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छह घंटे चली मंडलायुक्त की ‘क्लास’
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:03 AM IST
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बैठक में निर्देश देते मंडलआयुक्त
- फोटो : अमर उजाला
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एनएच-74 भूमि अधिग्रहण में कृषि भूमि को कामर्शियल दिखाकर करोड़ों का मुआवजा हड़पने के मामले की जांच पड़ताल के लिए कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन बृहस्पतिवार को रुद्रपुर क्लक्ट्रेट पहुंचे। आयुक्त ने क्लक्ट्रेट के बंद सभागार में छह घंटे तक बैठक लेकर जनपद के सभी एसडीएम, एडीएम, कोषाधिकारियों और चकबंदी अधिकारियों के साथ ही तहसील कर्मियों से पूछताछ की। साथ ही आवश्यक दस्तावेज खंगाले।
बता दें एनएच-74 भूमि अधिग्रहण मामले में आयुक्त की जांच में 118 करोड़ के घोटाला सामने आया है। जांच की और अधिक गहन पड़ताल के लिए आयुक्त पांडियन बृहस्पतिवार को क्लक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ जनपद के 8 एसडीएम, दो एडीएम के साथ ही सभी कोषाधिकारियों, तहसीलकर्मियों और चकबंदी अधिकरियों को तलब किया था। क्लक्ट्रेट के बंद सभागार में 11.40 से शुरू हुई बैठक छह तक चली। पांडियन ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों द्वारा लाए गए उन महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की जो मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे।
सूत्र बताते हैं कि बैठक के दौरान पांडियन ने अधिकारियों की नब्ज टटोलने के साथ ही उन भू-स्वामियों और किसानों के आंकड़ों पर भी गंभीरता से जांच की, जिन्होंने अफसरों के साथ मिलकर अपनी कृषि भूमि को कामर्शियल दिखाकर करोड़ों का मुआवजा हड़पा और उसी मुआवजे की रकम से अफसरों की जेबें भी भरीं। पांडियन द्वारा जुटाए इन आंकड़ों से अंदेशा लगाया जा रहा है कि उक्त मामले की जांच पूरी होने पर घोटाले में लिप्त अधिकारियों के साथ ही उन भू-स्वामियों और किसानों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है, जो मुुआवजे के लालच में अफसरों के साथ इस खेल में शामिल हुए। शाम छह बजे बाद अफसर सभागार से बाहर निकले।
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एनएच-74 भूमि अधिग्रहण में मुआवजे के लालच में किये गये भूमि घोटाले की जांच को लेकर रुद्रपुर पहुंचे कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन की बैठक की गोपनीयता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आयुक्त ने सूचना विभाग के कर्मचारियों को भी सभागार से बाहर रखा। इसके साथ ही मीडिया कर्मियों को भी बैठक की कवरेज करने की अनुमति नहीं दी गई।
एनएच 74 भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को रुद्रपुर के क्लेक्ट्रेट सभागार में पहुंचे कुमाऊं आयुक्त डी सैंथिल पांडियन ने जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को बैठक में तलब किया था उनमें से अधिकांश अफसर 50-60 किलो से अधिक वजनी दस्तावेज लेकर बैठक में पहुंचे। दस्तावेजों की मोटी गठरियों को देखकर लोग अंदाजा लगा रहे थे कि अगर सभी दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन किया गया तो भूमि अधिग्रहण का घोटाला पूरी तरह सामने आने के साथ ही कई अन्य घोटालों का भी पर्दाफाश हो सकता है।
एनएच-74 भूमि अधिग्रहण मामले की बृहस्पतिवार को बिंदुवार जांच की गई। मामले में एसएलओ स्तर से लेकर चकबंदी और एसडीएम द्वारा किये गये कार्यों की पूरी जांच की जा रही है। प्रकिया लंबी होने के कारण जांच में करीब पांच दिन का और समय लगेगा। आज भी छह घंटे की जांच बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पड़ताल की गई है।
-डी सेंथिल पांडियन, कुमाऊं आयुक्त
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बता दें एनएच-74 भूमि अधिग्रहण मामले में आयुक्त की जांच में 118 करोड़ के घोटाला सामने आया है। जांच की और अधिक गहन पड़ताल के लिए आयुक्त पांडियन बृहस्पतिवार को क्लक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ जनपद के 8 एसडीएम, दो एडीएम के साथ ही सभी कोषाधिकारियों, तहसीलकर्मियों और चकबंदी अधिकरियों को तलब किया था। क्लक्ट्रेट के बंद सभागार में 11.40 से शुरू हुई बैठक छह तक चली। पांडियन ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों द्वारा लाए गए उन महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की जो मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे।
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सूत्र बताते हैं कि बैठक के दौरान पांडियन ने अधिकारियों की नब्ज टटोलने के साथ ही उन भू-स्वामियों और किसानों के आंकड़ों पर भी गंभीरता से जांच की, जिन्होंने अफसरों के साथ मिलकर अपनी कृषि भूमि को कामर्शियल दिखाकर करोड़ों का मुआवजा हड़पा और उसी मुआवजे की रकम से अफसरों की जेबें भी भरीं। पांडियन द्वारा जुटाए इन आंकड़ों से अंदेशा लगाया जा रहा है कि उक्त मामले की जांच पूरी होने पर घोटाले में लिप्त अधिकारियों के साथ ही उन भू-स्वामियों और किसानों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है, जो मुुआवजे के लालच में अफसरों के साथ इस खेल में शामिल हुए। शाम छह बजे बाद अफसर सभागार से बाहर निकले।
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एनएच-74 भूमि अधिग्रहण में मुआवजे के लालच में किये गये भूमि घोटाले की जांच को लेकर रुद्रपुर पहुंचे कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन की बैठक की गोपनीयता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आयुक्त ने सूचना विभाग के कर्मचारियों को भी सभागार से बाहर रखा। इसके साथ ही मीडिया कर्मियों को भी बैठक की कवरेज करने की अनुमति नहीं दी गई।
एनएच 74 भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को रुद्रपुर के क्लेक्ट्रेट सभागार में पहुंचे कुमाऊं आयुक्त डी सैंथिल पांडियन ने जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को बैठक में तलब किया था उनमें से अधिकांश अफसर 50-60 किलो से अधिक वजनी दस्तावेज लेकर बैठक में पहुंचे। दस्तावेजों की मोटी गठरियों को देखकर लोग अंदाजा लगा रहे थे कि अगर सभी दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन किया गया तो भूमि अधिग्रहण का घोटाला पूरी तरह सामने आने के साथ ही कई अन्य घोटालों का भी पर्दाफाश हो सकता है।
एनएच-74 भूमि अधिग्रहण मामले की बृहस्पतिवार को बिंदुवार जांच की गई। मामले में एसएलओ स्तर से लेकर चकबंदी और एसडीएम द्वारा किये गये कार्यों की पूरी जांच की जा रही है। प्रकिया लंबी होने के कारण जांच में करीब पांच दिन का और समय लगेगा। आज भी छह घंटे की जांच बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पड़ताल की गई है।
-डी सेंथिल पांडियन, कुमाऊं आयुक्त