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जमीन हड़पने के मामले से तहसील प्रशासन में खलबली

Wed, 07 Feb 2018 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो गदरपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गदरपुर। Updated Wed, 07 Feb 2018 12:22 AM IST
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case of land grab
ground

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के बेटे को कागजों में मरा दर्शाकर 15 एकड़ जमीन हड़पने का मामला उजागर होने के बाद तहसील प्रशासन में भी खलबली मची हुई है। मामला उजागर होने के बाद जमीन संबंधी दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने अभी मामला दर्ज नहीं किया है। इधर, दूसरे पक्ष का कहना है कि उनके द्वारा एसडीएम कार्यालय में 229 बी का वाद दायर करने के बाद ही जमीन उनके नाम हस्तांतरित हुई है।

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बरेली के चैनपुर निवासी सुरेश प्रसन्न सिंह उर्फ सुरेश कुंवर सिंह ने थाने में तहरीर देकर कहा था कि उनके पिता स्व. रामस्वरूप सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। तत्कालीन यूपी सरकार ने उन्हें राजस्व ग्राम मुकंदपुर में 15 एकड़ कृषि भूमि आवंटित की थी। पिता की मृत्यु के बाद जमीन उनके और भाई महेश प्रसन्न सिंह के नाम दर्ज हुई थी। उन्होंने इसी गांव के लोगों को जमीन ठेके पर दी थी। कुछ समय पहले पता चला कि गांव के ही पांच लोगों ने फर्जी कागजातों के सहारे जमीन अपने नाम कर ली थी।
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फर्जी वसीयत में लगाए गए मृत्यु प्रमाण पत्र में उनकी मृत्यु 5 जनवरी 2000 को दर्शाई गई है। उक्त लोगों द्वारा जमीन हड़पने के लिए उनके जीवित रहते हुए मृत्यु का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर न्यायालय तहसीलदार गदरपुर में नामांतरण आदेश पारित करवाकर खतौनी में दर्ज करा लिया था। डीएम इस मामले की जांच एडीएम को सौंप चुके हैं। इधर, मामला उजागर होने के बाद तहसील में खलबली मच गई है।
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मंगलवार को तहसीलदार सहित अन्य कर्मचारी उक्त जमीन के दस्तावेजों को खोजते रहे। मामले के जांच अधिकारी/एसआई ललित बिष्ट ने बताया कि तहसील प्रशासन से इसकी जानकारी मांगी गई है। लेकिन, राजस्व निरीक्षक के बाहर होने की वजह से पत्रावली उपलब्ध नहीं हो पाई है। पत्रावली उपलब्ध होते ही मामले की जांच करके अगली कार्यवाही की जाएगी। उधर, दूसरे पक्ष ने कहा है कि कुल रकबा 1.852 हेक्टेयर के वर्ग 1क पर वह पिछले 40-45 वर्षों से काबिज थे। पंचायत के मध्य हुए फैसले के तहत 1.50 लाख की धनराशि उनके द्वारा दोनों भाइयों सुरेश प्रसन्न सिंह और महेश प्रसन्न को दे दी गई थी, लेकिन अब वह परेशान कर रहे है। 

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