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आवंटित भूमि पर कब्जा कर लगा दी गन्ने की फसल
नई टिहरी
Updated Tue, 16 Feb 2016 08:45 PM IST
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टिहरी बांध प्रभावितों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पुनर्वास निदेशालय ने पथरी में दो एकड़ भूमि आवंटित की है, उस पर किसी और का कब्जा होने से आवंटित भूमि पर अपना कब्जा नहीं ले पा रहे हैं। इससे परेशान ग्रामीणों ने डीएम व पुनर्वास निदेशक से भूमि पर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई है।
बांध प्रभावितों के लंबे संघर्ष के बाद पुनर्वास निदेशालय ने अगस्त 2015 में तिवाड़ गांव के चार परिवारों को पथरी भाग तीन में दो-दो एकड़ भूमि आवंटित की। उसके बाद सितंबर माह में बगैर मौके पर गए कब्जा प्रमाण पत्र भी दे दिया। इससे प्रभावितों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन जब वह आवंटित भूमि पर कब्जा लेने गए तो उनके होश उड़ गए। पीड़ित बलवीर सिंह, राकेश सिंह और दिनेश रावत ने बताया कि चारों परिवारों की भूमि पर किसी ने गन्ने की फसल लगाई हुई है।
आवंटन पत्र दिखाने पर कब्जा करने वालों ने जमीन खाली करने से मना कर दिया। पीड़ितों ने बताया कि बातचीत करने पर वह अब दो साल बाद जमीन छोड़ने की बात कह रहे हैं। बताया कि तिवाड़ गांव में उनकी पूरी भूमि पुनर्वास निदेशालय को हस्तांतरित की गई है। भवन भी जर्जर हो चुके हैं। ऐसे में वह इतने लंबे समय तक कहां रहेंगे। पीड़ितों ने पुनर्वास निदेशक से भवन प्रतिकर भुगतान देने की भी मांग की है।
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बांध प्रभावितों के लंबे संघर्ष के बाद पुनर्वास निदेशालय ने अगस्त 2015 में तिवाड़ गांव के चार परिवारों को पथरी भाग तीन में दो-दो एकड़ भूमि आवंटित की। उसके बाद सितंबर माह में बगैर मौके पर गए कब्जा प्रमाण पत्र भी दे दिया। इससे प्रभावितों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन जब वह आवंटित भूमि पर कब्जा लेने गए तो उनके होश उड़ गए। पीड़ित बलवीर सिंह, राकेश सिंह और दिनेश रावत ने बताया कि चारों परिवारों की भूमि पर किसी ने गन्ने की फसल लगाई हुई है।
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आवंटन पत्र दिखाने पर कब्जा करने वालों ने जमीन खाली करने से मना कर दिया। पीड़ितों ने बताया कि बातचीत करने पर वह अब दो साल बाद जमीन छोड़ने की बात कह रहे हैं। बताया कि तिवाड़ गांव में उनकी पूरी भूमि पुनर्वास निदेशालय को हस्तांतरित की गई है। भवन भी जर्जर हो चुके हैं। ऐसे में वह इतने लंबे समय तक कहां रहेंगे। पीड़ितों ने पुनर्वास निदेशक से भवन प्रतिकर भुगतान देने की भी मांग की है।
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