{"_id":"5953fc624f1c1b8b368b484d","slug":"village-heads-bdc-members-boycott-meeting","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम प्रधानों, बीडीसी सदस्यों ने किया बैठक का बहिष्कार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्राम प्रधानों, बीडीसी सदस्यों ने किया बैठक का बहिष्कार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
हंगामा करते प्रधान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम विकास कार्यों के रूप में मिलने वाले बजट में राज्य सरकार द्वारा की गई कटौती से नाराज ग्राम प्रधानों एवं बीडीसी सदस्यों ने बुधवार को आयोति बैठक का बहिष्कार कर दिया। नाराज ग्राम प्रधानों एवं बीडीसी सदस्यों ने बताया कि राज्य वित्त आयोग से मिलने वाला बजट वर्ष में दो बार प्रधानों को मिलता था।
विज्ञापन
बैठक के बहिष्कार के दौरान ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजा। प्रधानों ने बताया बजट से गांवों में नाली निर्माण, शौचालय निर्माण एवं टूटी सड़कों की मरम्मत आदि का कार्य कराया जाता था। पिछले काफी समय से बजट नहीं मिला है। ऊपर से राज्य सरकार ने बजट में कटौती कर दी है।
विज्ञापन
बजट न मिलने की वजह से मनरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिससे गांव में होने वाले विकास कार्य ठप हो जाएंगे और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बैठक का बहिष्कार करने वाले प्रधानों में दिलबाग सिंह, नंदलाल यादव, हाकिम अली खान, मनमोहन सिंह, जगदीप आर्या, शइदुल रहमान, मोहम्मद यासीन, गीता थापा, सरस्वती देवी, कुसुम, दीपा कोरंगा आदि थे।
विज्ञापन
सुनवाई नहीं की तो दे देंगे इस्तीफा
लंबे समय से गांवों के विकास के लिए बजट नहीं आने और उसमें भी कटौती करने से नाराज ग्राम प्रधानों ने एक सुर में जिला पंचायतराज का विरोध शुरू कर दिया है। ग्राम प्रधानों ने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा अगर जल्द उनकी मांगो पर सुनवाई नहीं हुई तो वे तीन जुलाई को सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे। कहा कि सरकार की नीति से गांवों का विकास थम जाएगा। ऐसे हालात में उनका पद पर बने रहना फायदेमंद नहीं होगा।