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Udham Singh Nagar News: पीएचडी डिग्रीधारी युवती दो दिन तक रही डिजिटल अरेस्ट, 99 हजार गंवाए
Sun, 08 Mar 2026 12:44 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 08 Mar 2026 12:44 AM IST
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रुद्रपुर। साइबर ठगों ने मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर ओमेक्स रिवेरा निवासी पीएचडी डिग्रीधारी युवती को दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया। ठगों ने जांच के नाम पर युवती से 99 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। साइबर थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी पंतनगर थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई है।
ओमेक्स रिवेरा निवासी एक युवती ने पुलिस को बताया कि घटना 25 और 26 फरवरी की है। 25 फरवरी को उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अनुज अग्रवाल बताते हुए कहा कि उसके आधार कार्ड से 27 जनवरी 2026 को तिलकनगर मुंबई में एक मोबाइल नंबर एक्टिवेट हुआ है जिसका गैरकानूनी व अवैध रूप से उपयोग किया गया है। उस नंबर पर एक एफआईआर दर्ज हुई है।
ठगों ने युवती से कहा कि इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच के उनके सीनियर अधिकारी उससे बात करेंगे। उन्हें एफआईआर की जांच के लिए दो घंटे के अंदर मुंबई आना होगा। ऐसा न करने पर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जब उसने दो घंटे के भीतर मुंबई आने में असमर्थता जताई तो उन्होंने उससे वीडियो काल के जरिये स्टेटमेंट लेने की बात कही। आरोपियों ने कहा कि इस बीच उसका फोन नहीं कटना चाहिए। मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर रखना होगा। स्टेटमेंट लेने के दौरान उसे अकेले रहना होगा।
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इसके बाद युवती के पास व्हाट्सएप नंबर से वीडियो काॅल आई। उससे व्हाट्सएप काॅल पर सिग्नल एप डाउनलोड करा कर उस पर लगातार बने रहने के लिए कहा गया। 25 फरवरी से 26 फरवरी तक दो दिन डिजिटल अरेस्ट कर युवती को डरा धमका कर रखा गया। साथ ही व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से सीबीआई, इंटरपोल रेड काॅर्नर, आरबीआई, ईडी, मुंबई पुलिस आदि के नोटिस व अन्य दस्तावेज भेजे गए।
इससे युवती काफी डर गई। यही नहीं आरोपियों के कहने पर उसने 26 फरवरी को गूगल-पे के माध्यम से 99 हजार रुपये ट्रांसफर भी किए। आश्वासन दिया गया कि जांच के बाद धनराशि वापस कर दी जाएगी। बाद में उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी पड़ोसियों को दी तो पता चला कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है।
आपके नाम से केनरा बैंक के खाते में 20 लाख आए हैं
ठगों ने युवती को बताया कि महाराष्ट्र में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग में जो नरेश गाेयल पकड़ा गया है, इस मामले में उसके नाम से केनरा बैंक के खाते में 20 लाख रुपये आए हैं। उससे संबंधित बैंक खाते कहां-कहां हैं उनका सत्यापन किया जाना है।
युवती की शिकायत पर अज्ञात ठगों पर धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी की है। मामला पंतनगर थाना क्षेत्र का होने पर केस ट्रांसफर कर दिया गया है। साइबर और पंतनगर थाने की पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। - अरुण कुमार, प्रभारी, साइबर थाना
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ओमेक्स रिवेरा निवासी एक युवती ने पुलिस को बताया कि घटना 25 और 26 फरवरी की है। 25 फरवरी को उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अनुज अग्रवाल बताते हुए कहा कि उसके आधार कार्ड से 27 जनवरी 2026 को तिलकनगर मुंबई में एक मोबाइल नंबर एक्टिवेट हुआ है जिसका गैरकानूनी व अवैध रूप से उपयोग किया गया है। उस नंबर पर एक एफआईआर दर्ज हुई है।
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ठगों ने युवती से कहा कि इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच के उनके सीनियर अधिकारी उससे बात करेंगे। उन्हें एफआईआर की जांच के लिए दो घंटे के अंदर मुंबई आना होगा। ऐसा न करने पर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जब उसने दो घंटे के भीतर मुंबई आने में असमर्थता जताई तो उन्होंने उससे वीडियो काल के जरिये स्टेटमेंट लेने की बात कही। आरोपियों ने कहा कि इस बीच उसका फोन नहीं कटना चाहिए। मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर रखना होगा। स्टेटमेंट लेने के दौरान उसे अकेले रहना होगा।
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इसके बाद युवती के पास व्हाट्सएप नंबर से वीडियो काॅल आई। उससे व्हाट्सएप काॅल पर सिग्नल एप डाउनलोड करा कर उस पर लगातार बने रहने के लिए कहा गया। 25 फरवरी से 26 फरवरी तक दो दिन डिजिटल अरेस्ट कर युवती को डरा धमका कर रखा गया। साथ ही व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से सीबीआई, इंटरपोल रेड काॅर्नर, आरबीआई, ईडी, मुंबई पुलिस आदि के नोटिस व अन्य दस्तावेज भेजे गए।
इससे युवती काफी डर गई। यही नहीं आरोपियों के कहने पर उसने 26 फरवरी को गूगल-पे के माध्यम से 99 हजार रुपये ट्रांसफर भी किए। आश्वासन दिया गया कि जांच के बाद धनराशि वापस कर दी जाएगी। बाद में उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी पड़ोसियों को दी तो पता चला कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है।
आपके नाम से केनरा बैंक के खाते में 20 लाख आए हैं
ठगों ने युवती को बताया कि महाराष्ट्र में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग में जो नरेश गाेयल पकड़ा गया है, इस मामले में उसके नाम से केनरा बैंक के खाते में 20 लाख रुपये आए हैं। उससे संबंधित बैंक खाते कहां-कहां हैं उनका सत्यापन किया जाना है।
युवती की शिकायत पर अज्ञात ठगों पर धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी की है। मामला पंतनगर थाना क्षेत्र का होने पर केस ट्रांसफर कर दिया गया है। साइबर और पंतनगर थाने की पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। - अरुण कुमार, प्रभारी, साइबर थाना