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स्कूल प्रबंधन ने आठवीं की छात्रा को ही थमा दिया नोटिस
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प्राइवेट स्कूल अपनी मनमानी कर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) का खुला उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे बच्चों के साथ ही अभिभावकों को भी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह का एक मामला यहां सेंट एथोंनी पब्लिक स्कूल मोलधार का सामने आया है। जहां स्कूल प्रबंधन ने अभिभावक को फीस जमा करने का नोटिस देने के बजाय, आठवीं में पढ़ रही छात्रा को ही चेतावनी के साथ नोटिस थमा दिया। इसमें भी दो माह के बकाए के बजाय, चार माह की फीस तत्काल भरने का आदेश दिया।
सेंट एथोंनी पब्लिक स्कूल मोलधार में पढ़ रही छात्रा के अभिभावक ने बताया कि वह किन्हीं कारणों से चार फरवरी तक दिसंबर और जनवरी की फीस नहीं भर पाए। 15 फरवरी तक दो माह मार्च तक की फीस जमा करानी है, लेकिन स्कूल के प्रधानाचार्य व ऑफिस हेड ने चार फरवरी को ही छात्रा के पास सीधे चार माह की फीस जमा कराने का नोटिस भेज दिया। लापरवाही यह भी है कि छात्रा के पास खुला नोटिस भेजकर चेतावनी भी दी कि जल्द फीस नहीं भरने पर बच्चे को वार्षिक परीक्षा में नहीं बैठने देंगे। छात्रा के पास इस तरह नोटिस भेजने से 24 फरवरी से परीक्षा की तैयारी में जुटी छात्रा मानसिक तनाव में है। अभिभावक ने कहा कि फीस महीने की 15 तारीख तक जमा करनी पड़ती है, लेकिन स्कूल ने चार फरवरी को ही दो माह के बजाए चार माह की फीस भरने का नोटिस भेजा है।
स्कूल ने इस तरह नोटिस भेजकर छात्रा का मानसिक उत्पीड़न किया है। अभिभावक को बुलाकर बताया जा सकता था। मामले में स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जाएगा।
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- सुदर्शन बिष्ट, डीईओ बेसिक नई टिहरी।
बच्चे के पास इस तरह नोटिस भेजना उचित नहीं है। ऑफिस हेड से बात करूंगा। भविष्य में इसका ध्यान रखा जाएगा।
-गौतम बिष्ट, प्रबंधक, सेंट एथोंनी पब्लिक स्कूल।
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सेंट एथोंनी पब्लिक स्कूल मोलधार में पढ़ रही छात्रा के अभिभावक ने बताया कि वह किन्हीं कारणों से चार फरवरी तक दिसंबर और जनवरी की फीस नहीं भर पाए। 15 फरवरी तक दो माह मार्च तक की फीस जमा करानी है, लेकिन स्कूल के प्रधानाचार्य व ऑफिस हेड ने चार फरवरी को ही छात्रा के पास सीधे चार माह की फीस जमा कराने का नोटिस भेज दिया। लापरवाही यह भी है कि छात्रा के पास खुला नोटिस भेजकर चेतावनी भी दी कि जल्द फीस नहीं भरने पर बच्चे को वार्षिक परीक्षा में नहीं बैठने देंगे। छात्रा के पास इस तरह नोटिस भेजने से 24 फरवरी से परीक्षा की तैयारी में जुटी छात्रा मानसिक तनाव में है। अभिभावक ने कहा कि फीस महीने की 15 तारीख तक जमा करनी पड़ती है, लेकिन स्कूल ने चार फरवरी को ही दो माह के बजाए चार माह की फीस भरने का नोटिस भेजा है।
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स्कूल ने इस तरह नोटिस भेजकर छात्रा का मानसिक उत्पीड़न किया है। अभिभावक को बुलाकर बताया जा सकता था। मामले में स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जाएगा।
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- सुदर्शन बिष्ट, डीईओ बेसिक नई टिहरी।
बच्चे के पास इस तरह नोटिस भेजना उचित नहीं है। ऑफिस हेड से बात करूंगा। भविष्य में इसका ध्यान रखा जाएगा।
-गौतम बिष्ट, प्रबंधक, सेंट एथोंनी पब्लिक स्कूल।