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निजी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत पर हंगामा
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बाजपुर। प्रसव के दौरान शिशु की मौत होने पर हुए परिजनों ने हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृत शिशु का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर शिशु की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है।
रविवार को गांव बद्रीपुर निवासी वीरू ने गर्भवती पत्नी दीपा को प्रसव के लिए आशा कार्यकर्ता के साथ ले जाकर रामपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इस दौरान अस्पताल में दीपा को एक इंजेक्शन लगाया गया। अस्पताल प्रबंधन ने प्रसव के लिए महिला के पति को पैसों का इंतजाम करने के लिए कहा तो वीरू पैसे लेने घर चला गया। उसे मोबाइल पर सूचित कर बताया गया कि उसकी पत्नी की नॉर्मल डिलीवरी हुई है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
वीरू पैसे लेकर अस्पताल पहुंचा तो अस्पताल स्टाफ ने शिशु का शव सामने रख दिया। बताया कि उसकी पत्नी ने मृत शिशु को जन्म दिया है। खबर मिलते ही परिवार के अन्य लोग अस्पताल पहुंच गए और वहां हंगामा शुरू किया। वीरू ने बताया कि हंगामे के दौरान आशा कार्यकर्ता फरार हो गई। सूचना पर महिला एसआई रूचिका चौहान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शिशु का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वीरू ने कोतवाली में तहरीर देकर अस्पताल प्रबंधन पर शिशु की हत्या करने का आरोप लगाया है। समाचार लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
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अस्पताल संचालक रऊफ अली ने कहा कि अस्पताल पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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रविवार को गांव बद्रीपुर निवासी वीरू ने गर्भवती पत्नी दीपा को प्रसव के लिए आशा कार्यकर्ता के साथ ले जाकर रामपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इस दौरान अस्पताल में दीपा को एक इंजेक्शन लगाया गया। अस्पताल प्रबंधन ने प्रसव के लिए महिला के पति को पैसों का इंतजाम करने के लिए कहा तो वीरू पैसे लेने घर चला गया। उसे मोबाइल पर सूचित कर बताया गया कि उसकी पत्नी की नॉर्मल डिलीवरी हुई है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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वीरू पैसे लेकर अस्पताल पहुंचा तो अस्पताल स्टाफ ने शिशु का शव सामने रख दिया। बताया कि उसकी पत्नी ने मृत शिशु को जन्म दिया है। खबर मिलते ही परिवार के अन्य लोग अस्पताल पहुंच गए और वहां हंगामा शुरू किया। वीरू ने बताया कि हंगामे के दौरान आशा कार्यकर्ता फरार हो गई। सूचना पर महिला एसआई रूचिका चौहान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शिशु का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वीरू ने कोतवाली में तहरीर देकर अस्पताल प्रबंधन पर शिशु की हत्या करने का आरोप लगाया है। समाचार लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
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अस्पताल संचालक रऊफ अली ने कहा कि अस्पताल पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।