{"_id":"5a0c64e54f1c1b6e548bd380","slug":"colonizers-placed-the-commission-got-by-officials","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों को मिला कमीशन कालोनाजरों ने लगाया ठिकाने","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अफसरों को मिला कमीशन कालोनाजरों ने लगाया ठिकाने
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Thu, 16 Nov 2017 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में काश्तकारों से अफसरों को मिला करोड़ों का कमीशन कालोनाइजरों ने ठिकाने लगाया था। एसआईटी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि रुद्रपुर के एक कालोनाइजर ने रकम को ठिकाने लगाने के लिए ऐसी जमीन पर भी डेढ़ करोड़ का करार कर दिया, जिस पर कोर्ट से स्टे था। यह जमीन कालोनाइजर के नाम पर भी नहीं थी।
भूमि मुआवजा घोटाले में अफसरों और काश्तकारों के साथ ही बड़े कालोनाइजर भी एसआईटी की जांच के दायरे में आ गए हैं। जांच में तत्कालीन अफसरों द्वारा काश्तकारों से लाखों का कमीशन लेने का राज खुलने के बाद अब इस बात से भी पर्दा उठने लगा है कि शहर के बड़े कालोनाइजरों ने अफसरों के कमीशन को ठिकाने लगाया था। मुआवजे की रकम को बिचौलियों ने कालोनाइजरों से भूमि की फर्जी खरीद-फरोख्त कर ठिकाने लगा दिया।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार एसआईटी द्वारा जेल भेजे गए एक आरोपी को मिले कमीशन के रुपयों की जांच की। पता चला कि आरोपी ने रुद्रपुर के एक कालोनाइजर से फाजलपुर महरौला स्थित जमीन का चार करोड़ में सौदा किया। कालोनाइजर ने जमीन पर डेढ़ करोड़ का अनुबंध बनाकर आरोपी को दे दिया। इसमें अनुबंध के अतिरिक्त बची रकम का भुगतान भी कालोनाइजर को नगद में किया गया, लेकिन एसआईटी ने जब जमीन की जांच की तो उक्त जमीन पर कोर्ट का स्टे मिला। यह जमीन भी कालोनाइजर की बजाय किसी और काश्तकार के नाम पर निकली। कमीशन की रकम को कालोनाइजरों द्वारा ठिकाने लगाने के और भी कई मामले एसआईटी के संज्ञान में आए हैं जिनकी जांच के लिए एसआईटी जहां कालोनाइजरों की संपत्ति जांचने की तैयारी कर रही है, वहीं कुछ को चिन्हित भी किया गया है।
विज्ञापन
एलाइड इंफ्रा के पार्टनर को भी भेजा नोटिस
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में मनी लांड्रिंग की जांच कर रही एसआईटी ने जहां बुधवार को भी एलाइड इंफ्रा फर्म की एमडी प्रिया शर्मा से पूछताछ के बाद फर्म में उनके पार्टनर सुधीर चावला को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है। एसआईटी के अनुसार मनी लांड्रिंग की पूरी जांच के लिए वह जल्द ही चिन्हित किए गए बिल्डरों और कालोनाइजरों द्वारा किए गए निवेश की भी गहनता से जांच करेगी।
एक पटवारी सहित दो काश्तकारों से पूछताछ
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने बुधवार को गदरपुर तहसील के पटवारी सुरजीत सिंह और जसपुर तहसील के दो काश्तकारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। काशीपुर के अधिवक्ता अशरफ सिद्दीकी को भी एसआईटी ने पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन परिजनों ने अशरफ के दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती होने की बात कही है। अशरफ के ठीक होने के बाद एसआईटी उससे पूछताछ करेगी।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में की गई मनी लांड्रिंग की जांच की जा रही है। कुछ ऐसे कालोनाइजर चिन्हित कर पूछताछ की जा रही है जिन्होंने घोटाले में शामिल अफसरों के कमीशन को बिचौलियों के साथ मिलकर ठिकाने लगाया। कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं। इनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, यूएस नगर
विज्ञापन
भूमि मुआवजा घोटाले में अफसरों और काश्तकारों के साथ ही बड़े कालोनाइजर भी एसआईटी की जांच के दायरे में आ गए हैं। जांच में तत्कालीन अफसरों द्वारा काश्तकारों से लाखों का कमीशन लेने का राज खुलने के बाद अब इस बात से भी पर्दा उठने लगा है कि शहर के बड़े कालोनाइजरों ने अफसरों के कमीशन को ठिकाने लगाया था। मुआवजे की रकम को बिचौलियों ने कालोनाइजरों से भूमि की फर्जी खरीद-फरोख्त कर ठिकाने लगा दिया।
विज्ञापन
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार एसआईटी द्वारा जेल भेजे गए एक आरोपी को मिले कमीशन के रुपयों की जांच की। पता चला कि आरोपी ने रुद्रपुर के एक कालोनाइजर से फाजलपुर महरौला स्थित जमीन का चार करोड़ में सौदा किया। कालोनाइजर ने जमीन पर डेढ़ करोड़ का अनुबंध बनाकर आरोपी को दे दिया। इसमें अनुबंध के अतिरिक्त बची रकम का भुगतान भी कालोनाइजर को नगद में किया गया, लेकिन एसआईटी ने जब जमीन की जांच की तो उक्त जमीन पर कोर्ट का स्टे मिला। यह जमीन भी कालोनाइजर की बजाय किसी और काश्तकार के नाम पर निकली। कमीशन की रकम को कालोनाइजरों द्वारा ठिकाने लगाने के और भी कई मामले एसआईटी के संज्ञान में आए हैं जिनकी जांच के लिए एसआईटी जहां कालोनाइजरों की संपत्ति जांचने की तैयारी कर रही है, वहीं कुछ को चिन्हित भी किया गया है।
विज्ञापन
एलाइड इंफ्रा के पार्टनर को भी भेजा नोटिस
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में मनी लांड्रिंग की जांच कर रही एसआईटी ने जहां बुधवार को भी एलाइड इंफ्रा फर्म की एमडी प्रिया शर्मा से पूछताछ के बाद फर्म में उनके पार्टनर सुधीर चावला को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है। एसआईटी के अनुसार मनी लांड्रिंग की पूरी जांच के लिए वह जल्द ही चिन्हित किए गए बिल्डरों और कालोनाइजरों द्वारा किए गए निवेश की भी गहनता से जांच करेगी।
एक पटवारी सहित दो काश्तकारों से पूछताछ
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने बुधवार को गदरपुर तहसील के पटवारी सुरजीत सिंह और जसपुर तहसील के दो काश्तकारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। काशीपुर के अधिवक्ता अशरफ सिद्दीकी को भी एसआईटी ने पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन परिजनों ने अशरफ के दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती होने की बात कही है। अशरफ के ठीक होने के बाद एसआईटी उससे पूछताछ करेगी।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में की गई मनी लांड्रिंग की जांच की जा रही है। कुछ ऐसे कालोनाइजर चिन्हित कर पूछताछ की जा रही है जिन्होंने घोटाले में शामिल अफसरों के कमीशन को बिचौलियों के साथ मिलकर ठिकाने लगाया। कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं। इनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, यूएस नगर