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सैंतीस लाख की धोखाधड़ी में दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:19 AM IST
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काशीपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एक पाइप एवं टैंक कंपनी के निदेशक के साथ करीब 37 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
सुभाषनगर कालोनी निवासी अरुण कुमार उपाध्याय पुत्र गोपाल शर्मा ने अपने अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि उसने कुछ वर्ष पूर्व ग्वालियर निवासी कमल जैन पुत्र सुभाषचंद्र के साथ मिलकर महुआखेड़ागंज में अलकनंदा पाइप एवं टैंक प्रा. लि. के नाम से फैक्ट्री लगाई थी। इसमें टैंक और पाइप का निर्माण होता था। वह खुद इस कंपनी के निदेशक है और सारी रकम उन्हीं की लगी थी।
लेकिन काम की ज्यादा जानकारी न होने के कारण कंपनी का कामकाज कमल जैन ही देखते थे। आरोप है कि कमल जैन ने कंपनी के खाते से अपने व पत्नी रेनू जैन के खाते में कुल 22 लाख 17 हजार 829 रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी। इसके अलावा कंपनी में लगी मशीनों के फर्जी बिल बनाकर अपनी कंपनी भिंड (मध्यप्रदेश) स्थित टेक्नोग्राफ कंपनी को भेज दिए।
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टेक्नोग्राफ पर इन मशीनों की 14 लाख 93 हजार 138 रुपये की लेनदारी है। इस मामले में तहरीर देने के बाद भी आईटीआई पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसीजेएम कुसुम ने अरुण कुमार का आवेदन स्वीकार करते हुए आईटीआई थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए है।
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सुभाषनगर कालोनी निवासी अरुण कुमार उपाध्याय पुत्र गोपाल शर्मा ने अपने अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि उसने कुछ वर्ष पूर्व ग्वालियर निवासी कमल जैन पुत्र सुभाषचंद्र के साथ मिलकर महुआखेड़ागंज में अलकनंदा पाइप एवं टैंक प्रा. लि. के नाम से फैक्ट्री लगाई थी। इसमें टैंक और पाइप का निर्माण होता था। वह खुद इस कंपनी के निदेशक है और सारी रकम उन्हीं की लगी थी।
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लेकिन काम की ज्यादा जानकारी न होने के कारण कंपनी का कामकाज कमल जैन ही देखते थे। आरोप है कि कमल जैन ने कंपनी के खाते से अपने व पत्नी रेनू जैन के खाते में कुल 22 लाख 17 हजार 829 रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी। इसके अलावा कंपनी में लगी मशीनों के फर्जी बिल बनाकर अपनी कंपनी भिंड (मध्यप्रदेश) स्थित टेक्नोग्राफ कंपनी को भेज दिए।
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टेक्नोग्राफ पर इन मशीनों की 14 लाख 93 हजार 138 रुपये की लेनदारी है। इस मामले में तहरीर देने के बाद भी आईटीआई पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसीजेएम कुसुम ने अरुण कुमार का आवेदन स्वीकार करते हुए आईटीआई थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए है।