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पीसीबी से बिना अनुमति चल रहे जिले की 39 उद्योग होंगे बंद
कुंदन बिष्ट ब्यूरो/अमर उजाला, काश्ाीपुर
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:11 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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पीसीबी से अनुमति लिए बिना ही चल रहे जिले 39 उद्योग जल्द ही बंद हो जाएंगे। बंदी नोटिस के बाद भी 62 में से 39 उद्योगों ने न तो कारण बताने की जहमत उठाई और ना ही आगे की अनुमति के लिए आवेदन ही किया। अब पीसीबी ने ऐसे उद्योगों को बंद करने के लिए मुख्यालय को संस्तुति भेजी है। इनमें सबसे अधिक काशीपुर के 20, रुद्रपुर के 16 और सितारगंज के तीन उद्योग शामिल हैं।
ऊधमसिंह नगर जिले में करीब 1250 उद्योग पंजीकृत है। इनमें से 86 ऐसे उद्योग थे, जो बिना अनुमति के लिए चल रहे थे। पीसीबी मुख्यालय ने इन 86 उद्योगों में से 24 उद्योगों का दोबारा स्थलीय निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट देने को कहा था। इस पर उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की क्षेत्रीय टीम ने 24 उद्योगों का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी थी। वहीं 10 मई 2018 को बाकी बचे 62 उद्योगों को बंदी नोटिस जारी कर अनुमति लेने के लिए 30 दिन का समय दिया गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद 23 उद्योगों ने आवेदन कर दिया है, जबकि 39 उद्योगों ने न तो कारण बताने की जहमत उठाई है और न ही अनुमति के लिए आवेदन किया। ऐसे में इन उद्योगों को बंद करने का आदेश जारी होने वाले हैं।
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अंकुर कंसल ने बताया कि 86 में से 24 उद्योगों का स्थलीय निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट मुख्यालय देहरादून भेज दी गई है। इसके अलावा 62 में से 23 उद्योगों ने अनुमति के लिए आवेदन कर दिया है। 39 उद्योगों को शीघ्र ही मुख्यालय की ओर से बंदी के नोटिस जारी होने वाले हैं। बंदी नोटिस जारी होते ही उद्योगों को बंद करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक काशीपुर के 20 उद्योगों पर ताला लगना है। इसके अलावा रुद्रपुर के 16 और सितारगंज सिडकुल के तीन उद्योग भी बंद होंगे। डॉ. कंसल ने बताया कि पीसीबी रेड कैटेगिरी में शामिल उद्योगों को पांच वर्ष, ऑरेंज कैटेगिरी के उद्योगों को 10 और ग्रीन कैटेगिरी के उद्योगों को 15 वर्ष तक की अनुमति देता है।
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ऊधमसिंह नगर जिले में करीब 1250 उद्योग पंजीकृत है। इनमें से 86 ऐसे उद्योग थे, जो बिना अनुमति के लिए चल रहे थे। पीसीबी मुख्यालय ने इन 86 उद्योगों में से 24 उद्योगों का दोबारा स्थलीय निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट देने को कहा था। इस पर उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की क्षेत्रीय टीम ने 24 उद्योगों का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी थी। वहीं 10 मई 2018 को बाकी बचे 62 उद्योगों को बंदी नोटिस जारी कर अनुमति लेने के लिए 30 दिन का समय दिया गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद 23 उद्योगों ने आवेदन कर दिया है, जबकि 39 उद्योगों ने न तो कारण बताने की जहमत उठाई है और न ही अनुमति के लिए आवेदन किया। ऐसे में इन उद्योगों को बंद करने का आदेश जारी होने वाले हैं।
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पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अंकुर कंसल ने बताया कि 86 में से 24 उद्योगों का स्थलीय निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट मुख्यालय देहरादून भेज दी गई है। इसके अलावा 62 में से 23 उद्योगों ने अनुमति के लिए आवेदन कर दिया है। 39 उद्योगों को शीघ्र ही मुख्यालय की ओर से बंदी के नोटिस जारी होने वाले हैं। बंदी नोटिस जारी होते ही उद्योगों को बंद करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक काशीपुर के 20 उद्योगों पर ताला लगना है। इसके अलावा रुद्रपुर के 16 और सितारगंज सिडकुल के तीन उद्योग भी बंद होंगे। डॉ. कंसल ने बताया कि पीसीबी रेड कैटेगिरी में शामिल उद्योगों को पांच वर्ष, ऑरेंज कैटेगिरी के उद्योगों को 10 और ग्रीन कैटेगिरी के उद्योगों को 15 वर्ष तक की अनुमति देता है।
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