वेल्डिंग की दुकान में टूटे रिश्ते: खून से सना फर्श देख सहमे लोग, संपत्ति विवाद में रेत दिया छोटे भाई का गला
सितारगंज में घर और दुकान के बंटवारे को लेकर बड़े भाई ने धारदार हथियार से गला रेतकर रिश्तों का कत्ल कर दिया।
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सितारगंज में घर और दुकान के बंटवारे को लेकर बड़े भाई ने धारदार हथियार से गला रेतकर रिश्तों का कत्ल कर दिया। आसपास के व्यापारियों ने बताया कि रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे के आसपास जब गुरविंदर पाल सिंह दुकान में अकेला था तभी एक व्यक्ति मुंह पर नकाब बांधकर उसकी दुकान में पहुंचा और छोटे भाई को मौत के घाट उतार दिया।
इस दौरान दुकान में रखे सामान के नीचे गिरने की आवाज सुनकर बाहर निकले व्यापारियों ने गुरविंदर को लहूलुहान हालात में नीचे पड़ा हुआ देखा तो वह दौड़कर गुरविंदर पाल की दुकान पर पहुंचे। इस दौरान व्यापारियों ने हत्यारोपी को घटनास्थल से दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
लोगों ने बताया कि गुरविंदर पाल सिंह चार भाई-बहन थे। सबसे छोटे भाई की दो साल पहले ही मृत्यु हो चुकी है। बहन का बरेली में विवाह हुआ था। सबसे बड़ा भाई कुलदीप सिंह कई वर्ष से पंजाब के फरीदकोट में रहता था। वह लंबे समय से हिस्से की बंटवारे की मांग कर रहा था। हिस्से की बंटवारे की बात करने के लिए वह जब भी पंजाब से सितारगंज आता, तो गुरविंदर और उसकी पत्नी घर और दुकान पर ताला लगाकर कहीं चले जाया करते थे। इस वजह से बड़ा भाई काफी समय से नाराज चल रहा था।
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पति पर हमले की सूचना मिलने पर बदहवास हुई पत्नी
घटना के समय पत्नी कमलजीत कौर गुरुद्वारा गई हुई थी। जब पति का गला रेतने की खबर सुनी तो वह बदहवास हो गई। रोते- बिलखते वह पड़ोसियों की मदद से किसी तरह अस्पताल पहुंची। पड़ोसी उन्हें सांत्वना देते रहे।
संपत्ति विवाद को लेकर होता रहा रिश्तों का कत्लेआम
संपत्ति विवाद को लेकर सितारगंज में पहले भी कई बार रिश्तों का कत्ले आम हो चुका है। 2014 में ग्राम खूनसरा में तालाब की मामूली जमीन पर लकड़ी रखने को लेकर उपजे विवाद में भाई ने भाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा 2011 में भी जमीनी विवाद को लेकर भाई ने भाई पर गंडासे से हमला किया था।