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Tehri News: प्रभावितों ने लगाया मांगों के अनदेखी का आरोप
Thu, 20 Nov 2025 07:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 20 Nov 2025 07:08 PM IST
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ग्रामीणों काे मुआवजा और रोजगार देने की उठाई मांग
नैनबाग (टिहरी)। लखवाड़ बांध प्रभावित ग्रामीणों का परिसंपत्तियों के मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर 28वें दिन भी धरना जारी रहा। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और कंपनी प्रबंधन पर प्रभावितों की मांगों का अनदेखी करने का आरोप लगाया।
जौनपुर-जौनसार लखवाड़ बांध प्रभावित संघर्ष समिति के सचिव महिपाल सजवाण ने कहा कि ग्रामीणों ने राष्ट्र हित के लिए अपने पैत्रिक घर और संपत्ति का बलिदान दिया है। इसके बाद भी परिसंपत्तियों के भुगतान और रोजगार के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को न्यायोचित मांगों के लिए अपना काम-धंधा छोड़कर ठंड के मौसम में धरने पर बैठना पड़ रहा है।
तब भी उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने छूटी परिसंपत्तियों के भुगतान होने तक, बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने, नौकरी से हटाएं गए सभी लोगों की बहाली सहित 22 सूत्री मांगों के निराकरण किए जाने धरना-प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। आक्रोशित प्रभावितों ने शासन-प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर शीघ्र मांगों के निराकरण की मांग उठाई। धरना देने वालों में गोविंद चौहान, सतपाल सिंह, सतीश राणा, संजय तोमर, सुरेश रावत जगत लाल डोगर, संजीव पंवार, प्रीतम रावत, दीपांशु चौहान, प्रदीप भंडारी, शूरवीर तोमर, रविंद्र रावत, कपिल तोमर, कमल शामिल थे।
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नैनबाग (टिहरी)। लखवाड़ बांध प्रभावित ग्रामीणों का परिसंपत्तियों के मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर 28वें दिन भी धरना जारी रहा। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और कंपनी प्रबंधन पर प्रभावितों की मांगों का अनदेखी करने का आरोप लगाया।
जौनपुर-जौनसार लखवाड़ बांध प्रभावित संघर्ष समिति के सचिव महिपाल सजवाण ने कहा कि ग्रामीणों ने राष्ट्र हित के लिए अपने पैत्रिक घर और संपत्ति का बलिदान दिया है। इसके बाद भी परिसंपत्तियों के भुगतान और रोजगार के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को न्यायोचित मांगों के लिए अपना काम-धंधा छोड़कर ठंड के मौसम में धरने पर बैठना पड़ रहा है।
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तब भी उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने छूटी परिसंपत्तियों के भुगतान होने तक, बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने, नौकरी से हटाएं गए सभी लोगों की बहाली सहित 22 सूत्री मांगों के निराकरण किए जाने धरना-प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। आक्रोशित प्रभावितों ने शासन-प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर शीघ्र मांगों के निराकरण की मांग उठाई। धरना देने वालों में गोविंद चौहान, सतपाल सिंह, सतीश राणा, संजय तोमर, सुरेश रावत जगत लाल डोगर, संजीव पंवार, प्रीतम रावत, दीपांशु चौहान, प्रदीप भंडारी, शूरवीर तोमर, रविंद्र रावत, कपिल तोमर, कमल शामिल थे।
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