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घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, छावनी बना घर
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रुद्रपुर। भूतबंगला में गोली लगने से घायल कमल की हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में मौत हो गई। हल्द्वानी में पोस्टमार्टम के बाद उसका शव रुद्रपुर लाया गया और अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने पांच आरोपियों पर दर्ज हत्या की कोशिश की धारा को अब हत्या में तरमीम कर दिया है। मामले में तीन हत्यारोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इधर, बवाल की आशंका को देखते हुए मृतक के घर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
बीती 17 मई की रात साढ़े आठ बजे भूतबंगला निवासी कमल (20) और उसके पिता मदन लाल के बीच कहासुनी हो गई थी। इसी बीच उनका रिश्तेदार तोता राम बीचबचाव करने पहुंचा तो उसकी भी कमल के साथ कहासुनी हो गई। मामला शांत होने पर तोता राम अपने घर चला गया।
कुछ देर बाद वह अपने बेटे पवन और उसके दोस्त शुभम, निरंजन, सत्यम के साथ कमल के घर पहुंचा और पवन ने तमंचे से गोली मार दी और फरार हो गए। गोली पवन के जबड़े को चीरती हुई निकल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमल को अस्पताल पहुंचाया था, जहां से उसे सुशीला तिवारी हल्द्वानी रेफर कर दिया गया था। वहीं, मदन लाल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी।
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बीते मंगलवार को पुलिस ने पवन और सत्यम को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया था। बृहस्पतिवार को तोता राम को गिरफ्तार कर लिया गया। इधर, घायल कमल एसटीएच में जिंदगी की जंग लड़ रहा था। शुक्रवार को कमल की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
वहीं क्षेत्र में बवाल की आशंका को देखते हुए मृतक के घर और गलियों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। रंपुरा पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल जोशी के साथ ही कई महिला पीएसी कर्मी देर शाम तक घर के बाहर डटे रहे।
मामले की नजाकत को भांपते हुए एसपी सिटी ममता बोहरा भी मृतक के घर पहुंचीं। उन्होंने मृतक की पत्नी को सांत्वना देकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया। इस दौरान सीओ सिटी अमित कुमार और कोतवाल विजेंद्र शाह भी मौजूद रहे।
नकली पैर लगाकर कमल की हत्या करने पहुंचा था पवन
रुद्रपुर। कमल की हत्या करने के लिए पवन अपने पिता और तीन दोस्तों के साथ नकली पैर लगाकर पहुंचा था। वर्ष 2018 में सड़क हादसे में पवन दाहिना पैर गंवा चुका है। तोता राम जब घर पहुंचा तो उनका बेटा पवन नकली पैर उतारकर बैठा था। पिता के कहते ही उसने नकली पैर लगाया और कमल के घर पहुंचकर तमंचे से उसे गोली मार दी। हालांकि पुलिस गिरफ्त में आने के बाद पवन खुद को निर्दोष बताता रहा।
भूतबंगला निवासी कमल का विवाह दो साल पहले शाबास तालगाबार रामपुर निवासी हेमवती से हुआ था। डेढ़ माह पहले बड़े ऑपरेशन के बाद उसकी बेटी रिया हुई। रंपुरा पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल जोशी ने बताया कि कमल पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। वह मजदूरी कर परिवार के भरण पोषण में हाथ बंटाता था। उन्होंने बताया कि कमल को गोली मारने वाला पवन वर्ष 2018 में सड़क हादसे का शिकार हो गया था।
इस दौरान उसे अपना दाहिना पैर गंवाना पड़ा था। वह नकली पैर लगाकर चलता-फिरता है। 17 मई को भी वह नकली पैर लगाकर तमंचा लेकर पहुंचा और आते ही कमल के जबड़े में गोली मार दी थी। हत्यारोपी पवन गैस रिफिलिंग का काम करता है। इसके अलावा उसकी किच्छा बाईपास रोड पर चाय की दुकान है। उन्होंने बताया कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश भी है। कमल की हत्या के पांच दिन पहले कमल और पवन के बीच विवाद की बात भी सामने आ रही है।
अबोध बेटी के सिर से उठा पिता का साया
रुद्रपुर। रिया के जन्म के समय कमल काफी उत्साहित था। वह उसे अच्छे स्कूल में पढ़ाने की बात कहा करता था। वह अभी डेढ़ माह की है। शुक्रवार को मृतक के घर में माहौल गमगीन था। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मृतक की मां विरमा देवी और पत्नी हेमवती कई बार बेसुध हो गईं। (संवाद)
पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी रहा अलर्ट
रुद्रपुर। कमल की मौत के बाद उसके घर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। एसपी सिटी ममता बोहरा पूरे मामले पर नजर रखती रहीं। महिला पीएसी के अलावा रंपुरा पुलिस को मृतक के घर के बाहर तैनात कर दिया गया था। इसके अलावा खुफिया विभाग भी पूरे मामले में मौके पर रहकर स्थिति की जानकारी लेता रहा। (संवाद)
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बीती 17 मई की रात साढ़े आठ बजे भूतबंगला निवासी कमल (20) और उसके पिता मदन लाल के बीच कहासुनी हो गई थी। इसी बीच उनका रिश्तेदार तोता राम बीचबचाव करने पहुंचा तो उसकी भी कमल के साथ कहासुनी हो गई। मामला शांत होने पर तोता राम अपने घर चला गया।
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कुछ देर बाद वह अपने बेटे पवन और उसके दोस्त शुभम, निरंजन, सत्यम के साथ कमल के घर पहुंचा और पवन ने तमंचे से गोली मार दी और फरार हो गए। गोली पवन के जबड़े को चीरती हुई निकल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमल को अस्पताल पहुंचाया था, जहां से उसे सुशीला तिवारी हल्द्वानी रेफर कर दिया गया था। वहीं, मदन लाल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी।
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बीते मंगलवार को पुलिस ने पवन और सत्यम को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया था। बृहस्पतिवार को तोता राम को गिरफ्तार कर लिया गया। इधर, घायल कमल एसटीएच में जिंदगी की जंग लड़ रहा था। शुक्रवार को कमल की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
वहीं क्षेत्र में बवाल की आशंका को देखते हुए मृतक के घर और गलियों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। रंपुरा पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल जोशी के साथ ही कई महिला पीएसी कर्मी देर शाम तक घर के बाहर डटे रहे।
मामले की नजाकत को भांपते हुए एसपी सिटी ममता बोहरा भी मृतक के घर पहुंचीं। उन्होंने मृतक की पत्नी को सांत्वना देकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया। इस दौरान सीओ सिटी अमित कुमार और कोतवाल विजेंद्र शाह भी मौजूद रहे।
नकली पैर लगाकर कमल की हत्या करने पहुंचा था पवन
रुद्रपुर। कमल की हत्या करने के लिए पवन अपने पिता और तीन दोस्तों के साथ नकली पैर लगाकर पहुंचा था। वर्ष 2018 में सड़क हादसे में पवन दाहिना पैर गंवा चुका है। तोता राम जब घर पहुंचा तो उनका बेटा पवन नकली पैर उतारकर बैठा था। पिता के कहते ही उसने नकली पैर लगाया और कमल के घर पहुंचकर तमंचे से उसे गोली मार दी। हालांकि पुलिस गिरफ्त में आने के बाद पवन खुद को निर्दोष बताता रहा।
भूतबंगला निवासी कमल का विवाह दो साल पहले शाबास तालगाबार रामपुर निवासी हेमवती से हुआ था। डेढ़ माह पहले बड़े ऑपरेशन के बाद उसकी बेटी रिया हुई। रंपुरा पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल जोशी ने बताया कि कमल पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। वह मजदूरी कर परिवार के भरण पोषण में हाथ बंटाता था। उन्होंने बताया कि कमल को गोली मारने वाला पवन वर्ष 2018 में सड़क हादसे का शिकार हो गया था।
इस दौरान उसे अपना दाहिना पैर गंवाना पड़ा था। वह नकली पैर लगाकर चलता-फिरता है। 17 मई को भी वह नकली पैर लगाकर तमंचा लेकर पहुंचा और आते ही कमल के जबड़े में गोली मार दी थी। हत्यारोपी पवन गैस रिफिलिंग का काम करता है। इसके अलावा उसकी किच्छा बाईपास रोड पर चाय की दुकान है। उन्होंने बताया कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश भी है। कमल की हत्या के पांच दिन पहले कमल और पवन के बीच विवाद की बात भी सामने आ रही है।
अबोध बेटी के सिर से उठा पिता का साया
रुद्रपुर। रिया के जन्म के समय कमल काफी उत्साहित था। वह उसे अच्छे स्कूल में पढ़ाने की बात कहा करता था। वह अभी डेढ़ माह की है। शुक्रवार को मृतक के घर में माहौल गमगीन था। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मृतक की मां विरमा देवी और पत्नी हेमवती कई बार बेसुध हो गईं। (संवाद)
पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी रहा अलर्ट
रुद्रपुर। कमल की मौत के बाद उसके घर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। एसपी सिटी ममता बोहरा पूरे मामले पर नजर रखती रहीं। महिला पीएसी के अलावा रंपुरा पुलिस को मृतक के घर के बाहर तैनात कर दिया गया था। इसके अलावा खुफिया विभाग भी पूरे मामले में मौके पर रहकर स्थिति की जानकारी लेता रहा। (संवाद)