Uttarakhand: कोर्ट के आदेश पर पूर्व पति के भाई और पत्नी के खिलाफ केस, जानिए क्या है पूरा मामला
एक महिला ने अपने देवर-देवरानी पर मारपीट करने और अबोध बेटे को छीनने का आरोप लगाया है। महिला के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
विस्तार
काशीपुर में एक महिला ने अपने देवर-देवरानी पर मारपीट करने और अबोध बेटे को छीनने का आरोप लगाया है। महिला के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने देवर-देवरानी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
रामनगर निवासी नीता बिष्ट ने अपने अधिवक्ता आनंद रस्तोगी के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसका विवाह वर्ष 2018 को काशीपुर के राजीव से हुआ था। वर्ष 2020 में उसने बेटे को जन्म दिया। वर्ष 2021 में पति की मौत के बाद वह मायके में आकर रहने लगी। बच्चे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मायके व ससुराल पक्ष के लोगों ने आपसी रजामंदी से वर्ष 2023 को काशीपुर में सुभाष के साथ उसका विवाह करा दिया। उसके दिवंगत पति के भाई सोनू और उसकी पत्नी कशिश अक्सर उसके बेटे हियांश से मिलने आते हैं।
आरोप है कि तीन सितंबर को देवर-देवरानी ने उसके बेटे जबरन अपने साथ ले गए। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर कोर्ट के पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने देवर देवरानी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पति समेत चार लोगों पर हत्या का मुकदमा
केलाखेड़ा के गांव सरकड़ी निवासी कश्मीर सिंह ने तहरीर में बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी नौ साल पहले गांव महौली जंगल बाजपुर निवासी एक युवक के साथ की थी। शादी का इतना समय बीतने के बाद भी आरोपी दहेज की मांग करते थे। उसकी बेटी के कोई संतान नहीं थी। इस कारण आरोपी उसकी बेटी को बांझ कहकर प्रताड़ित करते थे।
आरोप लगाया कि उसके दामाद के अपनी भाभी से अवैध संबंध थे। आरोपी आए दिन उसकी बेटी को मारने की धमकी देते था। इसी साल सात अगस्त को आरोपियों ने उसकी बेटी गुरमीत कौर को गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। आठ अगस्त को थाना केलाखेड़ा में तहरीर दी गई। उसके बाद एसएसपी को शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
थाना प्रभारी ललित मोहन रावल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मृतका के पति रमेश सिंह, परमो कौर, सीमा कौर, परमजीत कौर निवासी महौली जंगल के खिलाफ 302 के तहत केस दर्ज किया है।