आदि थे।
विज्ञापन
याददाश्त खोने पर दस दिन रहे थे अस्पताल में भर्ती
सितारगंज। बढ़ती उम्र के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गुरदयाल सिंह की याददाश्त भी कम होती जा रही थी। दो अप्रैल को उन्हें रुद्रपुर के गौतम अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां दस दिन तक भर्ती रहने के बाद 12 अप्रैल को उन्हें छुट्टी दे दी गई।
विज्ञापन