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Tehri News: 12 साल से लटका है दो किमी सड़क का निर्माण कार्य

Wed, 16 Oct 2024 07:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी Updated Wed, 16 Oct 2024 07:16 PM IST
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The construction work of two km road is pending for 12 years
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लाॅक में वर्ष 2004-05 में स्वीकृत लालूरी-घियाकोटी-क्यार्दा की 10 किमी सड़क अधर में लटकी है। नाप भूमि पर पांच किमी सड़क वर्ष 2012 में बन गई थी। वहां से आगे दो किमी वन भूमि पर सड़क बनाने के लिए अनापत्ति का प्रस्ताव अभी तक लोनिवि और वन विभाग में घूम रहा है। दोनों विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर दोषारोपण कर अपनी जिम्मेेदारी से बच रहे हैं। इसका खामियाजा ग्रामीणों को पैदल चलकर भुगतना पड़ रहा है।
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नगुण पट्टी में लालूरी-घियाकोटी-क्यार्दा की 9.75 किमी मोटर मार्ग की स्वीकृति मिलने के लंबे समय बाद कटिंग शुरू की गई। 2012 में पांच किमी सड़क कटने के बाद आगे शेष दो किमी पर वन भूमि होने के कारण वन विभाग की एनओसी के लिए लोनिवि की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन 12 साल बाद भी सड़क बनाने के लिए वन विभाग की एनओसी नहीं मिल पाई है।
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प्रधान बबीता रमोला, देवचंद रमोला, दिनेश रमोला, रणवीर पंवार और अनिल रमोला ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि करीब 450 की आबादी वाले बिंदालकोटी गांव के लोग वर्ष 2004-05 से सड़क का सपना देख रहे हैं, लेकिन 20 साल बाद भी उनका सपना साकार नहीं हुआ। लगातार पत्राचार करने पर 2012 तक पांच किमी रोड बनी, लेकिन उससे आगे दो किमी वन भूमि पर सड़क कटिंग के लिए 12 सालों में अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है। इससे ग्रामीणों को तीन किमी पैदल चलने को मजबूर हैं। प्रधान ने बताया कि एक साल पहले वन विभाग को ढाई हेक्टेयर के बदले पांच हेक्टेयर जमीन भी दे दी गई है। बावजूद अभी तक एनओसी नहीं मिल पाई है।
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छात्रों को नापना पड़ रहा है 16 किमी पैदल
बिंदालकोटी में सड़क सुविधा नहीं होने से छात्रों को हर रोज कई परेशानियों का सामना कर स्कूल जाना पड़ रहा है। उच्च प्राथमिक से आगे की पढ़ाई के लिए गांव के बच्चे जीआईसी नागराजाधार और जीआईसी गैर नगुण जाते हैं। दोनों स्कूल गांव से आठ किमी दूर हैं। हर रोज 16 किमी का सफर कर बच्चे थक जाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
गांव के देवचंद रमोला ने बताया कि 2022 में गांव में एक युवती की तबीयत खराब हो गई थी। सड़क नहीं होने के कारण उसे अस्पताल पहुंचाने में देर होने पर उसकी मौत हो गई थी। गांव में किसी के बीमार होने उसे सड़क पहुंचाना काफी मुश्किल हो जाता है।



वन भूमि की एनओसी के लिए वन विभाग ने कुछ आपत्तियां लगाई थी। उसका निस्तारण कर फाइल वन विभाग को भेज दी गई है। वन विभाग से एनओसी मिलती है, तो सड़क कटिंग जल्द शुरू की जाएगी।

- जगदीश खाती, ईई लोनिवि चंबा।


लोनिवि की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर फिर से कुछ आपत्तियां लगाई गई है। उसके निस्तारण के लिए लोनिवि को जल्द ही पत्र भेजा जाएगा। सभी आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद ही एनओसी जारी की जाती है।
-पुनीत तोमर, डीएफओ टिहरी।
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