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एसओजी ने लूट का प्रयास करते तीन बदमाशों को दबोचा

Sat, 04 Jul 2015 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर Updated Sat, 04 Jul 2015 12:29 AM IST
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तीन बदमाश दिनदहाड़े एक घर में लूट करने घुस रहे थे कि एसओजी टीम ने हथियारों के साथ दबोच लिया। इससे बड़ी वारदात होने से टल गई।

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आईटीआई थाना में एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि दो जून को एसओजी की टीम को सूचना मिली कि तीन शातिर बदमाश पुराना आवास विकास निवासी रवीश अरोरा के घर में घुस कर लूट करने जा रहे हैं। वह बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

सूचना मिलते ही एसओजी टीम बताए गए घर के पास पहुंची तो देखा एक बदमाश दरवाजा खटखटा रहा था। उपनिरीक्षक प्रहलाद सिंह ने देखा एक बदमाश के कमर पर दो तमंचे लगे हैं। प्रहलाद सिंह बिष्ट ने छलांग लगाकर बदमाश को कमर से पकड़ लिया। टीम ने दो को दबोच लिया।
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इनके पास से तीन तमंचे, टेप, खुखरी, उस्तरा, कारतूस बरामद हुए। पूछताछ मेें बदमाशों ने अपना नाम मोहल्ला लाहौरियान निवासी संजीव शर्मा, मोहल्ला गंज निवासी शंकर लाल, बड़ा गुरुद्वारा के सामने निवासी राजकुमार बताया। एसएसपी ने बताया कि राजकुमार पेशे से प्लंबर है।
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वह चार महीने पहले रवीश अरोरा के घर टंकी फिटिंग करने गया था। तब उसने घर की रेकी कर अपने साथियों को घर में काफी माल मिलने की उम्मीद जताई। तब इन तीनों ने लूट की योजना बनाई। पुलिस ने तीनों को धारा 398, 401, शस्त्र अधिनियम में गिरफ्तार किया।

विशेष भूमिका के लिए एसओजी के सिपाही नीरज पाल को एसएसपी ने ढाई हजार, एएसपी ने डेढ़ हजार का ईनाम देने की घोषणा की।

बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में एसआई अरुण कुमार, अरुण कुमार सैनी, एसओजी के एसआई प्रहलाद सिंह, कांस्टेबल कैलाश, अब्दुल खालिद, नीरज पाल, बृजभूषण गुरुरानी, बलवंत सिंह, अवधेश कुमार शामिल थे। खुलासे के दौरान एएसपी कमलेश उपाध्याय, सीओ पीसी आर्या, एसओ आईटीआई हरेंद्र चौधरी आदि थे।


एसओजी ने जिन तीन बदमाशों को पकड़ा, उनमें दो के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। संजीव शर्मा के खिलाफ वर्ष 2010 से लूट, हत्या का प्रयास, गैंगेस्टर सहित नौ मुकदमे दर्ज हैं। बम विस्फोट की घटना में संजीव के एक हाथ का पंजा उड़ गया था। वह लोहे का पंजा लगाता है। शंकरलाल के खिलाफ वर्ष 2006 से चार मुकदमे दर्ज हैं।

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