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गन्ना आयुक्त से किसानों ने की प्रधान प्रबंधक की तैनाती की मांग
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बाजपुर चीनी मिल अतिथि गृह में वार्ता करते किसान।
- फोटो : KASHIPUR
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बाजपुर। गन्ना आयुक्त हंसा दत्त पांडेय ने किसानों की समस्याओं को सुना। इस दौरान किसानों ने चीनी मिल में स्थायी प्रधान प्रबंधक की तैनाती, मिल का बोर्ड गठन करने सहित छह सूत्री मांगपत्र गन्ना आयुक्त को सौंपा।
बुधवार को चीनी मिल अतिथि गृह में पहुंचे गन्ना आयुक्त हंसा दत्त पांडेय ने क्षेत्र के किसानों से चीनी मिल से संबंधित समस्याओं को सुना। किसानों ने कहा कि चीनी मिल की दशा सुधारने के लिए मिल नियमित रूप से चलाई जाए। अधिकारियों और कर्मचारियों पर निगरानी रखी जाए। शासन और प्रशासन की ओर से मिल की तरफ ध्यान नहीं देने से बाजपुर चीनी मिल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। ऐसे में इस मिल को सुचारु रूप से चलाने के लिए अनुभवी स्थायी, ईमानदार महाप्रबंधक की नियुक्ति की जाए। कहा कि चीनी मिल को बंद नहीं होने दिया जाएगा।
मिल बचाने के लिए किसानों ने 31 सदस्यीय एक कमेटी भी बनाई है, जो चीनी मिल पर निगरानी रखेगी। गन्ना आयुक्त पांडेय ने कहा कि एक महीने के भीतर महाप्रबंधक की नियुक्ति होने की पूरी उम्मीद है। चीनी मिल की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए किसानों की जल्द ही शुगर मिल फेडरेशन के एमडी से वार्ता कराई जाएगी। किसानों ने छह सूत्री मांगपत्र आयुक्त को सौंपा। ज्ञापन में चीनी मिल में स्थायी जीएम की नियुक्त, बकाया गन्ने का भुगतान कराने, मिल में बोर्ड का गठन करने, बायोमैट्रिक मशीन, सीसीटीवी लगाने, स्क्रेप का निस्तारण करने, पुरानी डेढ़ लाख क्विंटल चीनी बेचने, गन्ना बढ़ोतरी की कार्रवाई नवंबर महीने के स्थान पर सितंबर माह में कराने सहित छह मांगें शामिल हैं।
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मौके पर मिल जीएम त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, चीनी मिल संघर्ष समिति अध्यक्ष जोराबर सिंह भुल्लर, भाकियू प्रदेशाध्यक्ष करम सिंह पड्डा, भाकियू एकता उगरांहा के प्रांतीय महामंत्री बल्ली सिंह चीमा, आईपी बरार, अजीत प्रताप सिंह रंधावा, बल्देव सिंह नामधारी, प्रताप सिंह संधू, जसवीर सिंह, सुखदेव सिंह, एसएस नरवाल, विजेंद्र डोगरा, तेजपाल सिंह, विक्की रंधावा, जसपाल सिंह आदि थे। संवाद
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बुधवार को चीनी मिल अतिथि गृह में पहुंचे गन्ना आयुक्त हंसा दत्त पांडेय ने क्षेत्र के किसानों से चीनी मिल से संबंधित समस्याओं को सुना। किसानों ने कहा कि चीनी मिल की दशा सुधारने के लिए मिल नियमित रूप से चलाई जाए। अधिकारियों और कर्मचारियों पर निगरानी रखी जाए। शासन और प्रशासन की ओर से मिल की तरफ ध्यान नहीं देने से बाजपुर चीनी मिल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। ऐसे में इस मिल को सुचारु रूप से चलाने के लिए अनुभवी स्थायी, ईमानदार महाप्रबंधक की नियुक्ति की जाए। कहा कि चीनी मिल को बंद नहीं होने दिया जाएगा।
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मिल बचाने के लिए किसानों ने 31 सदस्यीय एक कमेटी भी बनाई है, जो चीनी मिल पर निगरानी रखेगी। गन्ना आयुक्त पांडेय ने कहा कि एक महीने के भीतर महाप्रबंधक की नियुक्ति होने की पूरी उम्मीद है। चीनी मिल की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए किसानों की जल्द ही शुगर मिल फेडरेशन के एमडी से वार्ता कराई जाएगी। किसानों ने छह सूत्री मांगपत्र आयुक्त को सौंपा। ज्ञापन में चीनी मिल में स्थायी जीएम की नियुक्त, बकाया गन्ने का भुगतान कराने, मिल में बोर्ड का गठन करने, बायोमैट्रिक मशीन, सीसीटीवी लगाने, स्क्रेप का निस्तारण करने, पुरानी डेढ़ लाख क्विंटल चीनी बेचने, गन्ना बढ़ोतरी की कार्रवाई नवंबर महीने के स्थान पर सितंबर माह में कराने सहित छह मांगें शामिल हैं।
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मौके पर मिल जीएम त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, चीनी मिल संघर्ष समिति अध्यक्ष जोराबर सिंह भुल्लर, भाकियू प्रदेशाध्यक्ष करम सिंह पड्डा, भाकियू एकता उगरांहा के प्रांतीय महामंत्री बल्ली सिंह चीमा, आईपी बरार, अजीत प्रताप सिंह रंधावा, बल्देव सिंह नामधारी, प्रताप सिंह संधू, जसवीर सिंह, सुखदेव सिंह, एसएस नरवाल, विजेंद्र डोगरा, तेजपाल सिंह, विक्की रंधावा, जसपाल सिंह आदि थे। संवाद

बाजपुर चीनी मिल अतिथि गृह में गन्ना आयुक्त को मांग पत्र देते किसान।- फोटो : KASHIPUR