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एसआईटी ने एनएच के दो अफसरों से की घंटों पूछताछ
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
Updated Thu, 22 Jun 2017 12:14 AM IST
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अधिकारियों से पूछताछ करती एसआईटी।
- फोटो : अमर उजाला
एनएच भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी ने आखिरकार एनएच के दो अधिकारियों को अपनी जांच के लपेटे में ले ही लिया है। पिछले लंबे समय से इस महाघोटाले की आंच से दूर रह रहे एनएच के अधिकारियों से बुधवार को एसआईटी ने करीब छह घंटे तक गहन पूछताछ की। एनएच के जिन अधिकारियों से पूछताछ हुई है, उनमें प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय विश्नोई और उप प्रबंधक (तकनीक) अनुज कुमार हैं।
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एनएच भूमि मुआवजा घोटाले में सैकड़ों करोड़ के गोलमाल का अनुमान लगाया जा रहा है। अभी तक जांच टीमें सिर्फ राजस्व विभाग और तहसील क्षेत्रों के अधिकारियों से ही पूछताछ करती रहीं। तत्कालीन कुमाऊं कमिश्नर डी सेंथिल पांडियन की ओर से गठित जांच टीम ने इस मामले में सात पीसीएस अफसरों को दोषी माना था और शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसमें तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह सहित पूर्व एसएलओ अनिल शुक्ला और वर्तमान में गढ़वाल मंडल में एडीएम तीरथ पाल से एसआईटी ने कई बिंदुओं पर पूछताछ कर चुकी है। कई काश्तकारों से भी एसआईटी पूछताछ में जुटी है। बुधवार को ऊधमसिंह नगर जिले में तैनात एनएच के दो अधिकारियों से भी गहन पूछताछ की गई।
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एसएसपी डा. सदानंद दाते का कहना है कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो चिन्हित नहीं हैं लेकिन घोटाले में उनकी अहम भूमिका सामने आ रही है। इसीलिए बुधवार को एनएच के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और उप प्रबंधक को पूछताछ के लिए बुलाया गया। दोनों अधिकारियों से बारी-बारी करीब छह घंटे पूछताछ की गई। उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं। बाकायदा इसकी वीडियोग्राफी कराई गई।
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3-डी के बाद भी हो गया बड़ा खेल
एनएच भूमि मुआवजा घोटाले में 3-डी (यानी पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने) के बाद भूमि अधिग्रहित होने पर भी घोटालेबाजों ने कृषि भूमि को अकृषि दर्शाकर मुआवजा की धनराशि को कई गुना बढ़ा दिया। अफसरों ने धारा 143 की कार्यवाही को बैक डेट में दर्शा दिया। एसएसपी डा. सदानंद दाते ने बताया कि नेशनल हाइवे चौड़ीकरण में भूमि को अधिग्रहीत करने के लिए 3-ए से लेकर 3-जी तक की प्रक्रिया पूरी होती है, लेकिन 3-डी में सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जमीन अधिग्रहित हो जाती है। लेकिन, घोटालेबाजों ने 3-डी होने के बाद भी कागजों में इतनी बड़ी हेराफेरी कर दी कि जिस जमीन का मुआवजा 10 लाख तक बनता था उस मुआवजे को करोड़ों में दर्शा दिया। इस खेल में अफसरों ने अपने अधिकार क्षेत्रों से बाहर जाकर काम किया।
कुंडा और जसपुर पहुंचकर एसआईटी ने किया स्थलीय निरीक्षण
काशीपुर/जसपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग मुआवजा घोटाले के मामले में एसआईटी ने कुंडा और जसपुर में स्थलीय निरीक्षण किया। बुधवार को एसआईटी के सदस्य कुंडा और गढ़ीहुसैन पहुंचे। उन्होंने हल्का लेखपाल मो. नवाब को मौके पर बुलाकर चौड़ीकरण में आई भूमि का निरीक्षण कर अभिलेखों से मिलान किया। एसआईटी प्रभारी पंतनगर कोतवाली प्रभारी संजय पाठक ने बताया कि गढ़ी हुसैन में चरण सिंह और लालपुर निवासी दिलबाग सिंह की कुंडा में भूमि के खसरे का हलका लेखपाल से मिलान कराया गया। इसके अलावा जसपुर में किसानों के बयान लिए गए हैं। तहसीलदार महेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि सभी पुराने रिकार्डों को रुद्रपुर ट्रेजरी में जमा करा दिया गया था। तहसील में 2015-16 का ही रिकार्ड है। ब्यूरो