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लौका गांव में सुलग रही भूमि विवाद की चिंगारी
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज।
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:16 AM IST
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लौका गांव में भी भूमि विवाद की चिंगारी सुलग रही है। महिला के नाम की भूमि पर गांव के ही एक परिवार के चार लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। डेढ़ साल से महिला व उसका परिवार जमीन से अवैध कब्जेदारों को हटाने की मांग को लेकर प्रशासनिक दफ्तरों में चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक उसकी सुनवाई नहीं हुई।
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एडीएम ने तहसील में भूमि संबंधी मामलों की सुनवाई की तो यह मामला उनके समक्ष पहुंचा। जिस पर उन्होंने मातहतों को पीड़ित महिला को उसके नाम की जमीन पर कब्जा दिलाने के आदेश दिए, जो अभी तक बेअसर है। थक हारने के बाद महिला ने अब सीएम से मामले में गुहार लगाई है। उसने आरोप लगाया कि विपक्षी जनता फार्म के दोहरे हत्याकांड की तरह उनके परिवार के खात्मे की धमकी दे रहे हैं।
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मंगलवार को गोविंदपुर गांव की गुरविंदर कौर पत्नी दर्शन सिंह ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजा। इसमें कहा कि लौका गांव में खसरा संख्या 53 ख रकबा 0.500 हेक्टेयर, खसरा संख्या 60 ख रकबा 0.100 हेक्टेयर व खसरा संख्या 61 क रकबा 0.975 हेक्टेयर भूमि की गत 28 मई 2008 को रजिस्ट्री कराई थी।
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वर्ष 2010 में विपक्षियों ने भूमि दूसरी बताकर घपलेबाजी कर दी और फिर भूमि विवाद होने लगा। जिसे सुलझाने के लिए 15 जून 2016 को तहसील में पैमाइश का आवेदन किया। जिस पर अक्तूबर में पैमाइश हुई। जिसके बाद से जमीन खाली कराने की मांग की जा रही है। जमीन पर कब्जा लेने के लिए उसने परगना मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाद दायर किया, लेकिन विपक्षी एक दिन भी किसी तारीख पर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
गुरविंदर का आरोप है कि विपक्षी खेत में जाने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। जिसकी शिकायत कई बार स्थानीय प्रशासन से की गई है, किंतु आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि विपक्षी जमीन पर कब्जा देने से मना करते हुए जनता फार्म में आधा बीघा भूमि को लेकर तीन की हत्या जैसा अंजाम भुगतने की भी धमकी दे रहे हैं। जिससे वह व उसका परिवार भयभीत है।
बताया कि इसी माह एडीएम प्रताप शाह ने तहसील में जमीन विवादों की सुनवाई की थी। इसमें एडीएम ने एसडीएम को विपक्षियों से भूमि कब्जा मुक्त कराकर महिला को कब्जा दिलाने के आदेश दिए। इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आशंका जताई कि विपक्षी उसकी जमीन हथियाने के लिए कोई भी अप्रिय घटना कर सकते हैं।
गुरविंदर कौर के मामले में जमीन बेचने वाले का खुद कब्जा नहीं था, कब्जेदार जमीन पर पहले से ही काबिज हैं। कब्जेदारों ने गुरविंदर की जितनी जमीन पर कब्जा कर रखा है, कब्जेदारों की उतनी भूमि गुरविंदर कौर के कब्जे में है। एसआईटी में मामला उठा था, जिस पर सुनवाई हुई। गुरविंदर कौर पक्ष को कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली का वाद दायर करने को कहा था। बेदखली का वाद दायर होने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी
-विनोद कुमार, एसडीएम, सितारगंज।