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प्रिया शर्मा के मनी ट्रेल में फंस सकते हैं कुछ और लोग
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:51 AM IST
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नेशनल हाईवे
- फोटो : अमर उजाला
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जमीनों की धोखाधड़ी में जेल गई प्रिया शर्मा की ओर से किए गए मनी ट्रेल मामले में कुछ और लोग भी फंस सकते हैं। मामले की जांच के लिए पुलिस जेल में बंद स्टांप वेंडर जीशान के साथ काश्तकारों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिससे पुलिस को कुछ और लोगों के भी मनी ट्रेल में शामिल होने के सुराग मिले हैं। इसके अलावा किच्छा टोल प्लाजा के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस प्रिया को रविवार को रिमांड पर भी ले सकती है।
एलाइड इन्फ्रा की एमडी प्रिया शर्मा ने स्टांप वेंडर जीशान से फाजलपुर महरौला स्थित जमीन का फर्जी इकरारनामा किया था। इसके एवज में जीशान ने प्रिया की कंपनी के खाते में डेढ़ करोड़ रुपये डाले थे। एसआईटी के अनुसार, यह रकम जीशान ने एनएच-74 में मुआवजा लेने वाले काश्तकारों से कमीशन के रूप में ली थी और ठिकाने लगाने के लिए प्रिया के सुपुर्द की थी। एसआईटी ने रकम के इस लेनदेन को मनी ट्रेल मानते हुए प्रिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जांच के लिए पुलिस ने जीशान और भू-स्वामी अजमेर सिंह एवं गुरप्रीत सिंह के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस फिलहाल इस बात पर फोकस कर रही है कि डेढ़ करोड़ रुपये प्रिया ने कहां और किसकी मदद से खपाये। माना जा रहा है कि प्रिया के इस मनी ट्रेल की चेन में कुछ और लोग शामिल हैं, जिनके खिलाफ साक्ष्य मिलने के पर उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
आरोप पत्र दाखिल करने तक हो सकता है बड़ा खुलासा
प्रिया और सुधीर के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए पुलिस के पास अभी ढाई महीने का समय है। आरोप पत्र दाखिल करने से पहले मामले में शामिल और लोगों की शिनाख्त करने के लिए पुलिस ने प्रिया की कंपनी के कुछ कर्मचारियों और उसके करीबियों को अपने रडार पर लिया है। आरोप पत्र दाखिल करने से पहले पुलिस बड़ा खुलासा कर सकती है।
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रुद्रपुर के पटवारी से पूछताछ
भूमि मुआवजा घोटाले में रुद्रपुर तहसील की जांच कर रही एसआईटी ने शनिवार को रुद्रपुर तहसील के पटवारी दीपक चौहान से भी पूछताछ की। दो दिन पूर्व एसआईटी को दानपुर के आठ काश्तकारों से पूछताछ के बाद 143 के कुछ संदिग्ध मामले मिले हैं, जिनकी जांच के लिए पटवारी के बयान दर्ज किए गए।
मोहन पाल के हस्ताक्षर सोमवार को भेजे जाऐंगे एफएसएल
पाम ग्रीन कॉलोनी में प्रिया की ओर से प्लॉट बेचने के नाम पर की गई धोखाधड़ी के मामले की जांच के लिए पुलिस कंपनी के डायरेक्टर मोहन पाल के हस्ताक्षर सोमवार को फोरेंसिक लैब भेजेगी। कोतवाल केसी भट्ट ने इसकी पुष्टि की है।
एलाइड इन्फ्रा की एमडी प्रिया शर्मा ने स्टांप वेंडर जीशान से फाजलपुर महरौला स्थित जमीन का फर्जी इकरारनामा किया था। इसके एवज में जीशान ने प्रिया की कंपनी के खाते में डेढ़ करोड़ रुपये डाले थे। एसआईटी के अनुसार, यह रकम जीशान ने एनएच-74 में मुआवजा लेने वाले काश्तकारों से कमीशन के रूप में ली थी और ठिकाने लगाने के लिए प्रिया के सुपुर्द की थी। एसआईटी ने रकम के इस लेनदेन को मनी ट्रेल मानते हुए प्रिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जांच के लिए पुलिस ने जीशान और भू-स्वामी अजमेर सिंह एवं गुरप्रीत सिंह के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस फिलहाल इस बात पर फोकस कर रही है कि डेढ़ करोड़ रुपये प्रिया ने कहां और किसकी मदद से खपाये। माना जा रहा है कि प्रिया के इस मनी ट्रेल की चेन में कुछ और लोग शामिल हैं, जिनके खिलाफ साक्ष्य मिलने के पर उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
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आरोप पत्र दाखिल करने तक हो सकता है बड़ा खुलासा
प्रिया और सुधीर के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए पुलिस के पास अभी ढाई महीने का समय है। आरोप पत्र दाखिल करने से पहले मामले में शामिल और लोगों की शिनाख्त करने के लिए पुलिस ने प्रिया की कंपनी के कुछ कर्मचारियों और उसके करीबियों को अपने रडार पर लिया है। आरोप पत्र दाखिल करने से पहले पुलिस बड़ा खुलासा कर सकती है।
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रुद्रपुर के पटवारी से पूछताछ
भूमि मुआवजा घोटाले में रुद्रपुर तहसील की जांच कर रही एसआईटी ने शनिवार को रुद्रपुर तहसील के पटवारी दीपक चौहान से भी पूछताछ की। दो दिन पूर्व एसआईटी को दानपुर के आठ काश्तकारों से पूछताछ के बाद 143 के कुछ संदिग्ध मामले मिले हैं, जिनकी जांच के लिए पटवारी के बयान दर्ज किए गए।
मोहन पाल के हस्ताक्षर सोमवार को भेजे जाऐंगे एफएसएल
पाम ग्रीन कॉलोनी में प्रिया की ओर से प्लॉट बेचने के नाम पर की गई धोखाधड़ी के मामले की जांच के लिए पुलिस कंपनी के डायरेक्टर मोहन पाल के हस्ताक्षर सोमवार को फोरेंसिक लैब भेजेगी। कोतवाल केसी भट्ट ने इसकी पुष्टि की है।