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पीएफ का बकाया न देने पर कंपनी सील
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किच्छा। पीएफ का बकाया अदा न करने पर ईपीएफओ की टीम ने लोटे इलैक्ट्रॉनिक्स कंपनी सील कर दी है। टीम ने बकाया वसूलने के लिए कंपनी की जमीन कब्जे में लेकर सब रजिस्ट्रार और तहसील कार्यालय को सूचित कर दिया है।
वार्ड तीन किशनपुर की कंपनी पर वर्ष 2018 से श्रमिकों के पीएफ के 41 लाख 69 हजार 150 रुपये बकाया हैं। ईपीएफओ विभाग कंपनी के प्रबंधन को लगातार नोटिस दे रहा था, जिसमे कुछ पैसा कंपनी ने जमा भी करा दिया था। अधिकांश रुपये की रिकवरी बकाया होने पर ईपीएफओ के वसूली अधिकारी उदित शाह ने वारंट जारी कर दिया। रिकवरी करने के लिए दो प्रवर्तन अधिकारी हितेश बब्बर एवं अमित अधिकारी की टीम का गठन किया गया। शुक्रवार को टीम ने कंपनी पहुंचकर वहां मिले कर्मचारियों से पूछताछ करने के बाद कंपनी को सील कर दिया। कंपनी के पहले ही बंद होने के कारण टीम ने कंपनी की जमीन कब्जे में ले ली है। टीम के सदस्यों ने बताया कि कंपनी की जमीन की नीलामी कर श्रमिको के पीएफ की वसूली होगी। संवाद
कोट ==
कंपनी की ईपीएफओ से संबंधित देयता बनी हुई थी। कंपनी को पूर्व में नोटिस दिया गया था। इसके बाद कंपनी ने ईएमआई की बात कही, पर कंपनी ने ईएमआई की शर्तों को भी पूरा नहीं किया। कंपनी का रिस्पांस भी अच्छा नहीं था। ईपीएफओ ने कंपनी की भूमि अटैच करने के साथ ही तहसीलदार को भी सूचित कर दिया है।
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उदित साह, सहायक आयुक्त, ईपीएफओ
कंपनी पर 41 लाख 69 हजार 150 रुपये बकाया है। पूर्व में कई बार नोटिस दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने पीएफ जमा नहीं कराया। शुक्रवार को कंपनी सील कर जमीन पर कब्जा ले लिया गया। तहसीलदार और सब रजिस्ट्रार कार्यालय को सूचना दे दी गई है।
अमित अधिकारी, प्रवर्तन अधिकारी, ईपीएफओ।
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वार्ड तीन किशनपुर की कंपनी पर वर्ष 2018 से श्रमिकों के पीएफ के 41 लाख 69 हजार 150 रुपये बकाया हैं। ईपीएफओ विभाग कंपनी के प्रबंधन को लगातार नोटिस दे रहा था, जिसमे कुछ पैसा कंपनी ने जमा भी करा दिया था। अधिकांश रुपये की रिकवरी बकाया होने पर ईपीएफओ के वसूली अधिकारी उदित शाह ने वारंट जारी कर दिया। रिकवरी करने के लिए दो प्रवर्तन अधिकारी हितेश बब्बर एवं अमित अधिकारी की टीम का गठन किया गया। शुक्रवार को टीम ने कंपनी पहुंचकर वहां मिले कर्मचारियों से पूछताछ करने के बाद कंपनी को सील कर दिया। कंपनी के पहले ही बंद होने के कारण टीम ने कंपनी की जमीन कब्जे में ले ली है। टीम के सदस्यों ने बताया कि कंपनी की जमीन की नीलामी कर श्रमिको के पीएफ की वसूली होगी। संवाद
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कोट ==
कंपनी की ईपीएफओ से संबंधित देयता बनी हुई थी। कंपनी को पूर्व में नोटिस दिया गया था। इसके बाद कंपनी ने ईएमआई की बात कही, पर कंपनी ने ईएमआई की शर्तों को भी पूरा नहीं किया। कंपनी का रिस्पांस भी अच्छा नहीं था। ईपीएफओ ने कंपनी की भूमि अटैच करने के साथ ही तहसीलदार को भी सूचित कर दिया है।
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उदित साह, सहायक आयुक्त, ईपीएफओ
कंपनी पर 41 लाख 69 हजार 150 रुपये बकाया है। पूर्व में कई बार नोटिस दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने पीएफ जमा नहीं कराया। शुक्रवार को कंपनी सील कर जमीन पर कब्जा ले लिया गया। तहसीलदार और सब रजिस्ट्रार कार्यालय को सूचना दे दी गई है।
अमित अधिकारी, प्रवर्तन अधिकारी, ईपीएफओ।