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पुलिस ने मांगी दस दिन की मोहलत

Thu, 09 Jul 2015 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर Updated Thu, 09 Jul 2015 01:34 AM IST
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पूरा पखवाड़ा बीत जाने के बावजूद गिरीश अग्रवाल हत्याकांड का खुलासा नहीं होने पर शहरवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को शहर के तमाम लोगों ने अपर पुलिस अधीक्षक दफ्तर का घेराव किया और पुलिस को खरी-खोटी सुनाई।

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 अल्टीमेटम दिया कि अगर खुलासा नहीं हुआ तो लोग सड़कों पर उतरेंगे। इस पर पुलिस ने खुलासे के लिए दस दिन का समय मांगा है।

गत 12 जून को सुल्तानपुर पट्टी स्थित उत्तरांचल स्टील फैक्ट्री के क्लर्क काशीपुर निवासी गिरीश अग्रवाल को बदमाश ने आफिस में घुसकर गोलियों से भून दिया था।
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इससे अग्रवाल समाज सहित शहरवासियों में आक्रोश है। बदमाशों के पकड़े नहीं जाने पर बुधवार को शहरवासियों ने अपर पुलिस अधीक्षक दफ्तर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
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यहां पर विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि पुलिस अब तक गिरीश हत्याकांड का खुलासा नहीं कर पाई है, जो अफसोसजनक है।

मेयर उषा चौधरी ने कहा कि सरेआम फैक्ट्री के अंदर हत्या हुई है इसे खोलने में पुलिस अब तक असफल है। मृतक के पिता अरविंद अग्रवाल, ताऊ मधूप अग्रवाल, चाचा योगेश अग्रवाल, मां रजनी देवी, पत्नी मिनी अग्रवाल ने कहा कि मिल मालिक की मौजूदगी में हत्या हुई है।

आरोप लगाया कि मालिक खुलासे के लिए दबाव नहीं बना रहे हैं। इस दौरान लोगों ने अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय को ज्ञापन दिया।

इस मौके पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश मेहरोत्रा, शमशुद्दीन, अनूप अग्रवाल, गुरुबक्श सिंह बग्गा, जेएस नरुला, गुरविंदर सिंह चंडोक, रामचन्द्र अग्रवाल, मुकेश पाहवा, राधेश्याम प्रजापति, राजीव सेतिया, प्रवीन बाटा, तेजवीर सिंह, सखावत हुसैन, मुहम्मद समीम आदि थे।           

मृतक की पत्नी मिनी अग्रवाल अपनी डेढ़ साल की बच्ची के साथ धरने पर बैठी। वह रोते हुए सीओ से बोली कि फैक्ट्री मालिक कहां है सामने लाओ।

फैक्ट्री मालिक जब सामने आया तब बोली कि उसके पति फैक्ट्री के कर्मचारी थे, आप के नौकर नहीं। आप उनको भारी बरसात में घर का समान लेने बाजार भेजते थे। उन्होंने एक बार भी मना नहीं किया।


जब उनकी हत्या हुई तो आपने हत्यारों को पकड़वाने के लिए क्या प्रयास किया? मालिक ने एक बार भी घर आकर सांत्वना देने की जरूरत तक नहीं समझी।

हत्याकांड की तफ्तीश कर रही पुलिस को फैक्ट्री प्रबंधन पर भी शक है, क्योंकि सीसीटीवी कैमरे का बंद होना, गोली चलने की आवाज का किसी को सुनाई नहीं देना, किसी को बाहर भागते हुए राहगीरों द्वारा देखा नहीं जाना आदि वजह है।

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