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गला दबाकर युवक की निर्मम हत्या
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
Updated Sun, 29 Oct 2017 12:42 AM IST
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काशीपुर में घटनास्थल का निरीक्षण करते एसएसपी।
- फोटो : Amar Ujala
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परचून की दुकान के साथ अवैध शराब बेचने वाले एक युवक की अज्ञात लोगों ने गला दबाकर हत्या कर दी। युवक का शव दुकान से करीब दो सौ मीटर दूर झाड़ियों में पड़ा मिला। परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। एसएसपी, एएसपी, सीओ व कोतवाल ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। घटना के खुलासे के लिए एसएसपी ने चार टीमों का गठन किया है। पुलिस हत्याकांड को अवैध शराब के कारोबार से जोड़ कर देख रही है।
ग्राम नवलपुर गढ़ीनेगी निवासी रंजीत सिंह ऊर्फ मित्तू (35) पुत्र दर्शन सिंह की हेमपुर डिपो में ग्राम रामजीवनपुर में परचून की दुकान है। इसके अलावा वह शराब बेचने का भी काम करता था। शुक्रवार की दोपहर वह अपनी पत्नी गुरमीत कौर के साथ दुकान पर पहुंचा। शाम को करीब पांच बजे दुकान पर तीन युवक आए और उन्होंने रंजीत से गुटका व सिगरेट लिया। इसके बाद वह उसे शराब लेने के लिए अपने साथ ले गए। शाम सात बजे तक रंजीत दुकान नहीं पहुंचा तो उसकी पत्नी ने उसकी ढूंढ खोज शुरू की। इस दौरान उसकी पत्नी ने अपने रिश्तेदारों को भी सूचना दी।
मौके पर पहुंचे रिश्तेदारों और गांव वालों ने जब गांव की सड़क के पार झाड़ियों में उसकी तलाश की तो रंजीत का शव झाड़ियों में पड़ा हुआ था। करीब आठ बजे पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच गई। रंजीत की गला दबाकर हत्या की गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने उन्हीं तीन युवकों पर हत्या का शक जताया जो उसे शाम को बुलाकर ले गए थे। पुलिस ने तीनों युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। ग्रामीणों ने बताया रंजीत सिंह अवैध शराब बेचने का काम भी करता था। जो युवक उसे बुलाकर ले गए थे वह उससे शराब खरीदते थे। गांव में ही मृतक के गांव के दो अन्य लोग भी अवैध शराब बेचने का काम करते हैं। शनिवार की सुबह एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ राजेश भट्ट, कोतवाल चंचल शर्मा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से जानकारी ली। एसएसपी ने घटना के खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया है।
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रंजीत की हैं दो पत्नियां
रंजीत सिंह की दो पत्नियां और दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा प्रदीप 17 साल का तो छोटा हरदीप 16 साल का है। मृतक के परिजनों ने बताया कि रंजीत की पहली पत्नी गुरमीत कौर से दो बच्चे हैं। जबकि दूसरी नीलम कौर से सात साल पहले रंजीत ने प्रेम विवाह किया था। नीलम गांव रामजीवनपुर की रहने वाली और उसका कोई बच्चा नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों रंजीत के साथ रह रही थीं। सुबह नीलम तो शाम को गुरमीत कौर रंजीत के साथ दुकान आती थीं। उन्होंने बताया कि इतने साल में कभी भी रंजीत की पत्नियों का आपस में झगड़ा नहीं हुआ।
रंजीत की गले और छाती की टूटी थी हड्डी
रंजीत का गला दबाकर हत्या की गई थी। लेकिन गले की हड्डी टूटने के साथ ही उसकी छाती की भी हड्डियां टूटी थी। रंजीत की कठ काठी ठीक होने के चलते वह एक या दो व्यक्तियों के कब्जे में नहीं आ सकता था। लिहाजा इससे प्रतीत होता है कि उसकी हत्या करने में कम से कम तीन लोग या इससे अधिक शामिल हो सकते हैं। इतना ही नहीं रंजीत के चेहरे व हाथ में थोड़ा रंग भी लगा था। कोतवाल चंचल शर्मा ने बताया कि अब तक की जांच में रंजीत के गले और छाती की हड्डी टूटी मिली। इससे ऐसा लगता है कि रंजीत की हत्या में दो या उससे अधिक हो सकते हैं।
कॉलोनी के अंदर से मुख्य सड़क पर पहुंचे हत्यारे
शनिवार की सुबह रुद्रपुर से आए स्वान दस्ता और फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। डॉग कैटी ने घटना स्थल का आधा किलोमीटर तक मुआयना किया। लेकिन सड़क पर आते ही वह आगे नहीं बढ़ सकी। करीब आधा किलोमीटर की उस रेंज से कैटी जहां से गई उससे इतना स्पष्ट हो गया कि रंजीत की हत्या के पीछे कोई परिचित ही है। हत्यारे गांव की सड़क से मुख्य सड़क पर नहीं पहुंचे। बल्कि झाड़ियों के बीच एक छोटी पगडंडी से होते हुए गांव की सड़क पर पहुंचे और उसके बाद महज सौ मीटर दूर मुख्य सड़क पर जाने की बजाए एक कॉलोनी के रास्ते से होते हुए मुख्य सड़क पर पहुंचे ताकि उन्हें कोई पहचान न सके।
शराब का कारोबार तो नहीं है हत्या का कारण!
ग्रामीणों के मुताबिक रंजीत नवलपुर गढ़ीनेगी का रहने वाला था। उसकी रामजीवनपुर में परचून की दुकान थी। लेकिन वह अवैध शराब भी बेचता था। रामजीवनपुर गांव में ही रंजीत के गांव के दो और लोग शराब बेचते हैं। रंजीत के परिजनों ने बताया कि जो दो लोग और शराब बेचते है उनमें से एक का रंजीत से करीब दो महीने पहले विवाद हो चुका है। उसने रंजीत को जान से मारने की धमकी भी थी। ग्रामीणों ने शक जाहिर किया कि उसकी हत्या शराब की बिक्री को लेकर तो नहीं की गई। इधर, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि लगभग ढ़ाई साल पूर्व शराब को लेकर तुमडिय़ा डैम में डबल मर्डर हुआ था। इसमें आरोपियों की जमानत मृतक रंजीत ने कराई थी। इसको लेकर भी रंजिश की बात सामने आ रही है। हाल में ही रंजीत ने कुछ जमीन खरीदी है वह उसने अपनी पहली पत्नी के नाम खरीदी है। रंजीत के चेहरे पर रंग लगा हुआ था। यह कैसे लगा? इन सभी पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
कोतवाली में दिया धरना
घटना के शीघ्र खुलासे को लेकर मृतक के परिजनों ने कोतवाली में धरना दिया। मृतक के परिजनों का कहना था कि उनके द्वारा शक जताए गए लोगों से पुलिस कड़ी पूछताछ करें। ग्रामीणों ने कोतवाल से शीघ्र घटना का खुलासा करने की मांग की। वहां पर गुरमीत कौर, वंशो कौर, चरन कौर, प्रीतम कौर, विमला कौर, नीलम, इसरो, कश्मीर कौर, कैलाश कौर, प्रकाश कौर, रेशम कौर, अमरजीत सिंह आदि थे।
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ग्राम नवलपुर गढ़ीनेगी निवासी रंजीत सिंह ऊर्फ मित्तू (35) पुत्र दर्शन सिंह की हेमपुर डिपो में ग्राम रामजीवनपुर में परचून की दुकान है। इसके अलावा वह शराब बेचने का भी काम करता था। शुक्रवार की दोपहर वह अपनी पत्नी गुरमीत कौर के साथ दुकान पर पहुंचा। शाम को करीब पांच बजे दुकान पर तीन युवक आए और उन्होंने रंजीत से गुटका व सिगरेट लिया। इसके बाद वह उसे शराब लेने के लिए अपने साथ ले गए। शाम सात बजे तक रंजीत दुकान नहीं पहुंचा तो उसकी पत्नी ने उसकी ढूंढ खोज शुरू की। इस दौरान उसकी पत्नी ने अपने रिश्तेदारों को भी सूचना दी।
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मौके पर पहुंचे रिश्तेदारों और गांव वालों ने जब गांव की सड़क के पार झाड़ियों में उसकी तलाश की तो रंजीत का शव झाड़ियों में पड़ा हुआ था। करीब आठ बजे पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच गई। रंजीत की गला दबाकर हत्या की गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने उन्हीं तीन युवकों पर हत्या का शक जताया जो उसे शाम को बुलाकर ले गए थे। पुलिस ने तीनों युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। ग्रामीणों ने बताया रंजीत सिंह अवैध शराब बेचने का काम भी करता था। जो युवक उसे बुलाकर ले गए थे वह उससे शराब खरीदते थे। गांव में ही मृतक के गांव के दो अन्य लोग भी अवैध शराब बेचने का काम करते हैं। शनिवार की सुबह एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ राजेश भट्ट, कोतवाल चंचल शर्मा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से जानकारी ली। एसएसपी ने घटना के खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया है।
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रंजीत की हैं दो पत्नियां
रंजीत सिंह की दो पत्नियां और दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा प्रदीप 17 साल का तो छोटा हरदीप 16 साल का है। मृतक के परिजनों ने बताया कि रंजीत की पहली पत्नी गुरमीत कौर से दो बच्चे हैं। जबकि दूसरी नीलम कौर से सात साल पहले रंजीत ने प्रेम विवाह किया था। नीलम गांव रामजीवनपुर की रहने वाली और उसका कोई बच्चा नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों रंजीत के साथ रह रही थीं। सुबह नीलम तो शाम को गुरमीत कौर रंजीत के साथ दुकान आती थीं। उन्होंने बताया कि इतने साल में कभी भी रंजीत की पत्नियों का आपस में झगड़ा नहीं हुआ।
रंजीत की गले और छाती की टूटी थी हड्डी
रंजीत का गला दबाकर हत्या की गई थी। लेकिन गले की हड्डी टूटने के साथ ही उसकी छाती की भी हड्डियां टूटी थी। रंजीत की कठ काठी ठीक होने के चलते वह एक या दो व्यक्तियों के कब्जे में नहीं आ सकता था। लिहाजा इससे प्रतीत होता है कि उसकी हत्या करने में कम से कम तीन लोग या इससे अधिक शामिल हो सकते हैं। इतना ही नहीं रंजीत के चेहरे व हाथ में थोड़ा रंग भी लगा था। कोतवाल चंचल शर्मा ने बताया कि अब तक की जांच में रंजीत के गले और छाती की हड्डी टूटी मिली। इससे ऐसा लगता है कि रंजीत की हत्या में दो या उससे अधिक हो सकते हैं।
कॉलोनी के अंदर से मुख्य सड़क पर पहुंचे हत्यारे
शनिवार की सुबह रुद्रपुर से आए स्वान दस्ता और फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। डॉग कैटी ने घटना स्थल का आधा किलोमीटर तक मुआयना किया। लेकिन सड़क पर आते ही वह आगे नहीं बढ़ सकी। करीब आधा किलोमीटर की उस रेंज से कैटी जहां से गई उससे इतना स्पष्ट हो गया कि रंजीत की हत्या के पीछे कोई परिचित ही है। हत्यारे गांव की सड़क से मुख्य सड़क पर नहीं पहुंचे। बल्कि झाड़ियों के बीच एक छोटी पगडंडी से होते हुए गांव की सड़क पर पहुंचे और उसके बाद महज सौ मीटर दूर मुख्य सड़क पर जाने की बजाए एक कॉलोनी के रास्ते से होते हुए मुख्य सड़क पर पहुंचे ताकि उन्हें कोई पहचान न सके।
शराब का कारोबार तो नहीं है हत्या का कारण!
ग्रामीणों के मुताबिक रंजीत नवलपुर गढ़ीनेगी का रहने वाला था। उसकी रामजीवनपुर में परचून की दुकान थी। लेकिन वह अवैध शराब भी बेचता था। रामजीवनपुर गांव में ही रंजीत के गांव के दो और लोग शराब बेचते हैं। रंजीत के परिजनों ने बताया कि जो दो लोग और शराब बेचते है उनमें से एक का रंजीत से करीब दो महीने पहले विवाद हो चुका है। उसने रंजीत को जान से मारने की धमकी भी थी। ग्रामीणों ने शक जाहिर किया कि उसकी हत्या शराब की बिक्री को लेकर तो नहीं की गई। इधर, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि लगभग ढ़ाई साल पूर्व शराब को लेकर तुमडिय़ा डैम में डबल मर्डर हुआ था। इसमें आरोपियों की जमानत मृतक रंजीत ने कराई थी। इसको लेकर भी रंजिश की बात सामने आ रही है। हाल में ही रंजीत ने कुछ जमीन खरीदी है वह उसने अपनी पहली पत्नी के नाम खरीदी है। रंजीत के चेहरे पर रंग लगा हुआ था। यह कैसे लगा? इन सभी पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
कोतवाली में दिया धरना
घटना के शीघ्र खुलासे को लेकर मृतक के परिजनों ने कोतवाली में धरना दिया। मृतक के परिजनों का कहना था कि उनके द्वारा शक जताए गए लोगों से पुलिस कड़ी पूछताछ करें। ग्रामीणों ने कोतवाल से शीघ्र घटना का खुलासा करने की मांग की। वहां पर गुरमीत कौर, वंशो कौर, चरन कौर, प्रीतम कौर, विमला कौर, नीलम, इसरो, कश्मीर कौर, कैलाश कौर, प्रकाश कौर, रेशम कौर, अमरजीत सिंह आदि थे।