फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Look Out Notices and Caveat Filed in Supreme Court

लुक आउट नोटिस और सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल

Wed, 01 Nov 2017 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर। Updated Wed, 01 Nov 2017 12:26 AM IST
विज्ञापन

एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले के आरोपी पूर्व एसएलओ डीपी सिंह पर शिकंजा कसते हुए एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल कर दी है। विदेश भागने की आशंका के बाद पुलिस ने उसका लुक आउट नोटिस भी जारी कर दिया है। पुलिस ने डीपी की गिरफ्तारी के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें दिल्ली में कईं जगहों पर दबिशें दे रही है। हालांकि अभी तक पुलिस को उसका कोई सुराग नहीं मिला है।

विज्ञापन


शनिवार को हाइकोर्ट से गिरफ्तारी पर लगी रोक हटने के बाद से ही डीपी सिंह मोबाइल बंद कर परिवार के साथ भूमिगत है। पुलिस ने पैतृक घर सहित विभिन्न जगहों पर ताबड़तोड़ दबिशें दी थी, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। पुलिस को अंदेशा था कि हाइकोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद डीपी सुप्रीम कोर्ट में अपील कर गिरफ्तारी पर स्टे ले सकता है। इसको रोकने के लिए आनन-फानन में एसआईटी के जांच अधिकारी स्वतंत्र कुमार ने शासन से अनुमति लेने के बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल कर दी है। अगले तीन महीने तक अगर डीपी सुप्रीम कोर्ट में स्टे के लिए अपील दायर करता है तो कोर्ट से इसकी सूचना एसआईटी को भी दी जाएगी। कोर्ट स्टे देने से पहले एसआईटी का पक्ष भी सुनेगी। डीपी के परिवार के साथ विदेश भागने की आशंकाओं के चलते मंगलवार को डीपी सिंह का पासपोर्ट नंबर मिलने के बाद उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी कर दिया है। अब वह विदेश नहीं जा सकता है। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि डीपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर लगातार दबिश भी दी जा रही है। 
विज्ञापन



सितारगंज के काश्तकार ने कबूली 56 लाख कमीशन की बात 
एनएच-74 भूमि मुुआवजा घोटाले में करोड़ों का मुआवजा लेने वाले काश्तकार भी अब खुलकर सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सोमवार को अपने बयान दर्ज करने पहुंचे सितारगंज के एक काश्तकार ने बताया कि उसे मिले मुआवजे की रकम में से उसने 56 लाख एक अफसर को कमीशन के रूप में देने की बात कबूली थी। कुछ दिन पूर्व बाजपुर के एक काश्तकार ने भी इसी अफसर पर मुआवजा दिलाने की एवज में 50 लाख रुपयों का कमीशन मांगने का खुलासा किया था। लेकिन कमीशन नहीं देने पर उसका मुआवजा भी रोका गया था। काशीपुर और जसपुर तहसील के भी कुछ काश्तकारों ने एसआईटी को इस तरह के बयान दिये हैं। यह वहीं अफसर है जो एसआईटी के निशाने पर है। उसकी गिरफ्तारी को लेकर एसआईटी जुटी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एफएसएल को भेजा रिमांइडर
एसआईटी की जांच में 143 के दस्तावेजों में तत्कालीन अफसरों और तहसील कर्मियों के साथ ही कुछ काश्तकारों के फर्जी हस्ताक्षर मिले थे। जिनकी सत्यता जांचने के लिए एसआईटी ने जसपुर और काशीपुर तहसील के कुछ रजिस्टरों को जांच के लिए देहरादून फॉरेंसिक लैब में भेजा था। इनमें से अब तक एसआईटी को जसपुर तहसील का ही एक रजिस्टर मिल पाया है। माना जा रहा है कि एफएसएल से सभी रजिस्टर मिलने के बाद एसआईटी मामले में लिप्त अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई कर सकती है। इसके लिए एसआईटी ने मंगलवार को एफएसएल को जल्द जांच पूरी कर रजिस्टर भेजने के लिए रिमांडर भेजा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed