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सावन के पहले सोमवार में भक्तों ने शिवलिंग पर चढ़ाया जल
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खटीमा के चकरपुर में वनखंडी महादेव शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए लाइन में खड़े श्रद्धालु।
- फोटो : KHATIMA
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पर्वतीय और पंजाबी समाज के लोगों ने सावन के पहले सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाकर शिव भगवान की पूजा-अर्चना की। बारिश पर भक्तों की आस्था भारी पड़ी। छाता लगाकर सैकड़ों लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना करने पहुंचे।
पांच मंदिर, दुर्गा मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, प्राचीन अटरिया मंदिर, नीलकंठ मंदिर, दूधिया मंदिर आदि में सुबह से ही भक्त उमड़ पड़े। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर समितियों के पदाधिकारियों ने लोगों से सामाजिक दूरी का पालन करने को कहा। भक्तों ने शिवालयों में जल धारा, बेलपत्र व दूध-दही से अभिषेक किया। पुरोहितों के मुताबिक सावन माह में की गई शिव उपासना बहुत ही फलदायी होती है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन भगवान शंकर का महीना माना जाता है। कहा जाता है कि कण-कण में भगवान शिव का वास है। ज्योतिषाचार्य ललित मोहन जोशी ने बताया कि पंजाबी व पर्वतीय समाज के लोगों का सावन 16 जुलाई संक्रांत के दिन शुरू हो गया था। इस वजह से सावन का पहला सोमवार है। जबकि पंचांग के अनुसार पांचवें महीने में सावन शुरू होता है। इस बार 25 जुलाई से सावन शुरू होकर 22 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान कुल चार सोमवार पड़ेंगे। जबकि पर्वतीय व पंजाबी समाज के लोगों का सावन 16 अगस्त को समाप्त हो जाएगा।
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काशीपुर में भक्तों ने शिवालयों में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। कोरोना को देखते हुए कुछ लोगों ने घर में ही पूजा-अर्चना की। कई घरों में शिवार्चन का कार्यक्रम भी रखा गया। भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लोगों ने उपवास रखा। नगर के मोटेश्वर महादेव मंदिर, नागनाथ मंदिर, बासिंयोवाला मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। चैती मंदिर में भी पहुंच कर लोगों ने भगवान शिव को दूध, बेलपत्र आदि अर्पित कर भगवान का आशीर्वाद लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुबह लोगों ने शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया और शाम को भजन-कीर्तन का आयोजन किया। महिलाओं ने उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना की। मंदिरों में भक्तों से कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया गया। (ब्यूरो
मंदिरों में गूंजे भगवान शिव के जयकारे
खटीमा। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर व्रत रखा। मंदिरों में जयकारों की गूंज रही।
वनखंडी महादेव शिव मंदिर चकरपुर, लालकोठी शिव मंदिर, अमाऊं स्थित ओमकारेश्व मंदिर, कंजाबाग स्थित सिद्धेश्वर शिव मंदिर, पीलीभीत रोड स्थित शिव मंदिर, चारुबेटा के बिलेश्वर शिव मंदिर सहित झनकट, जमौर, दियूरी, बिरिया मझोला, श्रीपुर विचवा, बगियाघाट, कुटरी, नदन्ना, मेलाघाट, नगरा तराई स्थित मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पूजा-अर्चना के लिए आना शुरू हो गया। वनखंडी महादेव मंदिर चकरपुर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु उमड़े। (संवाद)
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पांच मंदिर, दुर्गा मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, प्राचीन अटरिया मंदिर, नीलकंठ मंदिर, दूधिया मंदिर आदि में सुबह से ही भक्त उमड़ पड़े। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर समितियों के पदाधिकारियों ने लोगों से सामाजिक दूरी का पालन करने को कहा। भक्तों ने शिवालयों में जल धारा, बेलपत्र व दूध-दही से अभिषेक किया। पुरोहितों के मुताबिक सावन माह में की गई शिव उपासना बहुत ही फलदायी होती है।
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन भगवान शंकर का महीना माना जाता है। कहा जाता है कि कण-कण में भगवान शिव का वास है। ज्योतिषाचार्य ललित मोहन जोशी ने बताया कि पंजाबी व पर्वतीय समाज के लोगों का सावन 16 जुलाई संक्रांत के दिन शुरू हो गया था। इस वजह से सावन का पहला सोमवार है। जबकि पंचांग के अनुसार पांचवें महीने में सावन शुरू होता है। इस बार 25 जुलाई से सावन शुरू होकर 22 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान कुल चार सोमवार पड़ेंगे। जबकि पर्वतीय व पंजाबी समाज के लोगों का सावन 16 अगस्त को समाप्त हो जाएगा।
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काशीपुर में भक्तों ने शिवालयों में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। कोरोना को देखते हुए कुछ लोगों ने घर में ही पूजा-अर्चना की। कई घरों में शिवार्चन का कार्यक्रम भी रखा गया। भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लोगों ने उपवास रखा। नगर के मोटेश्वर महादेव मंदिर, नागनाथ मंदिर, बासिंयोवाला मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। चैती मंदिर में भी पहुंच कर लोगों ने भगवान शिव को दूध, बेलपत्र आदि अर्पित कर भगवान का आशीर्वाद लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुबह लोगों ने शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया और शाम को भजन-कीर्तन का आयोजन किया। महिलाओं ने उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना की। मंदिरों में भक्तों से कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया गया। (ब्यूरो
मंदिरों में गूंजे भगवान शिव के जयकारे
खटीमा। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर व्रत रखा। मंदिरों में जयकारों की गूंज रही।
वनखंडी महादेव शिव मंदिर चकरपुर, लालकोठी शिव मंदिर, अमाऊं स्थित ओमकारेश्व मंदिर, कंजाबाग स्थित सिद्धेश्वर शिव मंदिर, पीलीभीत रोड स्थित शिव मंदिर, चारुबेटा के बिलेश्वर शिव मंदिर सहित झनकट, जमौर, दियूरी, बिरिया मझोला, श्रीपुर विचवा, बगियाघाट, कुटरी, नदन्ना, मेलाघाट, नगरा तराई स्थित मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पूजा-अर्चना के लिए आना शुरू हो गया। वनखंडी महादेव मंदिर चकरपुर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु उमड़े। (संवाद)

रुद्रपुर के पांच मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : RUDRAPUR

काशीपुर के शिव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करते भक्त।- फोटो : KASHIPUR